हरेंद्र बिष्ट की रिपोर्ट
थराली। करीब 1985के दौर तक गढ़-कुमाऊ के अलाव देश के भिन्न-भिन्न हिस्सों में सुप्रसिद्ध रहीं ग्वालदम की रामलीला आपसी विवादों की भेंट चढ़ गई थी, किंतु 2024 में ग्वालदम के उत्साही लोगों ने इस रामलीला को पुनर्जीवित कर दिया पहले ही वर्ष इस रामलीला की दूरी,दूर तक चर्चा होने लगी।इस वर्ष 9 से 19 जून तक आयोजन किया जाएगा।
बताया जा रहा हैं कि साठ के दशक के बीच गढ़वाल की पिंडर घाटी एवं कुमाऊं की कत्यूर घाटी सड़क सहित तमाम अन्य सुविधाओं से वंचित थी, ऐसे दौर गढ़-कुमऊ की मध्यस्थिति ग्वालदम में रामलीला का आयोजन शुरू किया गया,जो कि दोनों ही क्षेत्रों के बीच प्रसिद्ध होने लागी,इस रामलीला में दोनों ही मंडलों के पात्र भाग लेते थें, कालांतर में ग्वालदम में शस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की स्थापना होने के बाद इस रामलीला में देश के विभिन्न हिस्सों के पत्रों ने भी प्रतिभाग करना शुरू कर दिया और इस रामलीला की चर्चा गढ़ -कुमऊं के अलावा देश के अन्य हिस्सों में होने लगी साठ के दौर से शुरू ही ग्वालदम की रामलीला की चर्चा अस्सी के दशक तक खूब होती रही दूर- दूर से इस रामलीला को देखने एवं इसका आनन्द लेने राम भक्त ग्वालदम पहुंचते थे। बताया जाता हैं कि करीब 1983 के बीच सब कुछ ठीकठाक चलता रहा किंतु इसके बाद आयोजकों के बीच कई मुद्दों को लेकर खटखटाहट होने लगी और कालांतर में प्रसिद्ध रामलीला का आयोजन बंद हों गया। करीब 40 सालों तक बंद रही गढ़-कुमऊं की रामलीला का एक बार फिर से ग्राम पंचायत, व्यापार संघ,ममद,युमद ग्वालदम एवं अन्य राम भक्तों के सहयोग 2024 से पुनः रामलीला का आयोजन शुरू कर किया गया।सब से बड़ी बात रही कि साठ के दौरान में ग्वालदम की रामलीला एक तिरछी भूमि पर किया जाता रहा था, किंतु पिछले वर्षों राष्ट्रीय राजमार्ग सिमली-ग्वालदम के चौड़ीकरण के दौरान ग्वालदम के ग्रामीणों की मांग पर इस राजमार्ग के किनारे वन विभाग के बंगले के पास छोटे से झील के किनारे रिक्त पड़ी भूमि पर को डंपिंग यार्ड के रूप में बनाए जाने की बीआरओ से निवेदन करने पर उस स्थान को डंपिंग यार्ड के रूप में बीआरओ ने मार्ग चौड़ी कर का मलूवा यहां पर डालना शुरू कर दिया जिससे यहां पर एक खुबसूरत मैदान का निर्माण बिना पैसे खर्च कर हों गया।2024 में इस स्थान पर रामलीला शुरू होने के बाद ग्रामीणों ने इस मैदान का नाम ही रामलीला मैदान रख दिया हैं।
——-
आगामी 9 से 19 जून ग्वालदम के बीच आयोजित होने वाली रामलीला
तैयारियों की समीक्षा करने के तहत रविवार को कमेटी के अध्यक्ष हीरा सिंह बोरा की अध्यक्षता में एक बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें बताया गया कि मंगलवार को देवाल के ब्लाक प्रमुख तेजपाल रावत एवं जेष्ठ प्रमुख दीपक गड़िया बतौर मुख्य अतिथि रामलीला मैदान में रात्रि 9 बजे रामलीला का विधिवत द्घाटन करेंगे। इसके बाद भी ठीक रात्रि 9 बजे से ही आयोजन शुरू किए जाते रहेंगे। बताया गया कि रामलीला के सभी पात्रों ने भी अपनी तालिम पूरी कर ली हैं वें अपने, अपने पात्रों के तहत अपनी प्रस्तुतियां देने को तैयार हैं।इस बैठक में व्यवस्थापक कुंदन परिहार, थराली के पूर्व जेष्ठ प्रमुख महावीर शाह, हरीशों जोशी,
उपाध्यक्ष यशपाल रावत व बलवीर गड़िया, सचिव महावीर गड़िया,ग्राम प्रधान हेमलता गड़िया, जिला पंचायत सदस्य कलावती,ग्वालदम की क्षेत्र पंचायत सदस्य भावना रावत व हेमलता जोशी, महिला मंगल दल अध्यक्ष कलावती देवी, प्रदीप शाह, रोहित शर्मा आदि ने विचार व्यक्त किए।












