कमल बिष्ट/उत्तराखण्ड समाचार।
कोटद्वार। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर देवभूमि उत्कर्ष सेवा समिति के तत्वावधान में पदमपुर मोटाढांक स्थित शिव शक्ति मंदिर परिसर में समिति के कार्याध्यक्ष डॉ. रमाकांत कुकरेती की अध्यक्षता में एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पर्यावरणीय असंतुलन, जलवायु परिवर्तन तथा प्रकृति संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गंभीर चिंतन एवं मंथन किया गया।
कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित “असल देव विश्व पर्यावरण अभियान” के तहत समिति के संयोजक राम भरोसा कंडवाल ने अपनी स्वर्गीय माताजी की तृतीय पुण्यतिथि पर उनकी पावन स्मृति में एक माल्टा का फलदार पौधा मुख्य अतिथि वयोवृद्ध समाजसेवी सत्यनारायण नौटियाल के करकमलों से रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
इस अवसर पर रमाकांत कुकरेती ने अपने दिवंगत माता-पिता स्वर्गीय पंडित मथुरा प्रसाद एवं श्रीमती गेंदा देवी की पुण्य स्मृति में पर्यावरण संरक्षण एवं जनजागरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान हेतु मनमोहन काला को “पंडित मथुरा प्रसाद–गेंदा देवी हरित स्मृति सम्मान- 2026” से सम्मानित किया। सम्मान प्राप्त करने पर उपस्थित जनसमूह ने उनका अभिनंदन किया।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि (सेनि) कैप्टन जनार्दन प्रसाद बुड़ाकोटी एवं शिक्षाविद् दिनेश चौधरी रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। संस्कृत भारती के जिलाध्यक्ष आचार्य रोशन गौड़ ने वैदिक स्वस्तिवाचन प्रस्तुत किया, जबकि गेप्स की सांस्कृतिक प्रभारी रेखा ध्यानी द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना ने वातावरण को भक्तिमय एवं प्रेरणादायी बना दिया।
इंजीनियर जगत सिंह नेगी ने सम्मानित व्यक्तित्व मनमोहन काला के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। समिति के महासचिव डॉ. सुंदर लाल जोशी ने स्वर्गीय पंडित मथुरा प्रसाद एवं श्रीमती गेंदा देवी के सामाजिक एवं मानवीय योगदान को स्मरण करते हुए उनके जीवन मूल्यों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। संयोजक राम भरोसा कंडवाल ने विश्व पर्यावरण दिवस के इतिहास, महत्व तथा वर्ष 2026 की थीम पर प्रकाश डालते हुए प्रकृति संरक्षण को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया।
गोष्ठी को संबोधित करते हुए आचार्य रोशन गौड़, दिनेश चौधरी, इंजीनियर जगत सिंह नेगी सहित सभी वक्ताओं ने पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण और जनभागीदारी की आवश्यकता पर बल दिया। मुख्य अतिथि पर्यावरण प्रेमी सत्यनारायण नौटियाल ने संस्था के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि “वृक्ष लगाना अपेक्षाकृत सरल है, किंतु उनका संरक्षण व संवर्धन करना वास्तविक जिम्मेदारी है। यदि प्रत्येक व्यक्ति लगाए गए पौधे को वृक्ष बनने तक संरक्षित करे, तो पर्यावरणीय संकटों का प्रभावी समाधान संभव है।”
कार्यक्रम का सफल संचालन राम भरोसा कंडवाल ने किया।
इस अवसर पर डॉ. रमाकांत कुकरेती, सत्यनारायण नौटियाल, मनमोहन काला, भारत मोहन काला, डॉ. सुंदर लाल जोशी, रेखा ध्यानी, प्रेम प्रकाश पसबोला, दिनेश चौधरी, नंदन सिंह नेगी, जगमोहन सिंह गुसाईं, कैप्टन (सेनि.) जनार्दन प्रसाद बुड़ाकोटी, आचार्य रोशन गौड़, इंजीनियर जगत सिंह नेगी एवं राम भरोसा कंडवाल सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।











