डोईवाला, (प्रियांशु सक्सेना)। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर केंद्र सरकार की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ शुक्रवार को प्रतिरोध दिवस मनाया गया। संयुक्त किसान मोर्चा से जुड़े किसानों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर डोईवाला तहसील मुख्यालय पर प्रदर्शन किया और एसडीएम के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति को ज्ञापन प्रेषित किया। शुक्रवार को सुबह करीब 11 बजे संयुक्त किसान मोर्चा से जुड़े किसान डोईवाला गन्ना समिति के किसान भवन में एकत्र हुए।
इसके बाद जोरदार नारेबाजी करते हुए डोईवाला तहसील मुख्यालय पहुंचे और केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। संयुक्त किसान मोर्चा के संयोजक ताजेंद्र सिंह ने कहा कि किसानों की समस्याओं को लेकर केंद्र सरकार गंभीर नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों की आय दोगुनी करने का दावा करने वाली सरकार, बीज कानून 2025 और बिजली कानून 2025 जैसे किसान विरोधी कानून लाकर किसानों को कमजोर करने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सी2+50 प्रतिशत के अनुसार न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी आज तक नहीं दी गई, जिससे साफ है कि केंद्र सरकार केवल पूंजीपतियों के हितों में काम कर रही है। उन्होंने बीज कानून और बिजली बिल को तुरंत वापस लेने की मांग की। उत्तराखंड किसान सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष गंगाधर नौटियाल ने कहा कि केंद्र सरकार मनमाने ढंग से फैसले लेकर किसानों को कमजोर कर रही है और झूठे वादों से उन्हें गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देशभर में मनाया जा रहा प्रतिरोध दिवस किसानों की नाराजगी को दर्शाता है। उन्होंने किसानों की संपूर्ण कर्ज माफी की मांग करते हुए कहा कि साल में तीन–चार बार ₹2000 की सहायता से किसानों का कोई भला नहीं होने वाला है। किसान सभा के जिला अध्यक्ष दलजीत सिंह एवं गन्ना समिति के पूर्व अध्यक्ष मनोज नौटियाल ने कहा कि उधमसिंह नगर निवासी किसान सुखवंत सिंह भू-माफियाओं और पुलिस अधिकारियों के कथित उत्पीड़न से आत्महत्या करने को मजबूर हुआ। उन्होंने राज्य सरकार से मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। सीआईटीयू के जिला अध्यक्ष कृष्ण गुनियाल ने कहा कि केंद्र सरकार ने चार श्रम संहिताएं लागू कर मजदूरों और कर्मचारियों के अधिकारों पर कुठाराघात किया है। उन्होंने चारों श्रम संहिताओं को वापस लेने, 29 पुराने श्रम कानून बहाल करने और मनरेगा को मजबूत करने की मांग की। साथ ही मजदूरों की न्यूनतम मासिक आय 26 हजार रुपये घोषित करने की मांग की। किसान यूनियन चढ़ूनी के प्रदेश अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह और जिला अध्यक्ष गुरदीप सिंह ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने ज्ञापन में उठाई गई मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं की तो किसान बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। किसान सभा के मंडल अध्यक्ष बलवीर सिंह, सचिव याकूब अली, ज़ाहिद अंजुम, कृषक फेडरेशन के अध्यक्ष उमेद बोरा, फुरकान अहमद कुरेशी, साकिर हुसैन आदि ने भी किसानों को संबोधित किया। प्रदर्शन में सरजीत सिंह, गुरपाल सिंह, प्रेम सिंह पाल, भविन्द्र सिंह, पूरन सिंह, ज्ञान सिंह, सरजीत सिंह, सरदार गुरचरण सिंह, सिंगाराम, सुहाना अहमद, अवतार सिंह, थॉमस मेसी, न्यूटन आइंस्टिन आदि थे।











