
फोटो- 1-कपाट खुलने के बाद भगवान भविष्य बदरी के श्रीविगृह का किया गया श्रृंगार।
2- उच्च हिमायल में स्थित भगवान वंशीनारायण मंदिर के कपाट भी खुले।
प्रकाश कपरूवाण
जोशीमठ। भविष्य बदरी व वंशीनारायण के कपाट भी दर्शनार्थ खुले।
भगवान बदरीविशाल के कपाट खुलने के साथ पूर्व धार्मिक एवं मान्य पंरपरानुसार भगवान भविष्य बदरी व उच्च हिमालयी क्षेत्र मे स्थित भगवान वंशीनारायण के कपाट भी ग्रीष्मकाल के लिए पूरे विधि-विधान के साथ खोल दिए गए है। पंच बदरी मे एक भविष्य बदरी का पौराणिक मंदिर सुभाॅई गाॅव मे स्थित है। यहाॅ भगवान बदरीनाथ की ही तर्ज पर पूजा एवं अभिषेक पूजाएं संपादित की जाती है। और कपाट खुलने व कपाट बंद होने का मुहुर्त भी एक ही होता है।
कोराना महामारी का असर भविष्य बदरी व वंशीनारायण मंदिर के कपाटोदधाटन पर देखा गया। यहाॅ भी बेहद कम संख्या मे भक्त गण देखे गए। देवस्थानम बोर्ड के पुजारी पंडित हनुमान प्रसाद डिमरी ने सुभाॅई के ग्रामीणों की मौजूदगी मे ब्रहम बेला पर भगवान भविष्य बदरी के कपाट खोले। विधिवत पूजा/अर्चना व भगवान का अभिषेक किया गया। मंदिर के पुजारी श्री डिमरी,, सुभाॅई के कलम सिंह रावत , महेन्द्र सिंह सौरभ सिंह आदि ग्रामीणों ने भगवान भविष्य बदरी से विश्व को कोरोना से मुक्ति दिलाने की प्रार्थना की।
इधर उच्च हिमालयी बुग्यालों के बीच अवस्थित भगवान वंशीनारायण के कपाट भी शुक्रवार को तय मुहुर्त के अनुसार खोल दिए गए। दूरस्थ गाॅव कलगोठ के पुजारी दलीप ंिसह चैहान व एक अन्य भक्त कलगोठ से 6किमी की पैदल दूरी कर बीती सांय को वंशीनारायण पंहुच गए थें अन्य वर्षो मे कलगोठ गाॅव के ग्रामीण वारीवार कपाट खुलने के दिन ही वहाॅ पंहुचकर भगवान का पूजन/अर्चन व अभिषेक करते थे। लेकिन बीते साल ग्रामीणों ने मंदिर के पास ही धर्मशाला का निर्माण कर दिया है।और मंदिर का भी जीर्णोद्धार गत वर्ष ही किया गया था। पंच केदारों की यात्रा करने वाले पर्यटक व तीर्थयात्री भी रूद्रनाथ होते हुए वशीनारायण के दर्शन करते हुए कल्पनाथ-उर्गम पंहुचते है। इनमे बंगाली पर्यटको की संख्या ज्यादा रहती है।
इस वर्ष के पुजारी व पूर्व प्रधान दलीप ंिसहं चैहान के अनुसार पहले यहाॅ पर आवासीय ब्यवस्था नही होने के कारण इस रमणीक स्थल मे चाह कर भी कोई ठहर नही सकता था। लेकन गत वर्ष ग्रामीणों ने मंदिर के समीप ही धर्मशाला का निर्माण किया है। अब रात्रि विश्राम करने वाले पर्यटको को आवासीय समस्या नही रहेगी।
भगवान वंशीनारायण के कपाटोदघाटन के मौके पर पुजारी दलीप सिंह के अलावा अब्बल सिंह , गीती देवी, लक्ष्मी देवी, सहित सीमित संख्या मे लोग मौजूद रहे।