• About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact
Uttarakhand Samachar
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
Uttarakhand Samachar
No Result
View All Result

ऑपरेशन सिंदूर’ के पीछे छिपा है गहरा भाव

07/05/25
in उत्तराखंड, देहरादून
Reading Time: 1min read
46
SHARES
58
VIEWS
Share on FacebookShare on WhatsAppShare on Twitter

डॉ. हरीश चन्द्र अन्डोला
जम्मू कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को जो हुआ, वो माफी योग्य नहीं था। उस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था। इसी के जवाबी कार्रवाई को लेकर भारत सरकार ने ऑपरेशन चलाकर आतंकियों के नौ ठिकानों खत्म कर दिया। इसे ऑपरेशन सिंदूर का नाम दिया गया। यह कोई साधारण शब्द नहीं है इसके पीछे गहरा भाव जुड़ा हुआ है पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारतीय सेनाओं ऑपरेशन सिंदूर चलाया। भारतीय संस्कृति में सिंदूर का बेहद महत्व होता है। इसे विवाहित महिलाओं के सुहाग और सम्मान का प्रतीक माना है। पहलगाम हमले के बाद सबसे ज्यादा महिलाओं के आहट होने की खबर सामने आ रही थी। कई नवविवाहित जोड़ों को उनके आंखों के सामने जुदा कर दिया गया। ऑपरेशन सिंदूर इन्हीं महिलाओं के सम्मान में नाम दिया गया। यह ऑपरेशन आतंकवादियों को सबक सिखाने के साथ साथ इन परिवारों के प्रति भारत की संवेदना और संकल्प को भी दर्शाता था। पहलगाम हमले के बाद शासन प्रशासन लगातार गुप्त बैठक कर रही थी। इन बैठकों में पीएम मोदी ने साफ संदेश दिया था कि पहलगाम हमले में आतंकियों ने हमारी कई महिलाओं को विधवा किया और पुरुषों को मारकर सिंधूर हटाया है। हमें इसका जवाब देते हुए बड़ी कार्रवाई करनी है। पीएम ने इसी कारण इस सैन्य ऑपरेशन का नाम ‘मिशन सिंदूर’ रखा था।  भारत द्वारा पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में 9 आतंकी ठिकानों पर की गई रातभर की एयरस्ट्राइक के बाद देश में सैन्य सतर्कता को तेज कर दिया गया है. गृह मंत्री अमित शाह ने सभी अर्धसैनिक बलों के प्रमुखों को निर्देश दिया है कि जो भी जवान छुट्टी पर हैं, उन्हें तुरंत ड्यूटी पर बुलाया जाए. सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह कदम पाकिस्तान सीमा पर बढ़ते तनाव के मद्देनज़र उठाया गया है. सूत्रों के मुताबिक, खुफिया जानकारी के आधार पर वायुसेना के हमलों में जैश-ए-मोहम्मद के चार, लश्कर-ए-तैयबा के 3 और हिज्बुल मुजाहिदीन के 2 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया. रक्षा सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तानी सेना ने कल रात जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा के पार चौकियों से तोपखाने से गोलाबारी सहित मनमाने तरीके से गोलीबारी की. वहीं, पाकिस्तान की भारी गोलाबारी के कारण पुंछ शहर में बड़े पैमाने पर पलायन की खबरें मिल रही हैं.एयरलाइन ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “अमृतसर जाने वाली दो अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को दिल्ली भेजा जा रहा है। इस अप्रत्याशित व्यवधान के कारण हुई असुविधा के लिए हमें खेद है.” स्पाइसजेट के अनुसार, मौजूदा स्थिति के कारण धर्मशाला (डीएचएम), लेह (आईएक्सएल), जम्मू (आईएक्सजे), श्रीनगर (एसएक्सआर) और अमृतसर (एटीक्यू) सहित उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में हवाई अड्डे अगले आदेश तक बंद हैं.एयरलाइन ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “प्रस्थान, आगमन और परिणामी उड़ानें प्रभावित हो सकती हैं.” इंडिगो ने कहा कि क्षेत्र में हवाई क्षेत्र की बदलती परिस्थितियों के कारण श्रीनगर, जम्मू, अमृतसर, लेह, चंडीगढ़ और धर्मशाला से आने-जाने वाली उड़ानें प्रभावित हुई हैं. भारतीय सशस्त्र बलों ने बुधवार को तड़के पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में नौ आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए, जिनमें जैश-ए-मोहम्मद का गढ़ बहावलपुर और लश्कर-ए-तैयबा का अड्डा मुरीदके शामिल है.पहलगाम में हुए आतंकी हमले का बदला ले लिया गया है. एनएसए ने एक्स पोस्ट पर लिखा, ‘भारत माता की जय’. भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए जाने के मद्देनजर हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंध के बीच भारतीय एयरलाइनों ने जम्मू और श्रीनगर सहित विभिन्न शहरों के लिए अपनी उड़ानें रद्द कर दी हैं. एयर इंडिया ने कहा कि मौजूदा स्थिति को देखते हुए एयरलाइन ने जम्मू, श्रीनगर, लेह, जोधपुर, अमृतसर, भुज, जामनगर, चंडीगढ़ और राजकोट के लिए अपनी सभी उड़ानें दोपहर तक रद्द कर दी हैं. भारत के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर चीन के विदेश मंत्रालय की तरफ से बयान सामने आया है। चीन की तरफ से भारत के इस एक्शन पर अफसोस जताया गया है। इस बयान में चीन की तरफ से भारत और पाकिस्तान, दोनों से शांति और स्थिरता को प्राथमिकता देने, शांत रहने और संयम बरतने का आह्वान किया गया है। डिफेंस विशेषज्ञों का मानना है कि इस नाम के पीछे गहरा मानवीय भाव जुड़ा हुआ है. दरअसल, पहलगाम में हुए आतंकी हमले में कई ऐसे नवविवाहित जोड़े निशाना बने, जो हनीमून के लिए घाटी पहुंचे थे. इन हमलों ने कई नवविवाहित महिलाओं के सिर से सिंदूर का अधिकार छीन लिया. इन्हीं आंसुओं और पीड़ा की गूंज बनी भारत की यह जवाबी कार्रवाई ऑपरेशन सिंदूर’ न केवल एक सैन्य अभियान है, बल्कि यह एक प्रतीक है, शौर्य, संयम और संकल्प का। यह उस दर्द का उत्तर है, जो भारत ने वर्षों तक झेला है। कश्मीर की घाटियों में लहू बहता रहा, आरती की थालियाँ बुझती रहीं, सैनिकों की वर्दियाँ तिरंगे में लिपटी रहीं। किन्तु अब भारत ने स्पष्ट कर दिया है, शांति उसकी पसंद है, किंतु कमजोरी नहीं।पाकिस्तान की बौखलाहट इस बात की गवाही है कि चोट गहरी है। वह बयान बदल रहा है, झूठ और असमंजस की चादर में छिपने का प्रयास कर रहा है। लेकिन ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने उसकी सीमाओं के भीतर बैठे उन ‘पालित पिशाचों’ को ललकारा है, जिनकी जड़ों में भारत के निर्दाेषों का रक्त है। चाणक्य के वचन इस प्रसंग में स्मरणीय हो उठते हैं, ‘आग के साथ आग बन मिलो, पानी से बन पानी, गरल का उत्तर है प्रतिगरल, यही कहते जग के ज्ञानी।’ सचमुच, गरल का उत्तर प्रतिगरल ही है। यह कोई प्रतिशोध नहीं, यह सामने वालों के अनैतिक और अमानवीय कृत्य का उत्तर है, जैसे को तैसा, किंतु नैतिक मर्यादा की सीमा में। जब एक लोकतांत्रिक व्यवस्था में सत्ता पक्ष और विपक्ष राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर एकत्र होते हैं, तब देश की आत्मा मजबूत होती है। नेता प्रतिपक्ष, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और सेना प्रमुखों के साथ निरंतर विमर्श से यह स्पष्ट हो गया था कि अब शब्द नहीं, शौर्य का समय है। जिनकी नई-नई शादी हुई थी. एक महिला की तो कुछ दिनों पहले ही शादी हुई थी. इस महिला को अपने पति के शव के साथ बैठे देख लोगों की आंखों में आंसू आ गए थे. इन महिलाओं के दुख को पूरे ने महसूस किया था. प्रधानमंत्री ने भी इस हमले के बाद कहा था कि आतंकियों को बख्‍शा नहीं जाएगा. भारतीय ने सेना ने देश के लोगों के आंसुओं का बदला ऑपरेशन सिंदूर से लिया है. संदेश साफ है कि सिंदूर उजाड़ने का करारा जवाब मिलेगा, फिर दुश्‍मन किसी भी जगह छिपा क्‍यों न हो. उन्हें शत-शत नमन। *लेखक विज्ञान व तकनीकी विषयों के जानकार दून विश्वविद्यालय में कार्यरत हैं।*

Share18SendTweet12
Previous Post

भारतीय सेना की पाकिस्तान पर निर्णायक कार्रवाई पर विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूड़ी भूषण ने छात्रों संग मनाया उत्सव

Next Post

चारधाम यात्रा, राष्ट्रीय प्रतिष्ठानों की सुरक्षा बढ़ाई जाए- मुख्यमंत्री

Related Posts

उत्तराखंड

मुख्यमंत्री ने हर घर तिरंगा यात्रा कार्यक्रम में किया प्रतिभाग

August 9, 2026
9
उत्तराखंड

डिब्बे में फंस गया विशाल मॉनिटर लिजर्ड का सिर, शिक्षिका और युवक ने बचाई जान

August 9, 2026
10
उत्तराखंड

समय के साथ उधड़ने लगी हथकरघे से बुनी विरासत

August 9, 2026
6
उत्तराखंड

डोईवाला: साईं सृजन पटल ने मनाया द्वितीय स्थापना दिवस

August 9, 2026
16
उत्तराखंड

डोईवाला: जेसीबी की मदद से सोंग नदी पर फिर तैयार किया अस्थायी बांध

August 9, 2026
26
उत्तराखंड

देहरादून एयरपोर्ट की जिप्सम फॉल्स सीलिंग का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त

August 9, 2026
9

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Popular Stories

  • चार जिलों के जिलाधिकारी बदले गए

    67718 shares
    Share 27087 Tweet 16930
  • डोईवाला : पुलिस,पीएसी व आईआरबी के जवानों का आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण सम्पन्न

    45787 shares
    Share 18315 Tweet 11447
  • ऑपरेशन कामधेनु को सफल बनाये हेतु जनपद के अन्य विभागों से मांगा गया सहयोग

    38074 shares
    Share 15230 Tweet 9519
  •  ढहते घर, गिरती दीवारें, दिलों में खौफ… जोशीमठ ही नहीं

    37453 shares
    Share 14981 Tweet 9363
  • विकासखंड देवाल क्षेत्र की होनहार छात्रा ज्योति बिष्ट ने किया उत्तराखंड का नाम रोशन

    37374 shares
    Share 14950 Tweet 9344

Stay Connected

संपादक- शंकर सिंह भाटिया

पता- ग्राम एवं पोस्ट आफिस- नागल ज्वालापुर, डोईवाला, जनपद-देहरादून, पिन-248140

फ़ोन- 9837887384

ईमेल- shankar.bhatia25@gmail.com

 

Uttarakhand Samachar

उत्तराखंड समाचार डाॅट काम वेबसाइड 2015 से खासकर हिमालय क्षेत्र के समाचारों, सरोकारों को समर्पित एक समाचार पोर्टल है। इस पोर्टल के माध्यम से हम मध्य हिमालय क्षेत्र के गांवों, गाड़, गधेरों, शहरों, कस्बों और पर्यावरण की खबरों पर फोकस करते हैं। हमारी कोशिश है कि आपको इस वंचित क्षेत्र की छिपी हुई सूचनाएं पहुंचा सकें।
संपादक

Browse by Category

  • Bitcoin News
  • Education
  • अल्मोड़ा
  • अवर्गीकृत
  • उत्तरकाशी
  • उत्तराखंड
  • उधमसिंह नगर
  • ऋषिकेश
  • कालसी
  • केदारनाथ
  • कोटद्वार
  • क्राइम
  • खेल
  • चकराता
  • चमोली
  • चम्पावत
  • जॉब
  • जोशीमठ
  • जौनसार
  • टिहरी
  • डोईवाला
  • दुनिया
  • देहरादून
  • नैनीताल
  • पर्यटन
  • पिथौरागढ़
  • पौड़ी गढ़वाल
  • बद्रीनाथ
  • बागेश्वर
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • रुद्रप्रयाग
  • रुद्रप्रयाग
  • विकासनगर
  • वीडियो
  • संपादकीय
  • संस्कृति
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • साहिया
  • हरिद्वार
  • हेल्थ

Recent News

मुख्यमंत्री ने हर घर तिरंगा यात्रा कार्यक्रम में किया प्रतिभाग

August 9, 2026

डिब्बे में फंस गया विशाल मॉनिटर लिजर्ड का सिर, शिक्षिका और युवक ने बचाई जान

August 9, 2026
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.