देहरादून। एक तरफ दिल्ली में मंदिर तोड़ने की घटना के विरोध में धर्म सुरक्षा संघर्ष समिति के जुलूस में शामिल होने जा रहे लोग, दूसरी तरफ तबरेज की माॅब लिंचिंग के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे दूसरे समुदाय के लोग। दोनों समुदायों के आमने-सामने आने से हालात इस कदर बिगड़ गया कि परेड ग्राउंड जा रहे युवक इन्नामुल्ला बिल्डिंग के पास दूसरे समुदाय के लोगों से भिड़ गए। इसी दौरान असमाजिक तत्वों ने पत्थर फेंककर तनाव और बढ़ा दिया। तनावपूर्ण हालात में धड़ाधड़ दुकानों के शटर गिर गए।
साथियों से मारपीट की सूचना पर परेड ग्राउंड से बड़ी संख्या में युवक इन्नामुल्ला बिल्डिंग की ओर दौड़ पड़े। टकराव की नौबत देख पुलिस ने इन्हें तहसील चौक पर ही रोक दिया। काफी देर पुलिस से उलझने के बाद वापस परेड ग्राउंड लौटे, लेकिन लौटते वक्त दर्शनलाल चौक के पास कुछ युवकों ने एक ठेली वाले की पिटाई कर दी। पुलिस ने लाठियां फटकारकर उन्हें खदेड़ा। पुलिस और संघर्ष समिति के बीच परेड ग्राउंड में दुबारा जुलूस निकालने को लेकर काफी देर तक टकराव होता रहा। बाद में कार्यकर्ता पुलिस बैरिकेट तोड़कर डीएम कार्यालय ज्ञापन देने पहुंचे।
इस पूरे घटनाक्रम के चलते करीब ढाई घंटे तक शहर में अफरा-तफरी और प्रिंस चैक से दर्शनलाल चैक तक जाम की स्थिति बनी रही। इसकी शुरूआत सुबह उस समय हुई जब परेड ग्राउंड में एकत्र होने नारेबाजी करते हुए जा रहे पटेलनगर के कार्यकर्ता आशीष चौहानए अरूण गुप्ताए रवि चौहानए शैलेन्द्र चौहानए विकास चौहान आदि पर इन्नामुल्ला बिल्डिंग के पास खड़े कुछ युवकों ने गाली गलौच और मारपीट शुरू कर दी। इन पर पथराव भी किया गया। मौके पर चीता पुलिस के आ जाने से ये कार्यकर्ता हमलावरों के चंगुल से निकले और हमले की सूचना परेड ग्राउंड में इंतजार कर रहे पदाधिकारियों को दी। इसके बाद प्रदर्शनकारी बेहद गर्म तेवर लिए झंडे.डंडों के साथ इन्नामुल्ला बिल्डिंग की ओर बढ़ने लगे। पुलिस ने अनहोनी की आशंका को देखते हुए तहसील चौक से पहले घेरा डालकर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। उस समय भी दूसरा पक्ष बिल्डिंग की तरफ बड़ी तादाद में मौजूद था। समिति कार्यकर्ता दूसरी ओर आगे बढ़ने देने की मांग के साथ पुलिस पर दबाव बना रहे थे। जिससे कई बार लाठीचार्ज की स्थितियां बनी। लेकिन पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी समझदारी से कार्यकर्ताओं को लौटाने में कामयाब रहे।











