
आज विश्व पर्यायवरण दिवस पर माननीय पूर्व मुख्यमंत्री, सांसद हरिद्वार त्रिवेन्द्र सिंह रावत द्वारा दून विश्वविद्यालय परिसर में पौधा रोपण का शुभाम्भ किया गया। डॉ. अंडोला ने इस उपलब्धि को दून विश्वविद्यालय के कुलपति, कुलसचिव, पर्यायवरण संकाय से संकायाध्यक्ष के शिक्षण गणों एवं कर्मचारियों के साथ पर्यायवरण विभाग के प्रयोगशाला का भ्रमण कर निरक्षण किया गया जिसमें संकाया से सम्बन्धित शोधार्थियों की जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर डॉ. हरीश चन्द्र अंडोला ने नई शिक्षा नीति पर, रसायन विज्ञान पर लिखी किताबों पर द्वारा प्रो. बिपिन चन्द्र जोशी दून विश्वविद्यालय के डॉ. हरीश चन्द्र अंडोला एवं प्रोफसर बिपिन व सुरेश चन्द्र अंडोला जी की पुस्तक को जिन्होंने नई शिक्षा नीति पर, रसायन विज्ञान पर लिखी किताबों पर द्वारा लेखक के प्रयास को सराहनीय बताया और लेखकों को बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विश्वविद्यालय व महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा इनका अध्ययन किया जाना चाहिए। दून विश्वविद्यालय के डॉ. हरीश चन्द्र अंडोला को नई शिक्षा नीति पर, रसायन विज्ञान के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है.। प्ररेण स्तोत्र प्रो. एम.एस.एम. रावत और निवर्तमान सलाहकार प्रो. के.डी. पुरोहित से मिली प्रेरणा का परिणाम बताया। उन्होंने इसका श्रेय अपने गुरुजनों, लेखकों द्वारा उच्च शिक्षा विभाग प्रो ए. स. उनियाल, कुमाऊँ विश्वविद्यालय के कुलपति सचिव, उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय कुलसचिव, श्री के आर भट्ट जी, डॉ. ममता नैथानी, डॉ. प्रमोद डोबरियाल, डॉ. बिपिन कुमार चैबे, सहनिदेशक डॉ. बेर्जेश बनकोटी उपकुलसचिव तकनकी यूनिवर्सिटी एवं सहयोगियों और स्नेहीजनों को समर्पित किया। उन्होंने पर्यावरण विभाग, दून विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं, विश्वविद्यालय प्रशासन तथा क्षेत्रीय कार्यालय, उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों और युगबाणी के मुख्य संवाददाता श्री जगमोहन रौतेला, कुनाल पब्लिकेशन के प्रकाशक श्री प्रेम सिंह बिष्ट द्वारा पुस्तको के संकलन लेखको द्वारा आभार व्यक्त किया गया।











