डोईवाला, (प्रियांशु सक्सेना)। केंद्रीय पेट्रोरसायन अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (सिपेट), डोईवाला में राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड), देहरादून द्वारा प्रायोजित कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत छात्र संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रशिक्षणार्थियों से संवाद स्थापित कर प्रशिक्षण की गुणवत्ता का मूल्यांकन करना तथा उन्हें कौशल विकास एवं रोजगार के प्रति प्रेरित करना था।
नाबार्ड के सीएसआर उप महाप्रबंधक एचपी चंदेल ने कहा कि उद्योग समर्थित कौशल विकास कार्यक्रम देश के विनिर्माण क्षेत्र के लिए दक्ष एवं प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को अनुशासन, समर्पण एवं सकारात्मक सोच के साथ प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान अभ्यर्थियों को प्लास्टिक्स प्रोसेसिंग, मशीन संचालन, औद्योगिक सुरक्षा तथा आधुनिक विनिर्माण तकनीकों से संबंधित व्यावहारिक एवं उद्योगोन्मुखी प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है, जिससे वे रोजगार एवं स्वरोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त करने में सक्षम बनेंगे।
सहायक प्रबंधक स्वाति कनौजिया ने विशेष रूप से महिला प्रशिक्षणार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि वे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें, अपने कौशल का निरंतर विकास करें तथा राष्ट्र निर्माण और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने में सक्रिय भूमिका निभाएँ।
सिपेट के सहायक तकनीकी अधिकारी पंकज फुलारा ने कहा कि इस प्रकार की उद्योग समर्थित पहलें युवाओं के कौशल विकास, रोजगार सृजन तथा देश के औद्योगिक विकास को नई दिशा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सिपेट एवं नाबार्ड के संयुक्त प्रयासों से भविष्य में भी ऐसे कौशल विकास कार्यक्रम युवाओं के सशक्तिकरण एवं राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देते रहेंगे।











