सीमांत क्षेत्र की विकट समस्याएं मुख्य सचिव को बताईं

94

फोटो- राज्य सचिवालय मे मुख्य सचिव को ज्ञापन देते हुए क्षेत्र प्रमुख हरीश परमार व अन्य ।
प्रकाश कपरूवाण
जोशीमठ। सीमांत विकास ख्ंाड जोशीमठ की अनेक समस्याआंे को लेकर क्षेत्र प्रमुख हरीश परमार के नेतृत्व मंे प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य सचिव से भेंट की।
स्ूाूबे के मुख्य सचिव उत्पल कुमार को मिले प्रतिनिधि मंडल मे ज्ञापन देते हुए सीमांत क्षेत्र जोशीमठ की विभिन्न ज्वलंत समस्याओ के त्वरित निराकरण का आग्रह किया गया है। ज्ञापन मे नीती घाटी मे स्थित प्रख्यात टिम्मर सैंण महादेव-बर्फनी बाबा की यात्रा शीतकाल मे शुरू किए जाने,नीती घाटी के साथ ही दूरस्थ क्षेत्र डुमक-कलगोठ व किमाणा को सचंार सुविधा से जोडने, पीएमजीएसवाई के तहत स्वीकृत हेलंग-अरोसी- ग्वांणा-पिलखी व भेंटा चक उर्गम-गीरा बाॅसा की निविदाए आमंत्रित की जा चुकी है लेकिन इसके लिए 15प्रतिशत अधिक धनराशि की आवश्यकता है जिसे राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत किया जाना हैं शीध्र ही 15प्रतिशत धनराशि स्वीकृति कराने,उर्गम घाटी मे स्थित पंच केदारो मे एक भगवान कल्पनाथ क्षेत्र को अध्यात्मिक डिस्टिनेशन के रूपम े विकसित कराने, लंगसी-द्वींग से लाॅजी-पोखनी मोटर मार्ग का निर्माण शुरू कराने, जोशीमठ विकास ख्ंाड मुख्यालय परिसर मे पंचायत प्रतिनिधियों के लिए हास्टल निर्माण की स्वीकृति दिए जाने, के साथ ही नीती-माणा घाटियों से कैलाश्ज्ञ मानसरोवर यात्रा व दो तरफा ब्यापार शुरू कराने का आग्रह किया गया है।
क्षेत्र प्रमुख हरीश परमार के नेतृत्व मे मुख्य सचिव से मिले प्रतिनिधिमंडल मे कल्प क्षेत्र विकास आंदोलन के सचिव लक्ष्मण सिंह नेगी ,देवग्राम के प्रधान देवेन्द्र सिह रावत शामिल थे। क्षेत्र प्रमुख श्री परमार ने बताया कि मुख्य सचिव उत्पल कुमार जोशीमठ की विषम भौगोलिक परिस्थितियों से वाकिफ है और पूर्व उद्यान सचिव रहते हुए उन्होने उर्गम घाटी का भ्रमण कर प्रवास भी किया है। बताया कि मुख्य सचिव ने पैनख्ंाडा जोशीमठ की समस्याओ को गंभीरता से सुना और उनके निदान का आश्वासन दिया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here