कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी पार्टी की देहरादून में आयोजित विजय सम्मान रैली में भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमलावर मूड में रहे। उन्होंने दस से अधिक ऐसे मुद्दे उठाकर भाजपा सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि उनके परिवार ने शहादत दी है, इसी तरह उत्तराखंड के हजारों सैन्य परिवारों ने शहादत की चोट खाई है, वे लोग इस कष्ट को कैसे महसूस कर सकते हैं, जिन्होंने इसे महसूस ही नहीं किया।
परेड ग्राउंड में आयोजित जनसभा उन्होंने जनरल बिपिन रावत को श्रद्धांजलि देकर अपने भाषण की शुरूआत की। उन्होंने जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी मधुलिका रावत और सेना के जवानों को नमन किया और शोक जताया।
50 साल पहले आज ही के दिन बांग्लादेश निर्माण का निर्माण हुआ था, पाकिस्तान पर ऐतिहासिक विजय हासिल कर देश को गौरवान्वित किया। 1971 के युद्ध में इंदिरा गांधी के योगदान को उन्होंने याद किया। इस दौरान उन्होंने पूर्व सैनिकों और शहीद सैनिकों के परिजनों को प्रियदर्शनी सैन्य सम्मान दिए।
उन्होंने उत्तराखंड की सैन्य परंपरा और श्हादत की परंपरा के साथ अपने परिवार का संबंध जोड़ा, कहा कि उनके परिवार ने दो-दो शहादतें दी हैं। उन्होंने कहा कि वे शहादत का दर्द कैसे महसूस कर सकते हैं, जिन्होंने इसे करीब से देखा ही नहीं।
उन्होंने भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि यह ऐसी सरकार है, जिसे देश से कोई लेना, देना नहीं है, उन्होंने आरोप लगाया कि सिर्फ दो उद्योगपतियों के लिए देश को बेचा जा रहा है।
कृषि कानून की वापसी और किसानों से माफी मांगने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बयान को भी उन्होंने अपने हमले का आधार बनाया। उन्होंने कहा कि यदि सरकार अपनी गलती मानती है तो आंदोलन में अपनी जान गंवाने वाले किसानों को मुआवजा क्यों नहीं दिया जा रहा है।
उन्होंने सरकार पर छोटे उद्यमियों को समाप्त करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब तक भाजपा सरकार केंद्र से नहीं हटती है, तब तक हालात नहीं सुधरने वाले हैं। युवाओं को दो चार उद्यमी रोजगार नहीं दे सकते हैं, पूरे देश में फैले छोटे उद्यमी वृहद स्तर पर रोजगार दे सकते हैं, उनका जीवित रहना बहुत जरूरी है, भाजपा उनको समूल समाप्त करने में जुटी हुई है।
उन्होंने बार-बार दो तीन उद्यमियों के लिए काम करने का आरोप भाजपा सरकार पर लगाए। राहुल गांधी ने कहा कि 1971 में देश मजबूत था, इसलिए 13 दिन में पाकिस्तान को घुटने टेकने पड़े। दिल्ली में आयोजित विजय दिवस समारोह में 32 गोली खाने वाली स्व. इंदिरा गांधी का नाम तक नहीं लेने के लिए उन्होंने एक बार फिर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला किया।
महंगाई और बेरोजगारी के लिए उन्होंने भाजपा सरकार पर तीखे हमले किए। उन्होंने कहा कि इस सरकार के पास इन समस्याओं के कोई समाधान नहीं है, इसलिए ये समस्याएं तभी समाधान प्राप्त कर सकेंगी जब यह सरकार जाएगी।









