फाइल फोटो- जोशीमठ मठांगणस से शंकराचार्य गद्दी के प्रस्थान के दौरान भक्तों का सैलाब कुछ इस तरह उमड़ा था, जो इस बार नहीं दिखाई देगा।
प्रकाश कपरूवाण
जोशीमठ। कोरोना महामारी के कारण इस बार श्री बदरीनाथ के मुख्य पुजारी श्री रावल का पुष्प वर्षा व सेना की वैण्डधुन के साथ स्वागत नहीं हो सकेगा। यह पहला मौका होगा जब श्री रावल सोशिएल डिस्टेशिंग के साथ शंकराचार्य गददी को लेकर पांडुकेश्वर/बदरीनाथ के लिए प्रस्थान करेंगे। जोशीमठ पहंुचने के बाद सभी धार्मिक परंपराओं का निर्वहन करते हुए श्री रावल बदरीनाथ पहंुचेंगे।
भू-वैकुंठधाम श्री बदरीनाथ के मुख्य पुजारी रावल ईश्वरी प्रसाद नंबूदरी के केरल से प्रस्थान करने के बाद अब कपाटोदघाटन पर श्री रावल की मौजूदगी का संशय पर पूर्ण विराम लग गया है। लेकिन कोरोना महामारी के कारण जिस प्रकार ऋषिकेश से लेकर बदरीनाथ तक श्री रावल का भब्य स्वागत होता रहा है वह इस बार नही दिखेगा। मुख्य पुजारी श्री रावल का जोशीमठ नृसिंह मंदिर मठांगण पंहुचने पर वर्षो से स्थानीय निवासियों द्वारा जहाॅ उनका पुष्प वर्षा के साथ स्वागत किए जाने की पंरपरा है वही सेना की वैण्ड धुन भी उनके स्वागत समारोह को मंत्रमुग्ध करती रही है। लेकिन इस बार ऐसा कोई नजारा देखने को नही मिलेगा। श्री रावल के जोशीमठ पंहुचने पर ही उत्सव का सा मौहाल रहता है। और वे देव पुजाई समिति द्वारा आयेाजित गरूडछाड मेले मे भी सिरकत करते रहे है। लेकिन इस बार कोरोना के कारण न केवल गरूडछाड उत्सव ब्लकि उत्तराख्ंाड को प्रख्यात तिमुंडया मेले को भी स्थगित करना पडा ।
मुख्य पुजारी श्री रावल आद्य जगदगुरू शंकराचार्य की पवित्र गददी के साथ श्री बदरीनाथ प्रस्थान करने से पूर्व आद्यगुरू शकराचार्य की अधिष्ठात्री देवी राजराजेश्वरी मंदिर, सिद्धपीठ नवदुर्गा मंदिर, वासुदेव मंदिर व भगवान नुसिंह के मंदिर मे पूजा अर्चना कर सुखद यात्रा व विश्व कल्याण की प्रार्थना करते है। और उसके बाद सैकडो श्रद्धालुओ के साथ अगले पडाव पांडुककेश्वर के लिए प्रस्थान करते है। लेकिन इस बार यह सब नही होगा। श्री रावल जोशीमठ पंुचने के बाद अपने कक्ष मे मे विश्राम करेगे, उनसे किसी के मिलने की इजाजत नही होगी। और अगले दिवस पूजा व प्रस्थान के दौरान भी सभी प्रक्रियाएं सोसिएल डिस्टेशिंग का पालन करने हुए होगी।
श्री बदरीनाथ धाम के धर्माधिकारी आचार्य भुवनचंद्र उनियाल के अनुसार श्री रावल के पूजा व प्रस्थान के दौरान पूरी तरह सोसिएल डिस्टेशिग का पालन किया जाऐगा। बताया कि बदरी-केदार मंदिर समिति के पूजा अधिष्ठान से जुडे अधिकारी/कर्मचारियों व हकहकूधारी समाज के प्रतिनिधियों सहित कुल बीस लोग ही इस दौरान मौजूद रह सकेगे। उन्होने बताया कि इस बार सेना के वैण्ड को भी आमंत्रित नही किया गया है।
भगवान बदरीविशाल के कपाटोदघाटन को लेकर शासन/प्रशासन की ओर से सभी आवश्यक तैयारियाॅ शुरू कर दी गई है। चारधाम देवस्थानम बोर्ड के सीईओ रमन रविनाथ ने निर्वतमान सीईओ बीडी सिंह के नेतृत्व मे श्री बदरीनाथ व केदारनाथ धामो के कपाट खोलने से पूर्व सभी ब्यवस्थाओ का चाकचैबद करने की जिम्मेदारी दी है। बदरीनाथ पंहुचे निर्वतमान सीईओ बीडी सिंह ने बताया कि मंदिर अभियंता विपिन तिवारी की देखरेख मे 18सदस्यीय दल मंदिर परिसर से बर्फ हटाने के साथ ही विद्युत, पेयजल आदि ब्यवस्थाओ की मरम्मत आदि का कार्य कर रहे है। इस वर्ष बेहताशा बर्फबारी के बाद ज्यादा टूट-फूट नही है। कहा कि दोना धामो के कपाटोदघाटन से पूर्व सभी ब्यवस्थाओ को दुरस्त कर लिया जाऐगा।











