ज्योतिर्मठ।
हिमालय के पंच केदारों मे एक चतुर्थ केदार श्री रुद्रनाथ मे वर्ष दर वर्ष बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या एवं धार्मिक पर्यटन के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों तक रोजगार पहुँचाने की दृष्टि से रुद्रनाथ ट्रैक मार्गो के विस्तारीकरण एवं सुधारीकरण की मांग उठने लगी है। जोशीमठ प्रखंड के कलगोठ गाँव तक सड़क पहुंचने के बाद अब मात्र दस किमी की पैदल दूरी तय कर रुद्रनाथ पहुंचा जा सकता है, जरूरत है सन वैली के इन गावों से रुद्रनाथ तक के ट्रैक मार्ग को बेहतरीन बनाने की।
सन वैली के गावों डुमक, कलगोठ, पल्ला, जखोला, किमाणा आदि से होते हुए ट्रैकिंग के शौकीन तो हर वर्ष जाते ही हैं लेकिन यदि ट्रैकिंग मार्ग को हो बेहतर पैदल यात्रा लायक बनाया जाय तो श्रद्धांलू भी आसानी से भगवान रुद्रनाथ के दर पर पहुँच सकते हैं।
उर्गम घाटी के सन वैली के गाँव भी धार्मिक पर्यटन से जुड़ सकें इसे लेकर श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर कहा है कि यदि डुमक-कलगोठ से भी श्री रुद्रनाथ तक के ट्रैक मार्ग को बेहतर बनाया जाता है तो यह न केवल सन वैली के गावों के युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करेगा बल्कि गावों से पलायन रोकने मे भी सहायक सिद्ध होगा।
ब पत्र मे श्री सती ने कहा है कि गोपेश्वर-सगर होते हुए श्री रुद्रनाथ का परम्परागत ट्रैक मार्ग तो है ही लेकिन इस मार्ग के भी सुधारीकरण के साथ ही रुद्रनाथ एवं यात्रा मार्ग पर भी आवाशीय एवं भोजन की उपलब्धता की बेहतर व्यवस्था भी जरुरी है, साथ ही अन्य ट्रैकिंग मार्गो को भी बिकसित किया जाना चाहिए ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालू रुद्रनाथ के दर्शनों को पहुँच सकें और दशोली एवं जोशीमठ ब्लॉक के दूरस्थ गावों की आर्थिकी का एक मजबूत जरिया बन सकें।
पत्र मे उन्होंने डुमक-कलगोठ से रुद्रनाथ ट्रैक मार्ग का सर्वेक्षण करवाने एवं पर्यावरणीय एवं धार्मिक मर्यादाओं के अनुरूप विकसित करने हेतु सम्बंधित विभागों को निर्देशित करने का आग्रह किया है।
मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र की प्रति पर्यटन एवं धर्मस्व मंत्री सतपाल महाराज एवं जिलाधिकारी चमोली को भी प्रेषित की गई है।











