
पिथौरागढ़, 28 अक्टूबर। ‘सरल बात’ परिवार के सदस्यों ने मेयर, जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से पैदल यात्रियों की सुरक्षा के साथ ही सड़क सुरक्षा के लिए ठोस कार्रवाई की मांग की है। समूह के पदाधिकारियों को प्रशासन ने शीघ्र उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
समूह के संयोजक मंडल के सदस्य भूपेश सिंह बोरा, चन्द्र प्रकाश पुनेड़ा एवं प्रकाश चंद्र पुनेठा के नेतृत्व में मेयर समेत जिलाधिकारी और प्रभारी पुलिस अधीक्षक को संबोधित सड़क सुरक्षा एवं पैदल यात्रियों की दयनीय स्थिति से संबंधित विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में फुटपाथ, ज़ेब्रा क्रॉसिंग, सीसीटीवी कैमरों तथा स्पीड ब्रेकर्स के अभाव जैसे बुनियादी सवाल उठाए गए। समूह ने कहा कि अंधाधुंध रफ्तार से दौड़ते बाइकर्स एवं अन्य वाहन पैदल चलने को बेहद जोखिम भरा बनाते हैं। विश्व भर में पैदल यात्रियों की सुरक्षा और उनके सड़क संबंधी अधिकारों को प्राथमिकता दी जाती है, जबकि हमारे शहर की सड़कों पर उनके लिए पर्याप्त जगह तक नहीं छोड़ी गई है।
ज्ञापन में पैदल चलने के अधिकार (Right to Walk) को मूलभूत अधिकार (Fundamental Right) के समकक्ष मानने संबंधी न्यायिक दृष्टांतों एवं विस्तृत वाद-विवरण का उल्लेख किया गया है।
शहर में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए समूह ने मेयर महोदया सहित शासन-प्रशासन से प्राथमिकता के आधार पर ठोस कदम उठाने का आग्रह किया।
समूह ने कहा कि शहर के बुनियादी सवालों पर वह गांधीवादी मूल्यों एवं तरीकों से नागरिकों और संबंधित अधिकारियों को जागरूक करने का प्रयास निरंतर जारी रखेगा। क्या 21वीं सदी के डिजिटल दौर में इतनी अव्यवस्था और असुरक्षा एक सभ्य, सुसंस्कृत एवं कानूनसम्मत समाज की पहचान हो सकती है? यह चिंतन का विषय है।
प्रतिनिधिमंडल में परवेज़ खान,उमेश चंद्र तिवारी,मनोज मखौलिया, योगेन्द्र चंद,ऊषा पंत,लक्ष्मण सिंह बिष्ट, धीरज पटियाल आदि शामिल थे।














