कमल बिष्ट/उत्तराखंड समाचार।
14 सितंबर, 2026,
गढ़वाल। विकासखंड दुगड्डा में सोमवार को विकासखंड स्तरीय विज्ञान संगोष्ठी-2026 का आयोजन किया गया। संगोष्ठी का मुख्य विषय “भारतीय ऊर्जा परिदृश्य 2047 : संभावनाएँ एवं चुनौतियाँ” रहा। कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों से आए छात्र-छात्राओं ने ऊर्जा के वर्तमान स्वरूप, नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों, ऊर्जा संरक्षण तथा वर्ष 2047 तक भारत की ऊर्जा आवश्यकताओं एवं संभावनाओं पर अपने विचार प्रस्तुत किए।कार्यक्रम का उद्घाटन खंडशिक्षा अधिकारी प्रतिनिधि श्री उमाकांत कुकरेती, स्थल संयोजक श्री मुकेश रावत एवं विशिष्ट अतिथि श्री महेंद्र अग्रवाल द्वारा किया गया। अतिथियों ने विद्यार्थियों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने तथा ऊर्जा के विवेकपूर्ण उपयोग और संरक्षण के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। संगोष्ठी में विद्यार्थियों ने सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, जलविद्युत, जैव ऊर्जा सहित स्वच्छ एवं वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों की उपयोगिता पर प्रभावशाली प्रस्तुतियाँ दीं। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने यह भी बताया कि ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के लक्ष्य को प्राप्त करने में युवा पीढ़ी की महत्वपूर्ण भूमिका है।
प्रतियोगिता में अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज कण्वघाटी के आदित्य गौड़ ने प्रथम स्थान, राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय झंडीचौड़ की साक्षी रावत ने द्वितीय स्थान तथा राजकीय इंटर कॉलेज दिऊला पौखाल की खुशबू ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में श्री दीपक नौटियाल, श्रीमती ज्योति ध्यानी एवं श्री बिपिन चौहान थे। कार्यक्रम का मंच संचालन श्रीमती कविता बिष्ट रावत एवं श्री सीतांशु खुगशाल द्वारा किया गया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में समन्वयक श्रीमती पूनम पांथरी तथा सह-समन्वयक श्रीमती रश्मि उनियाल एवं श्रीमती ऋतु उनियाल ने महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया। आयोजकों ने कहा कि विज्ञान संगोष्ठी जैसे मंच विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, तार्किक क्षमता, अभिव्यक्ति कौशल एवं भविष्य की चुनौतियों के प्रति जागरूकता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।











