डोईवाला, (प्रियांशु सक्सेना)। श्री केदारनाथ यात्रा मार्ग पर सोनप्रयाग–गौरीकुंड के बीच मुनकटिया क्षेत्र में लगातार वर्षा के कारण गत 19 मई को अचानक भूस्खलन हो गया, जिससे यात्रा मार्ग अवरुद्ध हो गया। मार्ग बंद होने के कारण लगभग 10 हजार से अधिक श्रद्धालु रास्ते में फंस गए। घटना की सूचना डीसीआर रुद्रप्रयाग द्वारा रात्रि 9:16 बजे एसडीआरएफ को दी गई।
रात्रि का समय, खराब मौसम, पहाड़ी क्षेत्र में लगातार गिरता मलबा और यात्रियों की भारी भीड़ के चलते स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण बनी हुई थी। हालांकि, सेनानायक अर्पण यदुवंशी के निर्देशन में एसडीआरएफ टीमें पहले से ही यात्रा मार्ग पर संभावित आपदाओं और आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क एवं तैयार थीं।
सूचना मिलते ही एसआई आशीष डिमरी के नेतृत्व में एसडीआरएफ सोनप्रयाग टीम तत्काल मौके पर पहुंची और बिना विलंब राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों, फिसलन भरे रास्तों और लगातार बने जोखिम के बावजूद टीम ने सूझबूझ और बेहतर समन्वय का परिचय देते हुए राहत अभियान चलाया।
एसडीआरएफ टीम ने धैर्य और साहस का परिचय देते हुए सड़क के दूसरी ओर फंसे लगभग 10,450 श्रद्धालुओं को सुरक्षित मार्ग पार कराया। लगातार बारिश और अंधेरे के बीच जवानों ने श्रद्धालुओं का हौसला बढ़ाते हुए उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया।
रेस्क्यू अभियान पूरा होने के बाद जेसीबी मशीनों की सहायता से मार्ग पर जमा मलबा हटाया गया, जिसके बाद सड़क को पुनः सुचारु कर वाहनों की आवाजाही शुरू कराई गई। एसडीआरएफ जवानों की त्वरित कार्रवाई, सूझबूझ और अथक प्रयासों के चलते हजारों श्रद्धालुओं की यात्रा फिर से सुचारु हो सकी।
मौके पर मौजूद श्रद्धालुओं ने एसडीआरएफ टीम के सेवा-भाव, त्वरित कार्रवाई और समर्पण की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया। सेनानायक अर्पण यदुवंशी ने बताया कि एसडीआरएफ उत्तराखंड पुलिस चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सहायता के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ लगातार तत्पर है।











