देहरादून। रविवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा ज्ञात अज्ञात हुतात्माओं सर्वेक्षण अभियान के दौरान आजाद हिन्द फ़ौज के महानायक वीर केशरी चन्द के भतीजे श्री टीकाराम शर्मा से महानगर के कार्यकर्ताओं का मिलना हुआ।
जिस पर केशरी चन्द की स्मृतियों व बलिदान को जानने का मौका मिला। टीकाराम ने बताया कि जौनसार बाबर के पहले व्यक्ति थे जिन्होंने 11 पास की थी, डीएवी कॉलेज से हाईस्कूल व इंटर बोर्ड की पढ़ाई होती थी तो 11वीं पास करने के तुरंत बाद माध्यमिक विद्यालय के अध्यापक के सबसे छोटे बेटे केशरी चन्द ने 10 अप्रैल 1941 में ट्रायल इंडियन आर्मी सर्विस कोर में नायब सूबेदार के पद पर भर्ती हुए।
1942 में जापानी बहुत द्वारा उन्हें बंदी बना लिया गया सुभाष चंद्र बोस के नारे तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा से प्रभावित होकर के श्रीचंद अंग्रेजों के विरुद्ध लड़ने के लिए आजाद हिंद फौज की ओर से लड़ते हुए इंफाल के मोर्चे पर पुल उड़ाने के प्रयास के दौरान उन्हें ब्रिटिश फौज ने पकड़ लिया याद दिला दिल्ली जेल में रखा गया।
3 फरवरी 1945 को जनरल इनको नें मृत्युदंड की सजा देने की पुष्टि की इस प्रकार 24 वर्ष 6 माह की आयु में इस महान देशभक्त को 3 मई 1945 को प्रातः दिल्ली जिला जेल में फांसी तख्ते पर लटकाया गया।
प्रान्त कार्यकारणी सदस्य सागर तोमर ने बताया 11 दिसम्बर से 15 तक विद्यार्थी परिषद द्वारा ज्ञात अज्ञात हुतात्माओं सर्वेक्षण अभियान चलाया जा रहा हैं जिसमें पूर्व सैनिक व शहीदों के परिवार तक जा कर उनकी वीर गथाओं को जानने का अभियान किया जा रहा हैं।
अभियान में प्रान्त कार्यकारणी सदस्य राहुल चौहान, महानगर संगठन मंत्री नागेन्द्र बिष्ट, महानगर सहमन्त्री मनोरमा रावत, किरन कठायत, महानगर मीडिया प्रमुख चंदन नेगी आदि।











