
प्रकाश कपरूवाण
जोशीमठ। देशभर के प्रमुख ज्योतिर्लिंग मंदिर जहाँ स्वर्ण जड़ित होकर दिव्यता व भव्यता प्रदान कर रहे हैं, वहीं उच्च हिमालय में स्थित भगवान केदारनाथ के मंदिर के गर्भगृह की दीवारों व खंबों को सोने की परत से दिव्य व भव्य स्वरूप दिये जाने का कुछ लोग विरोध कर रहे हैं, जो किसी के गले नहीं उतर रहा।
वर्ष 2013 की भीषण आपदा के बाद भव्य व दिव्य केदारपुरी के निर्माण के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी निरंतर मोनेटरिंग कर रहे हैं, उन्हीं के दिशा निर्देशों में केदारपुरी भव्य स्वरूप ले रही है।
इस बीच महाराष्ट्र के एक शिवभक्त ने भगवान केदारनाथ मंदिर के गर्भगृह की दीवारों व खम्बों में सोने की परत चढ़ाने का प्रस्ताव बद्री.केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेन्द्रअजय के सामने रखा, जिस पर अध्यक्ष श्री अजेन्द्र ने उत्तराखंड शासन के धर्मस्व व संस्कृति सचिव को दानदाता की भावनाओं से अवगत कराया और शासन की स्वीकृति के उपरांत ही भगवान केदारनाथ मंदिर के गर्भगृह की दीवारों व खम्बों पर सोने की परत चढ़ाने का कार्य शुरू किया गया।
अभी तक गर्भगृह की दीवारों पर चांदी परत चढ़ी थी, जिसे निकाला जा रहा है। इसके बाद ही सोने की परत चढ़ाई जाएगी, जिसे अक्टूबर माह तक पूरा कर लिया जाएगा।
प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वनारस के काशी विश्वनाथ मंदिर भी अब स्वर्ण जड़ित होकर दिब्यता व भब्यता प्रदान कर रहा है। इसी तर्ज पर करोड़ों भक्तों के आस्था के केन्द्र भगवान केदारनाथ मंदिर का स्वरूप भी भव्य होगा। यहाँ लगने वाली सोने की परत लेमिनेटेड होगी जिसे आसानी से पानी से धोया भी जा सकेगा। बद्री केदार मन्दिर समिति व उत्तराखंड सरकार का यह निर्णय स्वागतयोग्य व सराहनीय है।
गौरतलब है कि दो वर्ष पूर्व एक श्रद्धालु ने भगवान बद्रीविशाल को सोने का मुकुट व छत्र भेंट किया था। इससे पूर्व बीकेटीसी के अध्यक्ष रहे नंदकिशोर नौटियाल के कार्यकाल के दौरान भी भगवान बद्रीविशाल को सोने का सिंहासन भेंट किया था।
श्री बद्रीनाथ धाम के धर्माधिकारी आचार्य भुवन चन्द्र उनियाल ने कहा कि श्री बद्रीनाथ मंदिर के गर्भगृह की भाँति अब भगवान केदारनाथ का गर्भगृह भी सोने की चमक से भव्यता प्रदान करेगा। बद्री केदार मंदिर समिति व उत्तराखंड सरकार की यह पहल सराहनीय व स्वागतयोग्य है।











