पिथौरागढ, 24 सितंबर 2026
सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में साहसिक खेलों के क्षेत्र में अग्रणी संस्था इंट्रिसिक क्लाइंबर्स एण्ड एक्सप्लोरर्स ‘आईस’ के दो प्रशिक्षकों ने लद्दाख की दुर्गम तीन चोटियों को फतह करने में सफलता हासिल कर ली है।
आइस संस्था अध्यक्ष विश्वदेव पांडेय वासू, सचिव जगदीश कलौनी ने बताया कि हाई-एल्टीट्यूड माउंटेनियरिंग में मुकेश और लोकेश ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए लद्दाख की तीन चुनौतीपूर्ण चोटियों को सफलतापूर्वक फतह किया। दोनों पर्वतारोहियों ने कठिन मौसम, बेहद कम ऑक्सीजन और तकनीकी चढ़ाई जैसी चुनौतियों का सामना करते हुए यह अभियान पूरा किया।
अभियान के दौरान दोनों ने 6,440 मीटर ऊंची माउंट कांग यातसे-I, 6,300 मीटर ऊंची माउंट ज़ोजोंगो वेस्ट और 6,250 मीटर ऊंची माउंट ज़ोजोंगो ईस्ट पर चढ़ाई की।
तीनों चोटियां अपने कठिन भूभाग और ऊंचाई के कारण पर्वतारोहियों के लिए चुनौतीपूर्ण मानी जाती हैं। ऐसे वातावरण में सफल चढ़ाई के लिए शारीरिक क्षमता के साथ-साथ तकनीकी दक्षता, अनुभव और मजबूत मानसिक तैयारी की आवश्यकता होती है।
आईस इंस्ट्रक्टर के रूप में मुकेश और लोकेश हाई-एल्टीट्यूड माउंटेनियरिंग में प्रशिक्षण और अनुभव का भी लाभ उठा रहे हैं। उनकी यह उपलब्धि न केवल उनके पर्वतारोहण कौशल को दर्शाती है, बल्कि आने वाली पीढ़ी के पर्वतारोहियों को प्रेरित करने वाली भी है।
लद्दाख की इन तीन ऊंची चोटियों को फतह कर दोनों ने साहस, अनुशासन और दृढ़ संकल्प का परिचय दिया है।
इधर, प्रसिद्ध पर्वतारोही स्वर्गीय पुरमल सिंह धर्मशत्तू की स्मृति में आईस संस्था के दो अन्य प्रशिक्षक पवन और शुभम् दारमा घाटी क्षेत्र तक साइकिलिंग करेंगे। पिथौरागढ में 1625 मीटर की ऊंचाई से यह यात्रा सीपू गांव में 3500 मीटर ऊंचाई तक जाएगी। 364 किलोमीटर की यह यात्रा छह रात, सात दिन में पूरी होगी। यात्रा का उद्देश्य ” नशे से रहें दूर, जीवन संवारें भरपूर’ और ‘ आपदा से आगे, उम्मीद की सवारी ‘ रखा गया है।
उल्लेखनीय है कि अपनी सीमित संसाधनों से आईस संस्था जनपद में समय समय पर साहसिक खेल, पर्यावरण संरक्षण और आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण का आयोजन करती रहती है। संस्था के प्रशिक्षक एवरेस्ट समेत कई दुर्गम चोटियों को फतह कर चुके हैं।











