• About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact
Uttarakhand Samachar
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
Uttarakhand Samachar
No Result
View All Result

लीवर और मधुमेह सहित कई रोगों का उपचार है तोरई

29/03/20
in उत्तराखंड, हेल्थ
Reading Time: 1min read
375
SHARES
469
VIEWS
Share on FacebookShare on WhatsAppShare on Twitter

डॉ० हरीश चन्द्र अन्डोला
तोरई एक सब्ज़ी है। इसका वानस्पतिक नाम लूफा सिलिन्ड्रिका है। कद्दूवर्गीय सब्जियों में तोरई, तोरी महत्वपूर्ण सब्जी है। यह एक बेल वाली कद्दवर्गीय सब्जी है, जिसको बड़े खेतों के अलावा छोटी गृह वाटिका में भी उगाया जा सकता है। किसान इसकी खेती ग्रीष्म जायद और वर्षा खरीफ, दोनों ऋतुओं में करते हैं। इसको स्पॉन्ज गार्ड, लूफा सिलेन्ड्रिका और लूफा इजिप्टिका भी कहा जाता है। इसकी खेती देशभर के सभी राज्यों होती है। चिकनी तोरई के कोमल मुलायम फलों की सब्जी बनाई जाती है, तो वहीं इसके सूखे बीजों से तेल भी निकाला जाता है। इसको कैल्शियम, फॉस्फोरस, लोहा और विटामिन ए का अच्छा स्रोत माना जाता है तोरई एक विशेष महत्त्व वाली सब्ज़ी है।
यह रोगी लोगों के लिए अत्यन्त लाभदयक होती है। इसकी खेती सम्पूर्ण भारत में की जाती है। सब्ज़ी के अलावा इसके सूखे हुए रेशे को बर्तन साफ़ करने, जूते के तलवे तथा उद्योगों में फिल्टर के रूप में प्रयोग किया जात तोरई का जन्म स्थान दक्षिणी एशिया तथा अफ्रीका का उष्ण क्षेत्र है। इसका मूल उत्पत्ति स्थल भारत है। यह भारत सूड़ा द्वीप तथा जावा में जंगली रूप में उगती हुई पाई जाती है। तोरई की तरकारी बहुत हल्की मानी जाती है। घिया तोरई की खेती ब्राजील, मैक्सिको, घाना तथा भारतवर्ष में विस्तृत रूप से की जाती है जबकि काली तोरई की खेती अधिकांशतः हमारे ही देश में की जाती है। हमारे देश में इसकी खेती मैदानी तथा पर्वतीय दोनों क्षेत्रों में की जाती है।
कहावत पुरानी है कि लोहे के चने चबाना आसान नहीं होता। लेकिन आजकल बाजार में चने के भाव उसे लोहे का बना रहे हैं। यकीन करना मुश्किल है कि काला चना 100 रुपए और काबली चना 120 रुपए किलो बिक रहा है। महंगाई के मामले में दाल.चावल.चीनी का भी यही हाल है। जीरा.तेल भी आसमान छू रहा है। महीने के राशन में 2 हजार का इजाफा हो गया। महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है उत्तराखंड में वैसे तो जड़ी बूटियों औषधियों की भरमार है लेकिन हमारे आसपास भी ऐसी सब्जियां ऐसी औषधियां हैं जिनके गुणों को हम हम सभी तोरई का सेवन तो जरूर करते हैं किन्तु इसके औषधीय गुणों को नहीं जानते हैं। तोराई बहुत ही गुणकारी और फायदेमंद होती है यह हमारे शारीर की कई बीमारियों को नष्ट कर देती है।
आप जितनी बीमारियों के नाम नहीं जानते होंगे उससे कहीं ज्यादा बीमारियों को ठीक करती है तोरई। तोरई हर जगह मिलने वाली सब्जी है और इसका उपयोग सब्जी के रूप में लगभग हर घर में किया जाता है। तोरई की सब्जी बहुत ही स्वादिष्ट होती है और इस सब्जी में स्वाद के साथ अनेकों को गुण पाए जाते तोरई के औषधीय गुणों के बारे में। तोरई खून को साफ़ बनाती है साथ ही यह लीवर के लिए काफी फायेदेमंद हैं। इससे लीवर के सफाई हो जाती हैं और लीवर से जहरीले पदार्थ निकल जाते हैं। यह मधुमेह के रोगियों के लिए काफी फायेदेमंद है। एल्कोहल और नशे के प्रभाव को भी कम करने में मदद करती है तोरई मूत्र और रक्त दोनों में शुगर को कम करती हैं इसलिए मधुमेह के रोगियों को तोरई की सब्जी ज्यादा खानी चाहिए। तोरई खाने से आँखों की कमजोरी भी दूर होती हैं। अगर आप आँखों को हेल्दी बनाना चाहते है तो तोरई की सब्जी का सेवन रोजाना करें। अगर तोरई का नियमित सेवन किया जाय तो बहुत सी बीमारियों को ख़त्म कर देती है। तोरई पथरी के लिये भी रामबाण का काम करती। तोरई का सेवन तो जरूर करते हैं किन्तु इसके औषधीय गुणों को नहीं जानते हैं। तोराई बहुत ही गुणकारी और फायदेमंद होती है यह हमारे शारीर की कई बीमारियों को नष्ट कर देती है।
गर्मियों के दिनों में बाजार में इसकी मांग बहुत होती है, इसलिए किसानों के लिए इसकी खेती करना बहुत लाभदायक है। अगर किसान अपनी आय दोगुनी करना चाहते हैं, तो मार्च में इसकी बुवाई जरूर करें इसकी अच्छी उपज उन्नत किस्म और फसल की देखभाल पर निर्भर होती है, लेकिन अगर वैज्ञानिक तकनीक से खेती की जाए, तो प्रति हेक्टेयर से लगभग 200-400 क्विंटल उपज मिल सकती है।

कोरोना के कहर से पूरा विश्व थम गया है। देश के शहरों व गांवों की सड़कें और गलियां सुनी पड़ी हैं। इसी बीच ट्राइसिटी की फैक्ट्रियों में काम करने वाले मजदूर और भूखे प्यासे दिहाड़ीदार सैकड़ों किलोमीटर चलने के लिए बेबस हैं। उनके पास घर में बैठकर कोरोना वायरस से जंग जीतने के लिए कोई विकल्प नहीं है। उनकी जेब में न तो पैसे हैं और न ही खाने के लिए घर में राशन।
हां एक बात जरूर है कि कोरोना, संक्रमण और मौत के काउंटडाउन के बीच अपने भविष्य को लेकर वे फिक्रमंद जरूर हैं। पंजाब और हरियाणा के बार्डर से सैकड़ों मजदूर अपने गांव.शहरों की तरफ निकल गए हैं। किसी को 100 तो किसी को 2000 किलोमीटर चलना है, रोजी रोटी का संकट सिर पर है। नंगे पैर, भूखे प्यासे समूहों में ये लोग निकल पड़े हैं। इस आस में पूरे दिन.रात इसलिए चले जा रहे हैं कि किसी तरह वे अपने घर पहुंच जाएं। छोटे कस्बों से लेकर बड़े शहरों में तोरई जैसी सब्जियों की बहुत मांग है, क्योंकि यह अनेक प्रोटीनों के साथ खाने में भी स्वादिष्ट होती है। जिसे हर मनुष्य इसकी सब्जी को पसंद करता है। उत्तराखण्ड हिमालय राज्य होने के कारण बहुत सारे बहुमूल्य फसल उत्पाद जिनकी अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में अत्यधिक मांग रहती है। भारत में प्रायः सभी प्रान्तों में पाया जाता हैं।उत्तराखण्ड के परिप्रेक्ष्य में इतनी पोष्टिक एवं औद्योगिक रूप से महत्वपूर्ण फसल जिसका अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी अधिक मांग है, को प्रदेश में व्यवसायिक रूप से उत्पादित कर जीवका उपार्जन का साधन बनाया जा सकता है। उत्तराखण्ड के लिए सुखद ही होगा किया जाता है तो यदि रोजगार से जोड़े तो अगर ढांचागत अवस्थापना के साथ बेरोजगारी उन्मूलन की नीति बनती है तो यह पलायन रोकने में कारगर होगी उत्तराखण्ड हिमालय राज्य होने के कारण बहुत सारे बहुमूल्य फसल उत्पाद जिनकी अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में अत्यधिक मांग रहती है। कोरोना महामारी संकटपूर्ण स्थिति के लिए उपयोगी का साधन बनाया जा सकता है, लेकिन सब्जियों की कीमतों में आग लगा दी। खुदरा बाजार में अधिकतर सब्जियों के दाम दोगुना हो गए हैं।

Share150SendTweet94
Previous Post

मजदूरों को भगाने वाले ठेकेदारों पर प्रशासन सख्त, एफआईआर दर्ज

Next Post

लाॅकडाउन के बीच 31 मार्च को वाहनों की आवाजाही का निर्णय वापस लिया

Related Posts

उत्तराखंड

जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता : गैरोला

July 23, 2026
10
उत्तराखंड

डोईवाला: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंका, इस्तीफे की मांग

July 23, 2026
11
उत्तराखंड

अमानत में खयानत: जब रक्षक ही भक्षक बने

July 23, 2026
6
उत्तराखंड

प्रकृति संरक्षण की जिम्मेदारी मात्र सरकारी योजनाओं की ही नहीं अपितु समाज की भी हो – पद्मश्री डॉ. कल्याण सिंह रावत ‘मैती’

July 23, 2026
6
उत्तराखंड

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बोले- श्रमिक कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है सरकार

July 23, 2026
4
उत्तराखंड

डोईवाला: पेपर लीक के विरोध में कांग्रेस सेवा दल का मौन व्रत

July 23, 2026
17

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Popular Stories

  • चार जिलों के जिलाधिकारी बदले गए

    67713 shares
    Share 27085 Tweet 16928
  • डोईवाला : पुलिस,पीएसी व आईआरबी के जवानों का आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण सम्पन्न

    45786 shares
    Share 18314 Tweet 11447
  • ऑपरेशन कामधेनु को सफल बनाये हेतु जनपद के अन्य विभागों से मांगा गया सहयोग

    38069 shares
    Share 15228 Tweet 9517
  •  ढहते घर, गिरती दीवारें, दिलों में खौफ… जोशीमठ ही नहीं

    37453 shares
    Share 14981 Tweet 9363
  • विकासखंड देवाल क्षेत्र की होनहार छात्रा ज्योति बिष्ट ने किया उत्तराखंड का नाम रोशन

    37370 shares
    Share 14948 Tweet 9343

Stay Connected

संपादक- शंकर सिंह भाटिया

पता- ग्राम एवं पोस्ट आफिस- नागल ज्वालापुर, डोईवाला, जनपद-देहरादून, पिन-248140

फ़ोन- 9837887384

ईमेल- shankar.bhatia25@gmail.com

 

Uttarakhand Samachar

उत्तराखंड समाचार डाॅट काम वेबसाइड 2015 से खासकर हिमालय क्षेत्र के समाचारों, सरोकारों को समर्पित एक समाचार पोर्टल है। इस पोर्टल के माध्यम से हम मध्य हिमालय क्षेत्र के गांवों, गाड़, गधेरों, शहरों, कस्बों और पर्यावरण की खबरों पर फोकस करते हैं। हमारी कोशिश है कि आपको इस वंचित क्षेत्र की छिपी हुई सूचनाएं पहुंचा सकें।
संपादक

Browse by Category

  • Bitcoin News
  • Education
  • अल्मोड़ा
  • अवर्गीकृत
  • उत्तरकाशी
  • उत्तराखंड
  • उधमसिंह नगर
  • ऋषिकेश
  • कालसी
  • केदारनाथ
  • कोटद्वार
  • क्राइम
  • खेल
  • चकराता
  • चमोली
  • चम्पावत
  • जॉब
  • जोशीमठ
  • जौनसार
  • टिहरी
  • डोईवाला
  • दुनिया
  • देहरादून
  • नैनीताल
  • पर्यटन
  • पिथौरागढ़
  • पौड़ी गढ़वाल
  • बद्रीनाथ
  • बागेश्वर
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • रुद्रप्रयाग
  • रुद्रप्रयाग
  • विकासनगर
  • वीडियो
  • संपादकीय
  • संस्कृति
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • साहिया
  • हरिद्वार
  • हेल्थ

Recent News

जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता : गैरोला

July 23, 2026

डोईवाला: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंका, इस्तीफे की मांग

July 23, 2026
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.