यूजेवीएन लिमिटेड द्वारा विद्युत गृहों के सुदृढ़ प्रबंधन, प्रभावी समन्वय एवं सुव्यवस्थित कार्ययोजना के परिणामस्वरूप विगत दिनों में विद्युत उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। बदलते मौसम एवं बढ़ती विद्युत मांग को ध्यान में रखते हुए निगम द्वारा उत्पादन बढ़ाने हेतु निरंतर ठोस एवं प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।
इसी क्रम में, दिनांक 19 अप्रैल, 2026 को निगम प्रबंधन द्वारा विशेष प्रयास करते हुए कालागढ़ स्थित रामगंगा जल विद्युत परियोजना के संचालन हेतु उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग से समन्वय स्थापित कर विद्युत उत्पादन प्रारंभ कराया गया। इसके फलस्वरूप निगम के कुल विद्युत उत्पादन में सकारात्मक वृद्धि परिलक्षित हुई है।
रामगंगा जल विद्युत परियोजना का संचालन सिंचाई हेतु जल छोड़े जाने पर निर्भर करता है। वर्तमान में इस परियोजना के संचालन के पश्चात्, पिछले लगभग 10 दिनों के आंकड़ों के अनुसार, निगम के कुल विद्युत उत्पादन में लगभग 5 मिलियन यूनिट (MU) की वृद्धि दर्ज की गई है, जो विपरीत परिस्थितियों में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। वर्तमान में विभिन्न नदियों का जल स्तर विगत वर्ष की तुलना में अपेक्षाकृत कम है, जिससे उत्पादन प्रभावित होता है। तथापि, बढ़ती गर्मी के साथ ग्लेशियरों के पिघलने से जल स्तर में वृद्धि होने की संभावना है, जिससे आगामी समय में उत्पादन में और सुधार की उम्मीद है।
यूजेवीएन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक, अजय कुमार सिंह ने कहा कि निगम उपलब्ध जल संसाधनों का अधिकतम एवं कुशलतापूर्वक उपयोग करते हुए राज्य की ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में निगम का दैनिक विद्युत उत्पादन लगभग विगत वर्ष के समान स्तर पर बना हुआ है।
उन्होंने यह भी अवगत कराया कि सांय 6 बजे से रात्रि 11 बजे तक के पीक आवर्स में, जब विद्युत मांग अधिकतम होती है, यूजेवीएन लिमिटेड द्वारा राज्य के 1000 मेगावाट के स्थापित पीक क्षमता के सापेक्ष लगभग 886 मेगावाट का उत्पादन किया जा रहा है, जिससे राज्य की लगभग 2600 मेगावाट की पीक मांग का एक तिहाई हिस्सा पूरा किया जा रहा है।
अजय कुमार सिंह ने आगे बताया कि निगम योजनाबद्ध तरीके से आगामी माह में विद्युत उत्पादन में और वृद्धि करने जा रहा है। रामगंगा विद्युत गृह के संचालन के अतिरिक्त, उत्पादन वृद्धि हेतु विभिन्न विद्युत गृहों की मशीनों के वृहद अनुरक्षण कार्य युद्धस्तर पर कराए जा रहे हैं। इन कार्यों को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के लिए संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि इन कार्यों की निरंतर अनुश्रवण (Monitoring) न केवल संबंधित इकाइयों के उच्चाधिकारियों द्वारा, बल्कि मुख्यालय स्तर से भी की जा रही है। साथ ही, विभिन्न विद्युत गृहों में आधुनिकीकरण, नवीनीकरण एवं उच्चीकरण (RMU) के कार्य भी तीव्र गति से प्रगति पर हैं।
अजय कुमार सिंह ने विश्वास व्यक्त किया कि इन सभी प्रयासों के पूर्ण होने के पश्चात् मशीनों की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी तथा विद्युत उत्पादन में उल्लेखनीय सुधार आएगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि आने वाले समय में उत्पादन वृद्धि का यह क्रम और अधिक गति पकड़ेगा तथा निगम ऊर्जा क्षेत्र में अपनी भूमिका को और अधिक सुदृढ़ करेगा।









