उत्तराखंड शासन के उच्च शिक्षा अनुभाग द्वारा उत्तराखंड विश्वविद्यालय कर्मचारी महासंघ की लगातार मांग के चलते राजकीय विश्वविद्यालयों में कार्यरत कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं के निराकरण हेतु छह सदस्यीय समिति का गठन किया है जिसके द्वारा संगठन की मांगों पर आख्या शासन को प्रेषित की जाएगी। ज्ञात हो कि उत्तराखंड विश्वविद्यालय कर्मचारी महासंघ की मांग पर विगत 16 मार्च 2026 को तदसमय उच्च शिक्षा सचिव डॉ रंजीत सिन्हा की अध्यक्षता में शासकीय अधिकारियों, सभी कुलसचिवों की उपस्थिति में महासंघ के पदाधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई थी जिसका कार्यवृत्त जारी करते हुए शासन ने सभी विश्वविद्यालयों को इसका क्रियान्वयन करने का निर्देश दिया था, परन्तु तीन माह बीतने के बाद भी कोई सकारात्मक पहल न होने पर विगत दिनों महासंघ अध्यक्ष डॉ० लक्ष्मण सिंह रौतेला, महामंत्री प्रशांत मेहता के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने उच्च शिक्षा मंत्री डॉ० धन सिंह रावत, सचिव डॉ० बी वी आर सी पुरुषोत्तम सहित शासकीय अधिकारियों से मिला और कोई कार्यवाही न होने की जानकारी देते हुए इस हेतु शासन स्तर से समिति के गठन का अनुरोध किया गया था। इस क्रम में शासन के संयुक्त सचिव प्रदीप मोहन नौटियाल द्वारा जारी और अनुसचिव प्रकाश पालीवाल द्वारा प्रसारित शासकीय आदेश के द्वारा 16 मार्च 2026 को हुई बैठक के कार्यवृत्त के 7 बिंदुओं पर आवश्यक प्रस्ताव शासन को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। इस हेतु समिति में राज्य कुलसचिव संवर्ग के वरिष्ठतम मुक्त विश्वविद्यालय हल्द्वानी के कुलसचिव खेमराज भट्ट को अध्यक्ष बनाया गया और उत्तराखंड विश्वविद्यालय कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष डॉ० लक्ष्मण रौतेला के साथ उच्च शिक्षा के अधीन शेष चारों विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों को भी समिति का सदस्य अन्य गया है।
शासकीय आदेश पर उत्तराखंड विश्वविद्यालय कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष डॉ० लक्ष्मण सिंह रौतेला और महामंत्री प्रशांत मेहता ने शासन की पहल का स्वागत किया और ये उम्मीद की है कि समस्त राजकीय विश्वविद्यालयों में कार्यरत कर्मचारियों की समस्याओं के निस्तारण हेतु सकारात्मक कार्य होंगे उन्होंने जल्द ही समिति की बैठक आयोजित कराने हेतु वार्ता करने की सूचना दी।











