डोईवाला, (प्रियांशु सक्सेना)। शहीद दुर्गा मल्ल पीजी कॉलेज, डोईवाला में सोमवार को छात्र-छात्राओं को उद्यमिता और स्वरोजगार के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से एक दिवसीय स्टूडेंट सेंसिटाइजेशन ओरिएंटेशन कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला उत्तराखंड उच्च शिक्षा विभाग एवं उत्तराखंड शासन के अंतर्गत भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान, अहमदाबाद द्वारा सहायतित देवभूमि उद्यमिता योजना के तत्वावधान में आयोजित की गई। नोडल अधिकारी डॉ शिव कुमार लाल ने देवभूमि उद्यमिता केंद्र : कौशल से रोजगार सृजन तक विषय पर छात्र-छात्राओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि देवभूमि उद्यमिता केंद्र का उद्देश्य युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला उद्यमी बनाना है। उन्होंने तीन वर्षीय स्केल मॉडल के माध्यम से महाविद्यालय को उद्यमिता के क्षेत्र में उत्तराखंड में विशिष्ट पहचान दिलाने पर भी जोर दिया। प्राचार्य डीपी भट्ट ने कहा कि कौशल किसी विचार को उद्यम में बदलने का आधार है। उद्यम बाजार से जुड़कर सफल उद्योग का रूप लेता है और रोजगार के नए अवसर पैदा करता है। उन्होंने कहा कि युवाओं को स्वरोजगार एवं उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित करना महाविद्यालय की प्राथमिकताओं में शामिल है और प्रत्येक युवा को उद्यमी बनाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। देवभूमि उद्यमिता योजना की प्रोजेक्ट ऑफिसर सपना नेगी ने छात्र-छात्राओं को सरकार की ओर से उद्यमिता के लिए उपलब्ध कराई जा रही वित्तीय सहायता, बूट कैंप और उद्यमिता विकास कैंप सहित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने युवाओं को अपने कौशल और विचारों को व्यवसायिक अवसरों में बदलकर स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। कार्यशाला के समापन पर प्रतिभागी छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। इस अवसर पर डॉ पल्लवी मिश्रा, डॉ पूरन सिंह खाती, डॉ चंद्रकला, डॉ गुलनाज फातिमा, डॉ अनुराग भंडारी आदि थे।











