• About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact
Uttarakhand Samachar
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
Uttarakhand Samachar
No Result
View All Result

तो इस वजह से बागेश्वर में बारात का खाना खाने से बीमार हुए थे 300 लोग, सामने आई वजह

30/12/18
in उत्तराखंड, बागेश्वर
Reading Time: 1min read
83
SHARES
104
VIEWS
Share on FacebookShare on WhatsAppShare on Twitter

उत्तराखंड के बागेश्वर में बास्ती में 29 नवंबर को बारात को परोसे गए रायते और पानी में ई कोलाई, शिगेला बैक्टीरिया की मौजूदगी के चलते चार ग्रामीणों की मौत और 300 से अधिक बीमार हुए थे। प्रशासन और तीन विभागों की संयुक्त जांच रिपोर्ट में इसकी पुष्टि हुई है। अपर जिलाधिकारी राहुल गोयल ने बताया कि जल संस्थान की जांच रिपोर्ट में यह साफ कर दिया गया है कि बास्ती में बारातियों को दिए गए पानी में ई कोलाई व शिगेला बैक्टीरिया मौजूद था। पानी में कोलीफार्म की मात्रा न्यून थी और क्लोरीन की मात्रा नगण्य।

इधर, खाद्य रिपोर्ट में रायते का दूषित होना पाया गया है। रायते में स्थानीय खेतों में उगने वाले पीले फूल की पंखुड़िया मिली हैं, जो खतरनाक होता है। साथ ही पानी में भी बैक्टीरिया की पुष्टि खाद्य सुरक्षा विभाग ने की है। पानी के बर्तन की तलहटी में गंदगी तथा मरे हुए कीड़ों का होना भी पाया है। स्वास्थ्य विभाग की स्टूल टेस्ट रिपोर्ट में भी ई कोलाइ व शिगेला बैक्टीरिया होने की पुष्टि हुई है।  

ई-कोलाई इशचेरिचिया कोलाई का संक्षिप्त रूप है। जिला अस्पताल के डॉ. एलएस बृजवाल ने बताया कि यह एक तरह का बैक्टीरिया है जो मनुष्यों और पशुओं के पेट में रहता है। इस बैक्टीरिया के ज्यादातर रूप हानिरहित हैं लेकिन कुछ ऐसे हैं जो पेट में मरोड़ और दस्त जैसे लक्षण पैदा करते हैं। कई बार इनकी वजह से लोगों का गुर्दा काम करना बंद कर देता है और संक्रमित व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है। 

कपकोट अस्पताल के डॉ बीएस रावत ने बताया कि शिगेला रॉड के आकार के बैक्टीरिया का एक जीन है जो आनुवांशिक रूप से ई-कोलाई से संबंधित है। शिगेला शरीर में बीमारी का कारण बनता है। यह केवल प्राकृतिक रूप से मनुष्यों और गोरिल्ला में पाया जाता है। संक्रमण के दौरान यह आमतौर पर पेचिश का कारण बनता है। शिगेला  दुनिया भर में दस्त के प्रमुख जीवाणु कारणों में से एक है।

Share33SendTweet21
Previous Post

बागेश्वर: इस दिन वीवीपैट के संबन्ध में चलाए जायेंगे जागरूकता कार्यक्रम।

Next Post

ठंड से बचने के लिए बंद कमरे में जलाई थी अंगेठी, सुबह तीनों मिले बेहोश, एक की मौत

Related Posts

उत्तराखंड

विश्व पर्यावरण सप्ताह : यक्षवती नदी पुनर्जीवन एवं वृहद पौधरोपण

June 3, 2026
12
उत्तराखंड

उठने लगी है रुद्रनाथ ट्रैक मार्गो के विस्तारीकरण एवं सुधारीकरण की मांग

June 3, 2026
7
उत्तराखंड

मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश स्थित ट्रांजिट कैंप का किया औचक निरीक्षण

June 3, 2026
4
उत्तराखंड

पर्वतीय शहरों की धारण क्षमता बोझ बढ़ता जा रहा, योजना फाइलों में रही!

June 3, 2026
6
उत्तराखंड

डोईवाला: सिंगल यूज़ प्लास्टिक का प्रयोग करने पर 11 दुकानदारों पर लगाया जुर्माना

June 3, 2026
59
उत्तराखंड

भारत विकास परिषद कोटद्वार के तत्वावधान में सीजे पब्लिक स्कूल में हनुमान चालिसा पाठन प्रतियोगिता का आयोजन

June 3, 2026
10

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Popular Stories

  • चार जिलों के जिलाधिकारी बदले गए

    67692 shares
    Share 27077 Tweet 16923
  • डोईवाला : पुलिस,पीएसी व आईआरबी के जवानों का आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण सम्पन्न

    45780 shares
    Share 18312 Tweet 11445
  • ऑपरेशन कामधेनु को सफल बनाये हेतु जनपद के अन्य विभागों से मांगा गया सहयोग

    38058 shares
    Share 15223 Tweet 9515
  •  ढहते घर, गिरती दीवारें, दिलों में खौफ… जोशीमठ ही नहीं

    37446 shares
    Share 14978 Tweet 9362
  • विकासखंड देवाल क्षेत्र की होनहार छात्रा ज्योति बिष्ट ने किया उत्तराखंड का नाम रोशन

    37331 shares
    Share 14932 Tweet 9333

Stay Connected

संपादक- शंकर सिंह भाटिया

पता- ग्राम एवं पोस्ट आफिस- नागल ज्वालापुर, डोईवाला, जनपद-देहरादून, पिन-248140

फ़ोन- 9837887384

ईमेल- shankar.bhatia25@gmail.com

 

Uttarakhand Samachar

उत्तराखंड समाचार डाॅट काम वेबसाइड 2015 से खासकर हिमालय क्षेत्र के समाचारों, सरोकारों को समर्पित एक समाचार पोर्टल है। इस पोर्टल के माध्यम से हम मध्य हिमालय क्षेत्र के गांवों, गाड़, गधेरों, शहरों, कस्बों और पर्यावरण की खबरों पर फोकस करते हैं। हमारी कोशिश है कि आपको इस वंचित क्षेत्र की छिपी हुई सूचनाएं पहुंचा सकें।
संपादक

Browse by Category

  • Bitcoin News
  • Education
  • अल्मोड़ा
  • अवर्गीकृत
  • उत्तरकाशी
  • उत्तराखंड
  • उधमसिंह नगर
  • ऋषिकेश
  • कालसी
  • केदारनाथ
  • कोटद्वार
  • क्राइम
  • खेल
  • चकराता
  • चमोली
  • चम्पावत
  • जॉब
  • जोशीमठ
  • जौनसार
  • टिहरी
  • डोईवाला
  • दुनिया
  • देहरादून
  • नैनीताल
  • पर्यटन
  • पिथौरागढ़
  • पौड़ी गढ़वाल
  • बद्रीनाथ
  • बागेश्वर
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • रुद्रप्रयाग
  • रुद्रप्रयाग
  • विकासनगर
  • वीडियो
  • संपादकीय
  • संस्कृति
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • साहिया
  • हरिद्वार
  • हेल्थ

Recent News

विश्व पर्यावरण सप्ताह : यक्षवती नदी पुनर्जीवन एवं वृहद पौधरोपण

June 3, 2026

उठने लगी है रुद्रनाथ ट्रैक मार्गो के विस्तारीकरण एवं सुधारीकरण की मांग

June 3, 2026
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.