
डोईवाला, (प्रियांशु सक्सेना)। नगर क्षेत्र में निराश्रित गोवंश, आवारा पशु और बंदरों का आतंक लोगों के लिए गंभीर परेशानी का कारण बना हुआ है। नगर के मुख्य बाजार सहित वार्ड संख्या एक मिस्सरवाला, वार्ड संख्या 13 त्रिघराट, वार्ड 18 प्रेमनगर बाजार तथा वार्ड 20 आंबेडकर नगर समेत कई क्षेत्रों में लोग आवारा पशुओं और बंदरों के आतंक के बीच भय के माहौल में जीवन यापन करने को मजबूर हैं।
बता दें कि नगर चौक, रेलवे रोड, मिल रोड और ऋषिकेश रोड़ पर प्रतिदिन शाम से देर रात तक निराश्रित गोवंश का जमावड़ा लगा रहता है। इससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। लोगों को इन जानवरों से बचकर निकलना पड़ता है या फिर अपना रास्ता बदलना पड़ता है।
स्थानीय लोगों के अनुसार पूर्व में ये जानवर कई लोगों पर हमला कर चुके हैं, जिनमें कुछ लोग गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं। इसके बावजूद समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पा रही है।
वहीं, बंदरों के बढ़ते आतंक से भी नगरवासी परेशान हैं। बाजार क्षेत्र, मिल कॉलोनी, प्रेमनगर बाजार तथा अन्य रिहायशी इलाकों में बंदरों के झुंड खुलेआम उत्पात मचा रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बंदरों को भगाने का प्रयास करने पर वह हमलावर हो जाते हैं। बंदर बेखौफ होकर घरों में घुस जाते हैं, खाद्य सामग्री उठा ले जाते हैं तथा घरेलू सामान को नुकसान पहुंचाते हैं। साथ ही सूख रहे कपड़ों, गमलों और कूड़ेदानों को भी नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे लोगों की परेशानियां और बढ़ जाती हैं।इसके अलावा लोगों के पीछे पड़ना और उन्हें डराना भी आम बात हो गई है।
स्थानीय निवासी बॉबी शर्मा व मयंक तायल ने बताया कि मुख्य बाजार और आसपास के क्षेत्रों में सांडों के आपस में लड़ने की घटनाएं आए दिन सामने आती हैं। इससे यातायात बाधित होता है और राहगीरों की जान को भी खतरा बना रहता है। उन्होंने कहा कि नगर पालिका के पास कैटल कैचर वाहन उपलब्ध होने के बावजूद निराश्रित पशुओं को पकड़कर गोशालाओं या अन्य सुरक्षित स्थानों पर भेजने की दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही है।
मुख्य सफाई निरीक्षक सचिन सिंह रावत ने बताया कि नगर क्षेत्र से निराश्रित पशुओं को पकड़ने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। विभिन्न वार्डों में समय-समय पर विशेष अभियान संचालित कर आवारा गोवंश एवं अन्य निराश्रित पशुओं को पकड़कर सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है। रविवार को भी वार्ड संख्या 14 खत्ता, कुड़कावाला तथा आसपास के क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर पशुओं को पकड़ा जाएगा।
लच्छीवाला वन क्षेत्राधिकारी मेधावी कीर्ति ने बताया कि वन विभाग के पास केवल ग्रामीण क्षेत्रों में बंदरों को पकड़ने की जिम्मेदारी है। वर्ष 2024 में बनाए गए प्रावधानों के तहत निकाय क्षेत्रों में बंदरों को पकड़ने की जिम्मेदारी संबंधित निकाय प्रशासन की होती है। इसके लिए निकाय प्रशासन बंदर पकड़ने वाली विशेष टीमों को बुलाकर दैनिक भत्ते के आधार पर अभियान संचालित कर सकता है।











