• About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact
Uttarakhand Samachar
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
Uttarakhand Samachar
No Result
View All Result

आखिर कब लेगा वन विभाग घेस स्थित लाखों रूपयों की लागत से निर्मित बंगालों की सुध

26/04/22
in उत्तराखंड, चमोली
Reading Time: 1min read
218
SHARES
272
VIEWS
Share on FacebookShare on WhatsAppShare on Twitter

थराली से हरेंद्र बिष्ट।
विकासखंड देवाल के अंतर्गत पिछले साल ही घेस.बगजी.नागाड पर्यटक रूट को ट्रैक ऑफ दा ईयर घोषित करने के बावजूद पर्यटन रूट के प्रवेश द्वार घेस का डाक बंगला आज भी लावारिस हाल में पड़ा हुआ हैं। किंतु विभाग हैं कि इसकी दुर्दशा को दूर करना तों दूरा रहा इसके रखरखाव के लिए एक जिम्मेदार कर्मचारी तक को भी तैनात नही कर पा रहा हैं।

दरअसल राज्य सरकार के द्वारा लगातार प्रयास किया जा रहा हैं कि राज्य को किस तरह से धार्मिक राज्य के साथ ही पर्यटक राज्य बनाया जा सकें। इसके लिए पूरे राज्य में पर्यटन विकास के लिए तमाम योजनाओं के साथ ही परियोजनाएं बना कर धरातल पर उतारने का प्रयास किया जा रहा हैं।इसी के तहत प्राकृतिक सौंदर्य से आच्छादित किंतु पर्यटकों की नजरों से ओझल बनें हुए पर्यटक स्थलों की ओर पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए सरकार के द्वारा पूरे राज्य के दुरस्थ पर्यटक क्षेत्रो के रूप में विकसित करने के लिए अलग.अलग पर्यटन रूटों को ट्रक ऑफ दा ईयर घोषित कर इस रूट में तमाम तरह की मूलभूत सुविधाओं को मुहैया कराने का प्रयास किया जा रहा हैं।

इसी के तहत चमोली जिले के दुरस्थ गांवों घेस से बगजी बुग्याल होते हुए नागाड तक करीब 20 किमी लंबे पैदल पर्यटक रूट की पहचान की है। इसके तहत पिछले साल ही राज्य सरकार ने घेस.बगजी.नागाड़ को ट्रेक ऑफ दा ईयर घोषित किया हैं। जल्द से जल्द योजनाबद्ध तरीके से सरकार के द्वारा इस पर पर्यटकों की सुविधा के अनुरूप मूलभूत सुविधाओं की स्थापना की योजना बनाई जा रही हैं। जिसमे पर्यटन विभाग के बाद सबसे बड़ी जिम्मेदारी वन विभाग को निभानी है। किंतु अब प्रश्न उठने लगा हैं कि क्या वन विभाग के भरोसे इस पर्यटन रूट का विकास हो सकता हैं।

इस उठ रहे प्रश्न का बड़ा कारण घेस गांव के बीचों बीच दशकों पूर्व त्रिशूली वन विश्राम भवन के नाम से स्थापित दो सूटों का वन विभाग का गेस्ट हाउस बन रहा है। दरअसल लाखों रुपए की लागत से निर्मित गेस्ट हाउस लावारिस हालत में पड़ा हुआ है। जो कि वन विभाग की कार्यकुशलता को दरसाने के लिए काफी है। यहां पर ना तो कोई कर्मचारी तैनात किया गया है और ना ही इसके देखरेख पर विभाग का कोई ध्यान है। वर्तमान की स्थिति को देख लगता है कि महिनों से इस बंगले का ना तो ताला खोला गया है और ना ही इसकी साफ.सफाई ही की है। ऐसी स्थिति में 20 किमी से अधिक लंबे रूट पर वन विभाग किस तरह से पर्यटकों को सुविधाएं देने के साथ जंगलों एवं बुग्यालों को संरक्षित कर पाएगा, बंगले की स्थिति को देख स्वतः अनुमान लगाया जा सकता है।
………..
पूर्व पिंडर रेंज देवाल के वन क्षेत्राधिकारी त्रिलोक सिंह बिष्ट ने बताया कि इस बंगले में विभागीय कोई भी चौकीदार तैनात नही है। इसके संचालन की वैकल्पिक जिम्मेदारी इस बीट के फारेस्ट गार्ड को सौपी गई है। बताया कि समय.समय पर अभावों के बावजूद यहां पर टूरिस्ट आते रहते हैं। उन्होंने बताया की इस बंगले में पानी की व्यवस्था नही है। इस परिसर के चारों ओर चार दिवारी के अभाव में अवारा पशुओं का भी बंगले में आवागमन बना रहता है। इस संबंध में विभागीय उच्चाधिकारियों को कई बार अवगत कराया जा चुका हैं किन्तु स्थिति जस की तस बनी हुई है। हालांकि 2008 में इस बंगले में वृहद स्तर पर मरम्त कार्य किए जाने की उन्होंने बात कही। इस बंगले की बनी हुई दुर्दशा अपनी लावारिस हालत का बखान करने के लिए काफी है।
……
त्रिशूली वन विश्राम भवन का नाम यूं ही नही लिखा गया हैं। दरअसल जिस स्थान पर भवन का निर्माण किया गया है, वहा से त्रिशूल हिम पर्वत श्रृंखला का दृश्य देखते ही बनता है। इसके प्रचार.प्रसार से प्रति वर्ष हजारों प्रकृति प्रेमी पर्यटक यहां पर खिंचे आ सकते हैं।

Share87SendTweet55
Previous Post

केदारनाथ पहुंचकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने निर्माण कार्यों का लिया जायजा

Next Post

डोईवालाः किरायेदार सत्यापन के उल्लंघनकर्ताओं पर लगाया 6 लाख 40 हजार का जुर्माना

Related Posts

उत्तराखंड

अनुच्छेद 370 हटने के सात साल, श्यामा प्रसाद मुखर्जी का सपना पूरा

August 5, 2026
11
उत्तराखंड

उत्तराखंड के ग्रीष्मकालीन राजधानी के विद्यालय का बुरा हाल

August 5, 2026
10
उत्तराखंड

राष्ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण के सदस्य श्री प्रमोद नारायण ने किया लखवाड़ एवं व्यासी परियोजनाओं का निरीक्षण

August 5, 2026
60
उत्तराखंड

डोईवाला महाविद्यालय में ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित

August 5, 2026
119
उत्तराखंड

एसडीआरएफ ने शंकराचार्य चौक पर लगाया निःशुल्क चिकित्सा शिविर

August 5, 2026
11
उत्तराखंड

नंदा देवी राजजात को लेकर 7 अगस्त की बैठक की तैयारियां तेज

August 5, 2026
12

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Popular Stories

  • चार जिलों के जिलाधिकारी बदले गए

    67718 shares
    Share 27087 Tweet 16930
  • डोईवाला : पुलिस,पीएसी व आईआरबी के जवानों का आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण सम्पन्न

    45786 shares
    Share 18314 Tweet 11447
  • ऑपरेशन कामधेनु को सफल बनाये हेतु जनपद के अन्य विभागों से मांगा गया सहयोग

    38073 shares
    Share 15229 Tweet 9518
  •  ढहते घर, गिरती दीवारें, दिलों में खौफ… जोशीमठ ही नहीं

    37453 shares
    Share 14981 Tweet 9363
  • विकासखंड देवाल क्षेत्र की होनहार छात्रा ज्योति बिष्ट ने किया उत्तराखंड का नाम रोशन

    37370 shares
    Share 14948 Tweet 9343

Stay Connected

संपादक- शंकर सिंह भाटिया

पता- ग्राम एवं पोस्ट आफिस- नागल ज्वालापुर, डोईवाला, जनपद-देहरादून, पिन-248140

फ़ोन- 9837887384

ईमेल- shankar.bhatia25@gmail.com

 

Uttarakhand Samachar

उत्तराखंड समाचार डाॅट काम वेबसाइड 2015 से खासकर हिमालय क्षेत्र के समाचारों, सरोकारों को समर्पित एक समाचार पोर्टल है। इस पोर्टल के माध्यम से हम मध्य हिमालय क्षेत्र के गांवों, गाड़, गधेरों, शहरों, कस्बों और पर्यावरण की खबरों पर फोकस करते हैं। हमारी कोशिश है कि आपको इस वंचित क्षेत्र की छिपी हुई सूचनाएं पहुंचा सकें।
संपादक

Browse by Category

  • Bitcoin News
  • Education
  • अल्मोड़ा
  • अवर्गीकृत
  • उत्तरकाशी
  • उत्तराखंड
  • उधमसिंह नगर
  • ऋषिकेश
  • कालसी
  • केदारनाथ
  • कोटद्वार
  • क्राइम
  • खेल
  • चकराता
  • चमोली
  • चम्पावत
  • जॉब
  • जोशीमठ
  • जौनसार
  • टिहरी
  • डोईवाला
  • दुनिया
  • देहरादून
  • नैनीताल
  • पर्यटन
  • पिथौरागढ़
  • पौड़ी गढ़वाल
  • बद्रीनाथ
  • बागेश्वर
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • रुद्रप्रयाग
  • रुद्रप्रयाग
  • विकासनगर
  • वीडियो
  • संपादकीय
  • संस्कृति
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • साहिया
  • हरिद्वार
  • हेल्थ

Recent News

अनुच्छेद 370 हटने के सात साल, श्यामा प्रसाद मुखर्जी का सपना पूरा

August 5, 2026

उत्तराखंड के ग्रीष्मकालीन राजधानी के विद्यालय का बुरा हाल

August 5, 2026
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.