• About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact
Uttarakhand Samachar
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
Uttarakhand Samachar
No Result
View All Result

पहाड़ी मूली, रंग-रूप स्वाद तीनों में अलग, पत्ते से लेकर जड़ तक सब उपयोगी

22/09/26
in उत्तराखंड, देहरादून
Reading Time: 1min read
4
SHARES
5
VIEWS
Share on FacebookShare on WhatsAppShare on Twitter

डॉ० हरीश चन्द्र अन्डोला
पहाड़ में पैदा होने वाली मूली भी मैदानी मूली की ही तरह खाद्य जड़ों वाली सब्जी है, जो कि क्रूसीफैरी परिवार की सदस्य है. मूली इतनी आसानी से पैदा होने और फैलने वाली फसल है कि यह न तो अधिक देखभाल मांगती है और न ही बहुत अधिक खाद आदि.  पहाड़ी मूली तकरीबन 2 किलो से 3 किलो वजन की होती हैदरअसल, यह एक जल्दी उगने वाली और सदाबहार फसल है. इस की जड़ें विभिन्न रंगों जैसे सफेद से लाल और हलके भूरे रंग की होती हैं.पहाड़ी क्षेत्र में कुमाऊं मंडल, गढ़वाल, हिमाचल प्रदेश आदि मुख्य मूली उत्पादक राज्य हैं. पहाड़ की मूली के लिए अगस्त महीने का समय खेत तैयार कर के उत्पादन के लिए सही है.पिछले कुछ सालों से पहाड़ में मूली की खूब पैदावार हो रही है. मूली की मांग हर शहर, हर गांवकसबे में सालभर बनी रहती है. वर्तमान में दूसरी फसलों की तरह मूली के दाम भी बहुत महंगे होते हैं.मूली की खेती से अच्छा मुनाफा कमाने के लिए हाईब्रिड मूली की खेती करनी चाहिए, क्योंकि हाईब्रिड मूली का बीज बोने से उन की जड़ें दूध की तरह सफेद, लंबी और चमकदार होती हैं, इसलिए आप को बीज भंडार की दुकानों पर तमाम तरह की उन्नत किस्में मिल जाएंगी.अगर हम मूली की उन्नत किस्मों की बात करें, तो पंजाब अगेती, पंजाब सफेद, पूसा देशी, पूसा चेतकी, जौनपुरी, बांबे रैड, पूसा रेशमी, अर्का, कल्याणपुर आदि के बीज मिल जाएंगे. मूली अगर घर पर ही गमले या मोटे डब्बे में लगाने जा रहे हैं, तो अखबार की गली हुई खाद और पत्तों को मिट्टी में मिला कर एक दिन बाद बीज बोने चाहिए. गमले या टीन और गत्ते के बक्से में मूली बहुत अच्छी होती है. उत्तराखंड के पहाड़ों में मिलने वाली मूली सिर्फ एक आम सब्जी नहीं, बल्कि यहां के पारंपरिक खान-पान का खास हिस्सा है. मैदानी मूली से अलग स्वाद, खुशबू और बनावट वाली इस मूली का इस्तेमाल सलाद से लेकर सब्जी, अचार और इसके पत्तों से बनने वाले कई पहाड़ी पकवानों में किया जाता है. खास बात यह है कि पहाड़ी इलाकों में इसकी उपलब्धता भी सीमित समय के लिए रहती है, जिससे स्थानीय बाजार में इसकी अलग पहचान बनी हुई है. नैनीताल के आसपास के कुछ गांवों की मूली अपने स्वाद और आकार के लिए खास मानी जाती हैपहाड़ी मूली की खास बात यह है कि इसके सिर्फ जड़ वाले हिस्से का इस्तेमाल नहीं होता. इसके हरे पत्ते और कोमल तने भी खाने में उपयोग किए जाते हैं. पहाड़ों में मूली के पत्तों की सब्जी बनाई जाती है और इन्हें दाल समेत कई स्थानीय पकवानों में भी मिलाया जाता है. यानी एक ही सब्जी के अलग-अलग हिस्सों का इस्तेमाल कर पारंपरिक पहाड़ी भोजन को स्वादिष्ट बनाया जाता है. नैनीताल के बीडी पांडे जिला अस्पताल के फिजीशियन के अनुसार, मूली में पानी, फाइबर के साथ विटामिन सी, पोटेशियम, मैंगनीज और आयरन जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं. फाइबर पाचन तंत्र को बेहतर रखने में मदद करता है. मूली और इसके पत्तों को संतुलित आहार का हिस्सा बनाया जा सकता है. हालांकि, पीलिया या लिवर संबंधी बीमारी में इसे इलाज को विकल्प नहीं मानना चाहिए हालांकि आप इसे अपने आहार में शामिल कर सकते हैं. स्थानीय सब्जी विक्रेता दीपेश के अनुसार पहाड़ी मूली सीमित समय के लिए उपलब्ध होती है. पहाड़ों में इसकी उपलब्धता मुख्य रूप से जुलाई से अक्टूबर के बीच रहती है. वहीं मैदानी इलाकों में मूली आमतौर पर सर्दियों में अधिक मिलती है. पहाड़ी मूली का स्वाद और इसके गुण स्थानीय और पहाड़ों में आने वाले लोगों को आकर्षित करता है.बाजार में पहाड़ी मूली करीब 50 से 60 रुपये में उपकुल जाएगी. इसकी कीमत मौसम, आकार और स्थानीय बाजार के अनुसार अलग-अलग हो सकती है. नैनीताल आने वाले कई पर्यटक पहाड़ी सब्जियों और स्थानीय उत्पादों को अपने साथ ले जाना पसंद करते हैं. ऐसे में पहाड़ी मूली पर्यटकों के लिए पहाड़ के पारंपरिक स्वाद को बरकरार रखे हुए है. भारत में किसान पारंपरिक फसलों के स्थान पर सब्जियों की खेती का विकल्प तलाशने लगे हैं. कम समय में अच्छा उत्पादन देने के कारण अब किसान अलग-अलग सब्जियों की खेती करते हैं, जो पारंपरिक फसलों से बेहद का समय में कई बार उत्पादन दे देती है. अभी देश में खरीफ फसलों के खेती जारी है जिसके बाद रबी फसलों की बुवाई का काम किया जाएगा. पिछले कुछ सालों से पहाड़ में मूली की खूब पैदावार हो रही है. मूली की मांग हर शहर, हर गांवकसबे में सालभर बनी रहती है. वर्तमान में दूसरी फसलों की तरह मूली के दाम भी बहुत महंगे होते हैं.।लेखक विज्ञान व तकनीकी विषयों के जानकार दून विश्वविद्यालय में कार्यरत हैं.

Share2SendTweet1
Previous Post

नंदा देवी देश ही नहीं विदेशी सैलानियों की आस्था का भी केंद्र है

Next Post

डोईवाला: थानों में कार की टक्कर से महिला की मौत

Related Posts

उत्तराखंड

डोईवाला: थानों में कार की टक्कर से महिला की मौत

September 22, 2026
3
उत्तराखंड

नंदा देवी देश ही नहीं विदेशी सैलानियों की आस्था का भी केंद्र है

September 22, 2026
2
उत्तराखंड

डोडीताल में विराजे हैं ‘डोडीराजा यहीं मां पार्वती ने दिया था भगवान गणेश को जन्म

September 22, 2026
2
उत्तराखंड

यूजेवीएनएल के प्रबंध निदेशक श्री अजय कुमार सिंह को मिला 5वां आईजीएसआई उत्तराखंड रत्नश्री अवार्ड

September 22, 2026
3
उत्तराखंड

अत्याचार से प्रभावित प्रत्येक व्यक्ति को समय पर न्याय, सुरक्षा और सम्मान मिले – मुख्यमंत्री

September 22, 2026
6
उत्तराखंड

नंदा-सुनंदा की भक्ति में सराबोर हुआ नैनीताल, मुख्यमंत्री श्री धामी ने की प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना

September 22, 2026
5

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Popular Stories

  • चार जिलों के जिलाधिकारी बदले गए

    67742 shares
    Share 27097 Tweet 16936
  • डोईवाला : पुलिस,पीएसी व आईआरबी के जवानों का आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण सम्पन्न

    45794 shares
    Share 18318 Tweet 11449
  • ऑपरेशन कामधेनु को सफल बनाये हेतु जनपद के अन्य विभागों से मांगा गया सहयोग

    38078 shares
    Share 15231 Tweet 9520
  •  ढहते घर, गिरती दीवारें, दिलों में खौफ… जोशीमठ ही नहीं

    37458 shares
    Share 14983 Tweet 9365
  • विकासखंड देवाल क्षेत्र की होनहार छात्रा ज्योति बिष्ट ने किया उत्तराखंड का नाम रोशन

    37382 shares
    Share 14953 Tweet 9346

Stay Connected

संपादक- शंकर सिंह भाटिया

पता- ग्राम एवं पोस्ट आफिस- नागल ज्वालापुर, डोईवाला, जनपद-देहरादून, पिन-248140

फ़ोन- 9837887384

ईमेल- shankar.bhatia25@gmail.com

 

Uttarakhand Samachar

उत्तराखंड समाचार डाॅट काम वेबसाइड 2015 से खासकर हिमालय क्षेत्र के समाचारों, सरोकारों को समर्पित एक समाचार पोर्टल है। इस पोर्टल के माध्यम से हम मध्य हिमालय क्षेत्र के गांवों, गाड़, गधेरों, शहरों, कस्बों और पर्यावरण की खबरों पर फोकस करते हैं। हमारी कोशिश है कि आपको इस वंचित क्षेत्र की छिपी हुई सूचनाएं पहुंचा सकें।
संपादक

Browse by Category

  • Bitcoin News
  • Education
  • अल्मोड़ा
  • अवर्गीकृत
  • उत्तरकाशी
  • उत्तराखंड
  • उधमसिंह नगर
  • ऋषिकेश
  • कालसी
  • केदारनाथ
  • कोटद्वार
  • क्राइम
  • खेल
  • चकराता
  • चमोली
  • चम्पावत
  • जॉब
  • जोशीमठ
  • जौनसार
  • टिहरी
  • डोईवाला
  • दुनिया
  • देहरादून
  • नैनीताल
  • पर्यटन
  • पिथौरागढ़
  • पौड़ी गढ़वाल
  • बद्रीनाथ
  • बागेश्वर
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • रुद्रप्रयाग
  • रुद्रप्रयाग
  • विकासनगर
  • वीडियो
  • संपादकीय
  • संस्कृति
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • साहिया
  • हरिद्वार
  • हेल्थ

Recent News

डोईवाला: थानों में कार की टक्कर से महिला की मौत

September 22, 2026

पहाड़ी मूली, रंग-रूप स्वाद तीनों में अलग, पत्ते से लेकर जड़ तक सब उपयोगी

September 22, 2026
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.