• About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact
Uttarakhand Samachar
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
Uttarakhand Samachar
No Result
View All Result

जल,जंगल,जमीन के बाद अब रोजगार के साधन से भी गए

11/08/21
in उत्तराखंड, चमोली
Reading Time: 1min read
444
SHARES
555
VIEWS
Share on FacebookShare on WhatsAppShare on Twitter

फाटो-
01-भूस्खलन से पहले सुरक्षित स्थान पर खडा होटल।
02- भूस्खलन के बाद होटल का नामोनिशाॅ ही मिटा।

प्रकाश कपरूवाण ।
जोशीमठ।

जल,जंगल, जमीन के बाद अब रोजगार का आशियाना भी छिना, प्रकृति की मार भी परियोजना प्रभावितों के ऊपर ही पहाड बनकर टूट रही है। सुरंग के कारण रोजगार का एक मात्र साधन भी ध्वस्त होने से सदमे है प्रभावित परिवार। सेंलग गाॅव व बदरीनाथ हाईवे भी अब भूस्खलन की जद मे आ चुका है।


एनटीपीसी द्वारा निर्माणाधीन 520मेगावाट की विद्युत परियोजना से प्रभावित गाॅव सेलंग पर अब आफत के बादल मंडराने लगे है। सेलंग गाॅव के ठीक नीचे से बनाई गई एडिट टनल का असर अब दिखने लगा है, टनल के ऊपर बसे सेलंग गाॅव भी अब खतरे की जद मे आ गया है, यहाॅ गाॅव के नीचे बदरीनाथ हाईवे के साथ ही गाॅव की ओर भी दरारे दिखनी शुरू हो गई है। जिसके चलते पूरा गाॅव भयभीत है, और अब विस्थापन की मंाग करने लगा है।

इस परियोजना के लिए सेलंग गाॅव की करीब एक हजार नाली उपजाऊ भूमि व करीब तेरह सौ नाली वन पंचायंत की भूमि का अधिग्रहण किया गया था, कई विरोध के वावजूद हुए अधिग्रहण के बाद उस समय जो भी धनराशि मिली उस राशि से भूमि से बेदखल हो चुके लेागो ने पलायन के बजाय पर्यटन के माध्यम से रोजगार का रास्ता चुना, और गाॅव के नीचे बदरीनाथ हाइ्र्र वे पर होटल-ढाबो का निर्माण किया, लेकिन गाॅव के नीचे बने सुरंगो के कारण अब प्रभावित ग्रामीणों के एक मात्र रोजगार के साधन होटल आदि भी जमीदोज हो रहे है, ऐसा ही वाकया बीती 7अगस्त को सेलंग मे हुआ, टनल के ऊपरी ओर बना 25कमरो का होटल व 4कमरो का सामुदायिक भवन जमींदोज हो गए। इतना ही नही सेलंग गाॅव के नीचे की ओर बदरीनाथ हाइ्रवे तक बडी-बडी दरारें दिख रही है जो दिनप्रतिदिन चैडी होती जा रही है।


स्ुाुरक्षित समझे जाने वाली भूमि पर बनाए गए होटल व सामुदायिक भवन के ढह जाने व गाॅव के निचली ओर बढ रही दरारों को देखते हुए प्रभावित ग्रामीण भी भयभीत है,और विस्थापन की मांग कर रहे है। ऐसा नही कि सेलंग के प्रभावित ग्रामीणों ने पहले विस्थापन की मांग ना की हो, परियोजना निर्माण शुरू होते ही इसी आंशका को देखते हुए ग्रामीणों ने सुरक्षित स्थान पर विस्थापन की मांग की थी, लेकिन किसी भी स्तर पर प्रभावित ग्रामीणों की सुनवाई नही हुई, और नतीजा जल, जंगल जमीन, चाल, खाल सब कुछ बर्दाद होने के बाद अब पर्यटन के माध्यम से स्वरोजगार के साधन जुटाकर परिवार की गुजर बसर करने वाले प्रभावित ग्रामीणो को परियोजना के कारण ही इससे भी बेदखल होना पडा रहा है।


परियोजना के कारण प्रभावित गाॅव सेलंग मे हुई घटना से चिन्तित ग्रामीणों की एक बेहद आवश्यक बैठक ग्राम प्रधान अन्जू देवी की अध्यक्षता मे हुई जिसमे एक स्वर से एनटीपीसी के माध्यम से गाॅव के विस्थापन की कार्यवाही कराने के साथ ही एडिट टनल के ऊपरी ओर ्रपभावित काश्तकार उदय ंिसह फरस्वांण के 25कमरो का होटल व चार कमरो का सामुदायिक भवन का मुवावजा भी एनटीपीसी से दिलाने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया।


दरसअल एनटीपीसी द्वारा निर्माणाधीन तपोवन-विष्णुगाड 520मंेगावाट की जल विद्युत परियोजना टनल आधरित परियोजना है, जिसमे तपोवन से लेकर अणीमठ-पैनी तक करीब 12किमी0सुरंग का निर्माण कार्य जारी है। इस सुरंग के ऊपर तपोवन, ढाक, बडागाॅव, मेरग, सेलंग व पैनी ग्राम पंचायतों के अलावा जोशीमठ नगर पालिका के पूरे क्षेत्र की वसावट है, और अब सेलंग मे सुरंग के ऊपरी ओर बने भवन जिस प्रकार से ध्वस्त होकर जमींदोज हो रहे है, इससे 12किमी0 सुरंग के ऊपर की बसावट पर क्या इसी प्रकार का खतरा मंडरा सकता है!

इस घटना ने अब नई बहस को जन्म दे दिया है। यहाॅ यह भी बताना आवश्यक है कि जेपी पावर बैचंर द्वारा इसी सीमान्त पैनखण्डा विकास खंड जोशीमठ मे 400मेगावाट की परियोजना का निर्माण किया है,यह परियोजना भी सुरंग आधारित परियोजना है, इस परियोजना के लिए संुरग का निमार्ण अधिकांश चटटानी भाग मे हुआ है, बसावट केवल चाॅई गाॅव ही सुरंग के ऊपर है,और वहाॅ भूस्खलन हुआ था, और चाॅई गाॅव के निचले हिस्से के ग्रामीणों को जोशीमठ के मारवाडी अािद सुरक्षित स्थानो पर विस्थापन किया गया था।

अब देखना होगा कि सेलंग गाॅव की घटना के बाद पर्यावरणविद, भूगर्भवेत्ता नए सिरे से इस परियोजना का अध्ययन कब तक शुरू कर पाते है, और उत्तराखंड सरकार प्रभावित गाॅव सेलंग की जानमाल की सुरक्षा के बेहतर उपाय किस प्रकार करती है, इस पर हल्की वारीश मे रतजगा कर रहे सेंलग गाॅव के प्रभवितो की नजरें रहेगी।

Share178SendTweet111
Previous Post

टूट रहा है डायट प्रशिक्षितों का धैर्य, रैली निकाली, जोरदार प्रदर्शन, क्रमिक अनशन जारी

Next Post

विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान ने किया मोटर मार्ग का शिलान्यास

Related Posts

उत्तराखंड

ऐपण कला को नई पहचान देने वाली कलाकार ज्योति जोशी सम्मानित

April 27, 2026
7
उत्तराखंड

बाम्बे सिनेमा तब और अब पर सचित्र व्याख्यान

April 27, 2026
7
उत्तराखंड

सीमावर्ती क्षेत्रों में व्यापार व आधारभूत ढांचे के सुदृढ़ीकरण को लेकर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने समीक्षा बैठक की

April 27, 2026
6
उत्तराखंड

जल के बिना जीवन की कल्पना भी मुश्किल है!

April 27, 2026
8
उत्तराखंड

84 प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारियों ने किया एसडीआरएफ मुख्यालय का दौरा

April 26, 2026
39
उत्तराखंड

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ का 133वां संस्करण सुना

April 26, 2026
17

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Popular Stories

  • चार जिलों के जिलाधिकारी बदले गए

    67680 shares
    Share 27072 Tweet 16920
  • डोईवाला : पुलिस,पीएसी व आईआरबी के जवानों का आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण सम्पन्न

    45776 shares
    Share 18310 Tweet 11444
  • ऑपरेशन कामधेनु को सफल बनाये हेतु जनपद के अन्य विभागों से मांगा गया सहयोग

    38051 shares
    Share 15220 Tweet 9513
  •  ढहते घर, गिरती दीवारें, दिलों में खौफ… जोशीमठ ही नहीं

    37441 shares
    Share 14976 Tweet 9360
  • विकासखंड देवाल क्षेत्र की होनहार छात्रा ज्योति बिष्ट ने किया उत्तराखंड का नाम रोशन

    37330 shares
    Share 14932 Tweet 9333

Stay Connected

संपादक- शंकर सिंह भाटिया

पता- ग्राम एवं पोस्ट आफिस- नागल ज्वालापुर, डोईवाला, जनपद-देहरादून, पिन-248140

फ़ोन- 9837887384

ईमेल- shankar.bhatia25@gmail.com

 

Uttarakhand Samachar

उत्तराखंड समाचार डाॅट काम वेबसाइड 2015 से खासकर हिमालय क्षेत्र के समाचारों, सरोकारों को समर्पित एक समाचार पोर्टल है। इस पोर्टल के माध्यम से हम मध्य हिमालय क्षेत्र के गांवों, गाड़, गधेरों, शहरों, कस्बों और पर्यावरण की खबरों पर फोकस करते हैं। हमारी कोशिश है कि आपको इस वंचित क्षेत्र की छिपी हुई सूचनाएं पहुंचा सकें।
संपादक

Browse by Category

  • Bitcoin News
  • Education
  • अल्मोड़ा
  • अवर्गीकृत
  • उत्तरकाशी
  • उत्तराखंड
  • उधमसिंह नगर
  • ऋषिकेश
  • कालसी
  • केदारनाथ
  • कोटद्वार
  • क्राइम
  • खेल
  • चकराता
  • चमोली
  • चम्पावत
  • जॉब
  • जोशीमठ
  • जौनसार
  • टिहरी
  • डोईवाला
  • दुनिया
  • देहरादून
  • नैनीताल
  • पर्यटन
  • पिथौरागढ़
  • पौड़ी गढ़वाल
  • बद्रीनाथ
  • बागेश्वर
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • रुद्रप्रयाग
  • रुद्रप्रयाग
  • विकासनगर
  • वीडियो
  • संपादकीय
  • संस्कृति
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • साहिया
  • हरिद्वार
  • हेल्थ

Recent News

ऐपण कला को नई पहचान देने वाली कलाकार ज्योति जोशी सम्मानित

April 27, 2026

बाम्बे सिनेमा तब और अब पर सचित्र व्याख्यान

April 27, 2026
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.