हरेंद्र बिष्ट की रिपोर्ट।
थराली।बधाण की नंदादेवी राजराजेश्वरी की उत्सव डोली तमाम कयासों को दरकिनार कर केंद्रीय समिति मां नंदादेवी राजराजेश्वरी बधाण थराली के द्वारा जारी कार्यक्रम के तहत देवाल विकास खंड के अंतर्गत धरा तल्ला गांव अपने 8वें पड़ाव में पहुंच गई हैं।इस दौरान चेपड़ो गांव में क्षेत्र के थोकदारों के द्वारा शनिवार की सुबह चेपड़ो गांव में विशेष पूजा की। जबकि कुमाऊं के अल्मोड़ा के राज प्रतिनिधियों का दल भी यात्रा में सम्मिलित होने के लिए चेपड़ो गांव पहुंचा किंतु उनकी भेट देव डोली से नही हो पाईं। और उन्हें बिना देवी दर्शन के ही वापस लौटना पड़ा।
शनिवार को बधाण की नंदा डोली अपने 7 वें पड़ाव थराली के चेपड़ो गांव से दोपहर करीब 1 बजें अपने अगले पड़ाव देवाल ब्लाक के धरा तल्ला गांव के लिए रवाना हुई, इससे पूर्व चेपड़ो गांव में एक दर्जन से अधिक गांवों के नंदा भक्तों ने देवी की स्तुति करते हुए खाजा,कलेऊं,काखड़ी,मुगरी सहित अन्य भेंट, पवाड़ा अर्पित किया।इसी दौरान पिंडर क्षेत्र के थोकदारो के अलावा कांसवा के राजा के प्रतिनिधियों ने देवी की विशेष पूजा अर्चना की।इस मौके कांसवा के राज प्रतिनिधि कुंवर जय विक्रम सिंह,थोकदार त्रिलोक सिंह बुटोला, पृथ्वी सिंह बुटोला, मंदिर समिति देवराड़ के अध्यक्ष भुवन हटवाल, शौर्य प्रताप सिंह रावत, विजेंद्र रावत, सुशील रावत,डीडी कुनियाल, प्रेमशंकर सिंह रावत,कुरूड़ मंदिर समिति के अध्यक्ष नरेश गौड़, पूर्व अध्यक्ष मनशा राम गौड़ आदि ने विशेष पूजा में प्रतिभाग किया। इसके बाद दोपहर करीब 12 बजें नंदा के पश्वाह के अलावा कई महिलाओं एवं लड़कियों पर देवी अवतारित हुए वें काफी देर तक नाचते रहें। और श्रद्धालुओं को आश्रीवाद दिया।इसके बाद यात्रा ने करीब 1 बजें चेपड़ो से विदा ली, इसके बाद यात्रा ऊणी गांव के नीचे पहुंची जहां पर ऊणी, कल्याणी,चिडिगा,जोला आदि गांवों के ग्रामीणों ने देवी की पूजा अर्चना की। इसके बाद करीब 2.30 बजें यात्रा दोपहर के भोजन पर देवाल ब्लाक के कोठी गांव पहुंची। जहां पर भारी तादाद में नंदा भक्तों ने विधिवत पूजा अर्चना कर मनौतियां मांगी। इसके बाद केंद्रीय समिति मां नंदादेवी राजराजेश्वरी बधाण -थराली एवं मंदिर समिति कुरूड़ के दूसरे जारी कार्यक्रम के अनुसार यात्रा रात्रि प्रवास के लिए धरा तल्ला गांव पहुंच गई हैं। यहां पर उल्लेखनीय हैं कि श्री नंदा देवी राजराजेश्वरी बड़ी जात यात्रा के कार्यक्रम के तहत डोली को नंदाधाम नंदकेसरी में प्रवास के लिए पहुंचना है। अब स्पष्ट हो गया हैं कि बधाण की नंदा देवी राजराजेश्वरी लोकजात यात्रा ही करेगी।
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बधाण की नंदादेवी की लोकजात में हिस्सा लेने एवं अपनी कुल देवी नंदा को चेपड़ो गांव में ध्वजा समर्पित करने अल्मोड़ा से पहुंचे राजा के प्रतिनिधियों का दल नंदा की डोली से विधिवत भेट नही कर पाया,जिस समय दल चेपड़ो के लिए राजमार्ग थराली -देवाल-वांण मोटर मार्ग से चेपड़ो के लिए गुजरात रहा था उस समय नंदा डोला इसी इसी राजमार्ग पर ऊंणी गांव के नीचे बने चबूतरे में विराजमान थी, किंतु दल सीधे चेपड़ो गांव के लिए रवाना हो गया। बताया जा रहा है कि चेपड़ो में दल ने नंदा शिला की पूजा की और वापस लौट पड़ा। यह दल नंदा को समर्पित करने के लिए लाएं गए ध्वज को सार्वजनिक रूप से नंदा को अर्पित नही कर पाया। इसके साथ ही इस दल के साथ पहुंचे वाद्ययंत्रों के साथ पहुंचे रणबांकुरों का दल भी अपने वाद्य यंत्रों एवं लोकनृत्य का भी प्रदर्शन नही कर पाया।
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चेपड़ो गांव से लेकर कोठी,धरा तल्ला, नंदकेसरी में अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश, उपजिलाधिकारी थराली यशवीर सिंह, कर्णप्रयाग अलकेश नोडियाल अतरिक्त पुलिस अधीक्षक आशीष भारद्वाज,सीओ कर्णप्रयाग त्रिवेंद्र सिंह राणा, थराली के थानाध्यक्ष विनोद चौरसिया के साथ भारी मात्रा में पुलिस बल मौजूद रहा।











