• About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact
Uttarakhand Samachar
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
Uttarakhand Samachar
No Result
View All Result

एक तरफ बड़ी जात, लोक जात का झमेला, दूसरी तरफ निर्जन पड़ावों की व्यवस्था का सवाल

16/09/26
in उत्तराखंड, चमोली
Reading Time: 1min read
127
SHARES
159
VIEWS
Share on FacebookShare on WhatsAppShare on Twitter

हरेंद्र बिष्ट की रिपोर्ट।
थराली।अब जबकि श्री नंदादेवी बड़ी जात एवं श्री नंदादेवी लोकजात यात्रा एक दिन बाद अर्थात गुरुवार को यात्रा मार्ग के अंतिम आबादी वाले गांव वांण से निर्जन पड़ाव गैरोलीपातल पहुंच जाएगी तों हजारों की संख्या में यात्राओं के साथ चल रहे नंदा भक्तों की बड़ी परीक्षा भी शुरू हो जाएगा। बड़ी जात एवं लोकजात यात्रा में उलझी इस बार की यात्रा में राज्य सरकार के द्वारा अब बिना संसाधनों के यात्रा के अंतिम समय में पुलिस, प्रशासन को तों झोंक दिया है किन्तु निर्जन पड़ावों में, बिजली, पानी, पैदल मार्गों, स्वास्थ्य, शौचालयों, ठहरने के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाओं को करने से पूरी तरह से हाथ खिंचे हुए हैं।उसे देख लग रहा हैं कि सरकार को इस देव यात्रा से कोई भी लेना-देना नही रह गया हैं।अब तक ग्राउंड जीरो को देख कुछ यही लग रहा हैं। यात्रा में जानें वाले यात्रियों को अपने स्वयंम के संसाधनों से ही निर्जन पड़ावों की यात्रा करनी होगी, किंतु जिस तरह से दशोली, बण्ड एवं ज्वाल्पा देवी कमेटियों एवं यात्रा में चल रहे यात्रियों के हौसले बुलंद हैं उसे देख लग रहा हैं कि उन्हें भी सरकार से कुछ लेना-देना न रह कर अपनी देवी की आस्था पर ही विश्वास हैं।
दरसअल प्रति वर्ष सदियों से छोटी जात अर्थात लोकजात यात्रा का और 12 वर्षों अथवा 12 वर्षों के बाद श्री नंदादेवी राजजात, बड़ी जात का आयोजन होता आया हैं। श्री नंदादेवी राजराजेश्वरी की लोकजात यात्रा प्रति वर्ष भादों मास में श्री कृष्ण जन्माष्टमी के बाद सिद्धपीठ कुरूड़ से शुरू हो कर वेदनी बुग्याल तक जाती हैं और वहां से लौट कर सिद्धपीठ देवराड़ा-थराली के मंदिर में 6 माह के प्रवास पर विराजमान हो जाती हैं।इस यात्रा में पिछले वर्षों तक कम ही यात्री सामिल होते आए हैं, यात्रियों की संख्या कम होने से एक मात्र निर्जन पड़ाव गैरोलीपातल अथवा वेदनी बुग्याल में रात्रि कालीन व्यवस्थाओं को जुटाने में किसी भी तरह की परेशानियां खड़ी नही होती थी।किंतु इस बार श्री नंदादेवी लोकजात एवं श्री नंदादेवी बड़ी जात यात्रा के चलते इतिहास में पहली बार यात्रियों का जो हुजूम यात्रा में उमड़ रहा हैं उसे एतिहासिक माना जा रहा हैं, सरकार अब चाहे कितने भी बहाने बना लें किन्तु राज्य सरकार अपनी गलतियों से नही मुकर सकती हैं।2025 के अंतिम महिनों को याद करें तों स्वयंम मुख्यमंत्री ने श्री नंदादेवी राजराजेश्वरी राजजात को लेकर कई बार हाई लेवल मीटिगें कर 2026 की राजजात की तैयारियों में जुटने के प्रशासन को निर्देश दिए थें। यहां नही प्रशासन के अधिकारी भी 2025 तक राजजात को लेकर मीटिंग -मीटिंग का खेल खेलते रहे। इससे बड़ी बात राजराजेश्वरी राजजात समिति नौटी ने तों हिंदु पंचांग में तक नंदादेवी राजजात 2026 को लेकर लेख तक छपवा दिए थें। अचानक 2026 आतें-आतें राजजात समिति नौटी एवं राज्य सरकार ने बिना ठोस कारणों के एक तरफा फैसला लेते हुए 2025 में प्रस्तावित श्री नंदादेवी राजजात यात्रा को स्थगित कर 2027 में आयोजित करने का निर्णय लें कर सरकार यात्रा को लेकर गहरी नींद में सो गईं। किंतु सर्वमान्य निर्माण नही होने से नंदा सिद्धपीठ कुरूड़ से 2026 में राजजात के बजाय श्री नंदादेवी बड़ी जात के सर्वसम्मति से निर्णय लेकर अपनी तैयारियां भी शुरू कर दी, पिछले तीन महिनों से अधिक समय से बड़ी जात आयोजन कमेटी यात्रा का लगातार प्रचार, प्रसार करती रही परिणामस्वरूप नंदा की बड़ी जात एवं बधाण की लोकजात यात्रा में जिस कदर देवी भक्त सामिल हो रहें हैं उससे पूरे चमोली जनपद वासी स्वयंम ही भौचक्के हों कर रह गए हैं। उदाहरण के तौर पर जिस तादाद में यात्रीगण थराली -देवाल, ग्वालदम-नंदकेशरी -देवाल होते हुए वांण एवं आगे के पड़ावों में बुधवार की सुबह से देर सांय तक जा चुके हैं और गुरुवार की सुबह से ही जानें वाले यात्रियों का सिलसिला जारी है वह अपने आप में लोकजात के लिए इतिहास हैं,इसके अलावा नंदानगर (घाट) से आ रही नंदादेवी दशोली परगना,नंदादेवी बण्ड़ परगना, ज्वालपा देवी की उत्सव डोलियों के अलावा भारी संख्या में नंदा छतोलियां यात्रा के तहत कैलाश के लिए रवाना हुई हैं और इनके साथ जिस बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालुओं के अलावा राज्य के अलग-अलग हिस्सों व देश के अन्य भागों से चल रहें भक्तों गणों को देख कर अनुमान लगाया जा रहा है कि 17 सितंबर जिस दिन यात्रा गैरोलीपातल अथवा वेदनी बुग्याल पहुंचेगी उस दिन अर्थात गुरुवार को हजारों की संख्या में नंदा भक्त गैरोलीपातल व वेदनी बुग्याल में इकट्ठा हो सकतें हैं। श्री नंदादेवी राजराजेश्वरी समिति बधाण थराली के जारी यात्रा कार्यक्रम के अनुसार बधाण की नंदादेवी की डोली सप्तमी को वेदनी कुंड में तर्पण एवं नंदा देवी मंदिर में पूजा अर्चना के बाद सिद्धपीठ देवराड़ा के लिए लौट पड़ेगी, जबकि दशोली,बण्ड़ व ज्वालपा देवी की डोलियां कैलाश गमन के तहत होम कुंड की ओर प्रस्थान कर जाएगी।सवाल उठ रहा है कि जब हजारों की संख्या में गैरोलीपातल व वेदनी बुग्याल जों कि निर्जन क्षेत्र हैं और इससे आगे पातरनचौनियां,बगवाबासा,शीलासमुद्र,तातणा,नारिंग खोपड़ी जोकि पूरी तरह से निर्जन पड़ाव हैं। बड़ी जात यात्रा को गैरोलीपातल अथवा वेदनी,आली बुग्याल, पातरनचौनियां अथवा बगवाबासा, शीलासमुद्र, जामुन डाली अथवा तातणा , नारिंग खोपड़ी में रात्रि विश्राम करना पड़ेगा। बड़ी जात के यात्रियों को कम-से-कम 4 रातें निर्जन पड़ावों पर गुजारनी होगी, जहां पर राज्य सरकार के द्वारा अबतक किसी भी तरह की कोई व्यवस्था नही की हैं। हालांकि सरकार ने बधाण की नंदादेवी का डोला थराली पहुंचे ही पुलिस, प्रशासन की सक्रियता बढ़ा दी हैं, किंतु पुलिस के जवानों से लेकर प्रशासनिक अधिकारी तक स्वयंम अपनी व्यवस्थाओं के लिए मौहताज हों कर आगे बढ़ रहें हैं तो उनसे यात्रियों को किसी भी तरीके की व्यवस्था जुटाने की आशा करना बेमानी ही होगी। यें हालत एवं सूरत उस समय की बायं कर रहे हैं,जबकि अभी यात्रा मोटर सड़क के इर्द-गिर्द के पड़ावों से हों कर गुजर रही हैं, निर्जन पड़ावों में क्या होगा कोई भी कुछ कहने की स्थिति में नही हैं। उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों के लिए श्री नंदादेवी की यात्रा काफी अधिक मायने रखती हैं। किंतु इस की अनदेखी करना किस पर भारी पड़ेगी यह तों समय ही बताएगा। परंतु सरकार के द्वारा यात्रियों को उनके हाल पर छोड़ देना किसी के भी गले नही उतर रहा है। सरकार चहाती तों कुरूड़ से 5 सितंबर से शुरू हुई बड़ी जात एवं लोकजात यात्रा में कुरूड़ नंदा भक्तों के उमड़े सैलाब को देखते हुए 4 निर्जन पड़ावों पर मूलभूत सुविधाओं को कायम करवाने के साथ ही पैदल रास्तों को युद्ध स्तर पर ठीक करवा कर यात्रियों की वाहवाही लूट सकती थी, किंतु सरकार ने ऐसा कुछ नही किया और जों भी यात्रीगण यात्रा में भाग लें रहें हैं वें अपने संसाधनों के बल पर आगे बढ़ेंगे और जों काफी संख्या में भक्त 2000 व 2014 की राजजात यात्रा में प्रतिभाग कर चुके हैं और उस दौर में सरकारी व्यवस्थाओं की उन्हें जानकारी थी वें एक मैंट्रस, स्लिपिंग बैंग, कपड़े एवं ड्राई-फ्रूट्स को अपने बैंगों में रख कर निकलें हैं उन्हें निर्जन पड़ावों से निश्चित ही वापस लौटना पड़ेगा, और तय हैं कि वें इसके लिए राज्य सरकार को जरूर कोसेंगे।
——–

Share51SendTweet32
Previous Post

बधाण की नंदादेवी की डोली 11वें पड़ाव मंदोली पहुंची,दशोली,बण्ड व ज्वालपा देवी की डोलियां कनोल में आयोजित देवी पूजा में रूकी

Next Post

सांस्कृतिक कार्यक्रमों की छटा के साथ नंदा देवी महोत्सव लोहाजंग का समापन

Related Posts

उत्तराखंड

पूनम पांडे को नवभारत टाइम्स का नेशनल ब्यूरो चीफ नियुक्त होने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दी

November 2, 2026
3
उत्तराखंड

फल्दियागांव के ग्राम प्रधान, गांव के ग्रामीणों व जल संस्थान के स्थानीय कर्मचारियों ने श्रमदान के जरिए पेयजल टैंक की सफाई की

November 2, 2026
2
उत्तराखंड

राजकीय महाविद्यालय तरवाड़ी -थराली के राहुल ने लंबी कूद में प्रथम स्थान प्राप्त किया

November 2, 2026
3
उत्तराखंड

डोईवाला: साईं सृजन पटल के 27वें अंक का विमोचन

November 1, 2026
18
उत्तराखंड

डोईवाला: युवा आपदा मित्रों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण

November 1, 2026
24
उत्तराखंड

महिला युगल में कमला राणा और सुनीता बिष्ट की जोड़ी सोनम मखीजा और मोना उप्रेती की जोड़ी को हराकर बनी विजेता

November 1, 2026
168

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Popular Stories

  • चार जिलों के जिलाधिकारी बदले गए

    67760 shares
    Share 27104 Tweet 16940
  • डोईवाला : पुलिस,पीएसी व आईआरबी के जवानों का आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण सम्पन्न

    45794 shares
    Share 18318 Tweet 11449
  • ऑपरेशन कामधेनु को सफल बनाये हेतु जनपद के अन्य विभागों से मांगा गया सहयोग

    38082 shares
    Share 15233 Tweet 9521
  •  ढहते घर, गिरती दीवारें, दिलों में खौफ… जोशीमठ ही नहीं

    37462 shares
    Share 14985 Tweet 9366
  • विकासखंड देवाल क्षेत्र की होनहार छात्रा ज्योति बिष्ट ने किया उत्तराखंड का नाम रोशन

    37387 shares
    Share 14955 Tweet 9347

Stay Connected

संपादक- शंकर सिंह भाटिया

पता- ग्राम एवं पोस्ट आफिस- नागल ज्वालापुर, डोईवाला, जनपद-देहरादून, पिन-248140

फ़ोन- 9837887384

ईमेल- shankar.bhatia25@gmail.com

 

Uttarakhand Samachar

उत्तराखंड समाचार डाॅट काम वेबसाइड 2015 से खासकर हिमालय क्षेत्र के समाचारों, सरोकारों को समर्पित एक समाचार पोर्टल है। इस पोर्टल के माध्यम से हम मध्य हिमालय क्षेत्र के गांवों, गाड़, गधेरों, शहरों, कस्बों और पर्यावरण की खबरों पर फोकस करते हैं। हमारी कोशिश है कि आपको इस वंचित क्षेत्र की छिपी हुई सूचनाएं पहुंचा सकें।
संपादक

Browse by Category

  • Bitcoin News
  • Education
  • अल्मोड़ा
  • अवर्गीकृत
  • उत्तरकाशी
  • उत्तराखंड
  • उधमसिंह नगर
  • ऋषिकेश
  • कालसी
  • केदारनाथ
  • कोटद्वार
  • क्राइम
  • खेल
  • चकराता
  • चमोली
  • चम्पावत
  • जॉब
  • जोशीमठ
  • जौनसार
  • टिहरी
  • डोईवाला
  • दुनिया
  • देहरादून
  • नैनीताल
  • पर्यटन
  • पिथौरागढ़
  • पौड़ी गढ़वाल
  • बद्रीनाथ
  • बागेश्वर
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • रुद्रप्रयाग
  • रुद्रप्रयाग
  • विकासनगर
  • वीडियो
  • संपादकीय
  • संस्कृति
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • साहिया
  • हरिद्वार
  • हेल्थ

Recent News

पूनम पांडे को नवभारत टाइम्स का नेशनल ब्यूरो चीफ नियुक्त होने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दी

November 2, 2026

फल्दियागांव के ग्राम प्रधान, गांव के ग्रामीणों व जल संस्थान के स्थानीय कर्मचारियों ने श्रमदान के जरिए पेयजल टैंक की सफाई की

November 2, 2026
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.