डोईवाला, (प्रियांशु सक्सेना)। विधानसभा क्षेत्र की दूरस्थ पहाड़ी ग्राम पंचायत गडूल के बमेत गांव में ग्रामीणों ने कृषि भूमि को बिखराव और खुर्द-बुर्द होने से बचाने के लिए स्वैच्छिक चकबंदी की दिशा में कदम बढ़ाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आह्वान के बाद ग्रामीणों ने एकजुट होकर स्वैच्छिक चकबंदी के लिए आगे आने का निर्णय लिया। ग्रामीणों का कहना है कि स्वैच्छिक चकबंदी से कृषि भूमि का संरक्षण होने के साथ ही खेती-किसानी को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी। इससे कृषि कार्य को बढ़ावा देने और गांव में स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार के नए अवसर विकसित करने की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। इस पहल को लेकर ग्राम पंचायत प्रधान स्वीटी रावत, सामाजिक कार्यकर्ता धर्मेंद्र रावत समेत बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने एकजुटता दिखाई। ग्रामीणों ने स्वैच्छिक चकबंदी को गांव के हित में महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि भूमि का संरक्षण पहाड़ी क्षेत्रों में कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम है। उनका कहना है कि जमीन बचेगी तो गांव बचेगा और गांव बचेगा तो पहाड़ की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। इस दौरान अनिल रावत, गजराज सिंह रावत, जय राज सिंह रावत, विश्रुत रावत, मानवेंद्र सिंह, सुनील नेगी, देवेंद्र सिंह नेगी, अजीत सिंह, महेंद्र सिंह तोमर, रविंद्र सिंह, मनोज रावत, लेखराज सिंह, रितेश रावत, रोहित रावत, ऋतुराज सिंह, गजेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।











