• About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact
Uttarakhand Samachar
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
Uttarakhand Samachar
No Result
View All Result

इस बार की चारधाम यात्रा लेगी सरकार और भक्तों की अग्नि परीक्षा

03/06/25
in उत्तराखंड, देहरादून
Reading Time: 1min read
33
SHARES
41
VIEWS
Share on FacebookShare on WhatsAppShare on Twitter

डॉ. हरीश चन्द्र अन्डोला
उत्तराखंड में जल्द ही मॉनसून दस्तक देने वाला है. मौसम विभाग की माने तो उत्तराखंड में दस जून तक मॉनसून पहुंच जाएगा. मौसम विभाग ने इस बार मॉनसून सीजन में 108 बारिश होने की संभावना जताई है. मौसम विभाग के इसी आकंलन को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग ने भी अपनी कमर कस ली है बारिश और आंधी तूफान के बीच गरजते बादलों की आवाज जहां लोगों मेखौफ पैदा कर रही है वहीं बादल फटने से आई आपदाओं की याद को भी भी ताजा कर रही है। आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 1970 से अब तक बादल फटने की 17 बड़ी घटनाएं हो चुकी है। जिसमें वर्ष 2013 में केदारनाथ में बादल फटने की घटना सबसे बड़ी थी। जिसमें 5 हजार से ज्यादा लोग मारे गए थे जबकि हजारों लोग लापता हो गए थे। अब फिर से बदल रहे मौसम के साथ हो रही बारिश उन खौफनाक घटनाओं की याद दिला रही है जिसे देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग ने भी आपदा से निपटने के लिए अभी से तैयारियां करनी शुरू कर दी है आपदा के लिहाज से उत्तराखंड को संवेदनशील राज्य माना जाता है। जिसका अधिकांश हिस्सा पहाड़ी है। जहां पर मानसून के दौरान अलग-अलग कारणों से बादल फटने की घटनाएं होती हैैं। पहाड़ी क्षेत्र होने के चलते बादल फटने के बाद उसकेपरिणाम भयावह होते हैैं। क्योंकि पहाड़ी क्षेत्र में पानी का बहाव काफी तेज होता है। स्थिति यह होती है बादल फटने के बाद आई जल प्रलय के आगे जो भी आता है सब कुछ जमींदोज हो जाता है। चंद मिनटों में ही गांव-खेत और खलियान सभी मिट्टïी मे दफन हो जाते है, जिसमें कई लोगों की अकाल मौत भी हो जाती है। बादल फटने की घटना के आने वाली जल प्रलय से चंद मिनटों में सब कुछ तबाह हो जाता है। किसी के सिर से पिता तो किसी के सिर से मां का साया छिन जाता है। किसी भाई की कलाई सूनी रह जाती है तो कहीं भाई की ही अकाल मौत हो जाती है। परिवार के परिवार उजड़ जाते है। इसी के साथ लोगों की मवेशी और आशियाने भी ध्वस्त हो जाते हैैं। लोगों को शरणार्थियों की तरह आस-पास के एरियाज में सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ती है। आपदा के यह जख्म सालों तक नहीं भरते है प्राकृतिक आपदा को आने से रोका नहीं जा सकता है। लेकिन समय रहते राहत और बचाव कार्य शुरू होने पर इसके नुकसान को कम जरूर किया जा सकता है। जिसको लेकर आपदा प्रबंधन विभाग ने अभी से कसरत करनी शुरू कर दी है। हर मानसून सीजन के दौरान उत्तराखंड के तमाम क्षेत्रों में आपदा जैसे हालात बन जाते हैं. इसके साथ ही मानसून के दौरान चारधाम यात्रा भी काफी प्रभावित होती है, लेकिन हर साल मानसून के दौरान सबसे ज्यादा सड़कों को नुकसान पहुंचता है. जिसके चलते यातायात बाधित हो जाता है. ऐसे में आगामी मानसून या आपदा सीजन को लेकर क्या हैं तैयारियां, किन विषयों पर दिया जा रहा है जोर? उत्तराखंड में इस बार चारधाम यात्रा 2025 चुनौतीपूर्ण होने जा रही है. इसके पीछे की वजह मौसम विभाग का वह पूर्वानुमान है, जो आने वाले मॉनसून में सामान्य से ज्यादा बारिश होने का संकेत दे रहा है. आगामी मानसून सीजन को लेकर दिए गए पूर्वानुमान ने क्यों बढ़ा दी उत्तराखंड के लिए चिंता इस बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने एक ऐसी भविष्यवाणी की है, जो भले ही देश भर में कृषि क्षेत्र को लेकर बेहतर मानी जा रही हो, लेकिन इसने उत्तराखंड के लिए बड़ी चिंता खड़ी कर दी है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने मॉनसून सीजन के दौरान सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना व्यक्त की है. इस तरह जून से सितंबर के बीच मॉनसून सीजन में बारिश का अनुमान 105% तक का लगाया गया है. वैसे उत्तराखंड में लोग अधिकतर कृषि पर निर्भर रहते हैं. यहां पर पर्वतीय क्षेत्रों में होने वाली कृषि बारिश आधारित ही है. ऐसे में यदि मानसून सीजन के दौरान राज्य में अच्छी बारिश मिलती है, तो यह किसानों को राहत दे सकती है. राज्य में चारधाम यात्रा कई जिलों में लोगों के लिए रोजगार का एक बड़ा जरिया है, लेकिन बरसात में जिस तरह से भूस्खलन का खतरा बढ़ता है, वो टेंशन की बात है.राज्य में हर साल मानसून सीजन के दौरान बड़ी संख्या में लैंडस्लाइड की घटनाएं होती हैं. इस तरह की घटनाओं में कई बार लोगों की जान भी चली जाती है. इन स्थितियों के बीच जब मानसून में बारिश 105% तक अधिक होने का अनुमान लगाया गया है, तब भूस्खलन की भी संभावनाएं बढ़ जाती हैं. बस यही स्थिति राज्य सरकार के लिए भी चिंता पैदा कर रही है. वैसे उत्तराखंड में लोग अधिकतर कृषि पर निर्भर रहते हैं. यहां पर पर्वतीय क्षेत्रों में होने वाली कृषि बारिश आधारित ही है. ऐसे में यदि मानसून सीजन के दौरान राज्य में अच्छी बारिश मिलती है, तो यह किसानों को राहत दे सकती है. राज्य में चारधाम यात्रा कई जिलों में लोगों के लिए रोजगार का एक बड़ा जरिया है, लेकिन बरसात में जिस तरह से भूस्खलन का खतरा बढ़ता है, वो टेंशन की बात है.  प्रदेश में सामान्य से अधिक बारिश होने पर कई जगहों पर भूस्खलन जैसी घटनाएं हो सकती हैं. हालांकि इसके लिए राज्य सरकार पूर्व से ही तैयारी करती है, लेकिन इसमें खास तौर पर चारधाम यात्रा में आने वाले यात्रियों को अलर्ट पर रहना होगा. मौसम विभाग का पूर्वानुमान जानने के बाद ही उन्हें अपनी यात्रा करनी चाहिए.। उत्तराखंड एक के बाद एक प्राकृतिक आपदाओं से जूझता आ रहा है। अतिवृष्टि, बाढ़, बादल फटना, वज्रपात जैसी आपदाएं अक्सर बड़ी दिक्कत की वजह बनती आ रही हैं। यद्यपि, इन आपदाओं से संबंधित पूर्वानुमान को लेकर मौसम विभाग से लेकर भिन्न-भिन्न स्तर पर व्यवस्था है, लेकिन आमजन को तत्काल इसकी सूचना नहीं मिल पाती। इस सबको देखते हुए सरकार ने अब पूर्वानुमान की जानकारी आमजन तक पहुंचाने की दिशा में कदम उठाने की ठानी है, ताकि समय रहते नागरिकों को सचेत कर क्षति को न्यून किया जा सके। आपदा प्रबंधन विभाग के अपर सचिव के अनुसार आमजन को आपदा से सचेत करने के दृष्टिगत ही ब्राडकास्ट सिस्टम विकसित किया जा रहा है।ऐसा तंत्र बनाया जा रहा है, जिससे आपदा से संबंधित पूर्वानुमान की सूचना समय रहते मिल जाएगी। इसके लिए मोबाइल फोन पर अलर्ट बीप के साथ ही संदेश के माध्यम से सूचनाएं प्रसारित की जाएंगी। *लेखक विज्ञान व तकनीकी विषयों के जानकार दून विश्वविद्यालय में कार्यरत हैं।*

Share13SendTweet8
Previous Post

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में शामिल हुए

Next Post

नागल बुलंदावाला, डोईवाला में बैंक ऑफ महाराष्ट्र की नई शाखा का शुभारंभ

Related Posts

उत्तराखंड

आदि कैलाश ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व

June 10, 2026
3
उत्तराखंड

उत्तराखंड विद्युत विनियामक आयोग ने किया गलोगी लघु जलविद्युत परियोजना का निरीक्षण, आरएमयू कार्यों पर व्यक्त किया संतोष

June 10, 2026
5
उत्तराखंड

डोईवाला: स्वच्छता चौपाल में कूड़ा पृथक्करण के प्रति किया जागरूक

June 10, 2026
5
उत्तराखंड

डोईवाला: ग्रामीण क्षेत्रों में स्मार्ट मीटर लगाने के विरोध में किसानों ने सौंपा ज्ञापन

June 10, 2026
4
उत्तराखंड

आगामी चुनाव की मजबूत नींव है एसआईआर अभियान : तडियाल

June 10, 2026
4
उत्तराखंड

रसोई गैस में घटतौली की शिकायत पर डीएम ने जांच के आदेश दिए

June 10, 2026
3

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Popular Stories

  • चार जिलों के जिलाधिकारी बदले गए

    67696 shares
    Share 27078 Tweet 16924
  • डोईवाला : पुलिस,पीएसी व आईआरबी के जवानों का आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण सम्पन्न

    45781 shares
    Share 18312 Tweet 11445
  • ऑपरेशन कामधेनु को सफल बनाये हेतु जनपद के अन्य विभागों से मांगा गया सहयोग

    38058 shares
    Share 15223 Tweet 9515
  •  ढहते घर, गिरती दीवारें, दिलों में खौफ… जोशीमठ ही नहीं

    37446 shares
    Share 14978 Tweet 9362
  • विकासखंड देवाल क्षेत्र की होनहार छात्रा ज्योति बिष्ट ने किया उत्तराखंड का नाम रोशन

    37332 shares
    Share 14933 Tweet 9333

Stay Connected

संपादक- शंकर सिंह भाटिया

पता- ग्राम एवं पोस्ट आफिस- नागल ज्वालापुर, डोईवाला, जनपद-देहरादून, पिन-248140

फ़ोन- 9837887384

ईमेल- shankar.bhatia25@gmail.com

 

Uttarakhand Samachar

उत्तराखंड समाचार डाॅट काम वेबसाइड 2015 से खासकर हिमालय क्षेत्र के समाचारों, सरोकारों को समर्पित एक समाचार पोर्टल है। इस पोर्टल के माध्यम से हम मध्य हिमालय क्षेत्र के गांवों, गाड़, गधेरों, शहरों, कस्बों और पर्यावरण की खबरों पर फोकस करते हैं। हमारी कोशिश है कि आपको इस वंचित क्षेत्र की छिपी हुई सूचनाएं पहुंचा सकें।
संपादक

Browse by Category

  • Bitcoin News
  • Education
  • अल्मोड़ा
  • अवर्गीकृत
  • उत्तरकाशी
  • उत्तराखंड
  • उधमसिंह नगर
  • ऋषिकेश
  • कालसी
  • केदारनाथ
  • कोटद्वार
  • क्राइम
  • खेल
  • चकराता
  • चमोली
  • चम्पावत
  • जॉब
  • जोशीमठ
  • जौनसार
  • टिहरी
  • डोईवाला
  • दुनिया
  • देहरादून
  • नैनीताल
  • पर्यटन
  • पिथौरागढ़
  • पौड़ी गढ़वाल
  • बद्रीनाथ
  • बागेश्वर
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • रुद्रप्रयाग
  • रुद्रप्रयाग
  • विकासनगर
  • वीडियो
  • संपादकीय
  • संस्कृति
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • साहिया
  • हरिद्वार
  • हेल्थ

Recent News

आदि कैलाश ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व

June 10, 2026

उत्तराखंड विद्युत विनियामक आयोग ने किया गलोगी लघु जलविद्युत परियोजना का निरीक्षण, आरएमयू कार्यों पर व्यक्त किया संतोष

June 10, 2026
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.