हरेंद्र बिष्ट की रिपोर्ट।
थराली। क्षेत्र पंचायत थराली की बैठक में क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने राज्य वित्त एवं 15 वें वित्त का भेदभाव आवंटन करने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा काटा । सदस्य पीठ के सम्मुख धरने पर बैठ गए। जिससे 2 घंटे से अधिक समय तक सदन में जमकर शोर-शराबा होता रहा, सदस्यों ने 11 हजार के सोलर स्ट्रीट लाइट 16 हजार में पंचायतों में लगाने का भी आरोप
लगाया।इस दौरान कई बार सदन चलाने का प्रयास किया गया किंतु व्यवधान उत्पन्न होता रहा। बाद में प्रधान संघ ने बैठक के बहिष्कार की घोषणा करते हुए सदन से बहार चलें गए।अंत में ब्लाक प्रमुख को सदन को अनिश्चितकालीन के लिए स्थगित करने की घोषणा करनी पड़ी उसी के बाद सदस्यों ने धरना समाप्त किया।
मंगलवार को ब्लाक सभागार थराली में प्रमुख प्रवीण पुरोहित की अध्यक्षता में बीबीसी बैठक शुरू होते ही सदस्य भावना रावत ने क्षेत्र पंचायत निधि, राज्य वित्त एवं 15 वें वित्त के आवंटन में भेदभाव का आरोप लगाया, इसके बाद पूर्व प्रमुख राकेश जोशी ने भी आवंटन को भेदभाव पूर्ण बताया, सदस्य मनमोहन सिंह रावत ने सदन में नारेबाजी करते हुए पीठ के सामने धरने पर बैठ गए। उनके साथ ही 5 अन्य सदस्य भावना रावत,भानू प्रकाश फर्स्वाण, राकेश जोशी, बबीता एवं सुमन देवराड़ी भी पीठ के सम्मुख धरने पर बैठ गए और दो घंटे से अधिक समय तक धरने पर बैठे रहें,इस दौरान प्रमुख प्रवीण पुरोहित, जेष्ठ प्रमुख नवनीत रावत, कनिष्ठ प्रमुख राजेश चौहान, डीपीआरओ रमेश चंद्र त्रिपाठी,पीडी आनंद सिंह,खंड विकास अधिकारी नितिन धानिया धरने पर बैठ सदस्यों को समझाते रहें किंतु धरने पर बैठे सदस्य आवंटन में भेदभाव के खिलाफ सोर शराबा करते रहें। डीपीआरओ ने पंचायत राज एक्ट की रिपोर्ट धारा 82 का उल्लेख करते हुए बताया कि सचिव बीडीओ की देखरेख में नियोजन समिति के द्वारा धनावंटन किया जाता हैं,जिसे सदन से पारित किया जाता हैं।जिस पर धरने पर बैठे सदस्यों ने कहा कि आवंटन को सदन के सम्मुख नही रखा जाता हैं। इस बीच ब्लाक के एकाउंटेंट ने प्राप्त धनराशि का सदन में वाचन किया। जिससे सदस्य संतुष्ट नही हुएं इस दौरान प्रमुख ने कई बार सदन चलाने का प्रयास किया, किंतु सदन का विधिवत संचालन शुरू नही हो पाया, इसी दौरान धरने पर बैठे सदस्यों एवं अन्य सदस्यों के बीच तीखी बहस एवं नोंकझोंक हुई, इसी बीच प्रधान संघ के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह रावत की अपील पर प्रधान सदन से उठ कर बहार चलें गए। जबकि इस दौरान प्रमुख धरने पर बैठे सदस्यों को समझाते रहें किंतु सदस्य धरने से उठने के लिए तैयार नही हुएं, प्रधानों एवं कई अन्य क्षेत्र पंचायत सदस्यों के भी सदन से उठ कर बहार चलें गए। जबकि धरने पर बैठे सदस्य धरने पर जमें रहें। प्रमुख ने तमाम आश्वासन दिए किंतु धरने पर बैठे सदस्य मानने को तैयार नही हुएं,सदन में हो-हल्ला को देखते हुए अन्त में प्रमुख ने सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी। इसके बाद ही धरने पर बैठे सदस्य धरने से उठे।इस बैठक में कई विभागों के अधिकारी, कर्मचारी मौजूद थे। जिन्हें भी बेरिंग लौटना पड़ा।











