हरेंद्र बिष्ट की रिपोर्ट।
थराली। श्री नंदादेवी राजजात यात्रा 2026 में होगी अथवा 2027 में होगी को लेकर नंदा भक्तों के बीच पूरी तरह से असमंजस की स्थिति में पहुंच गए हैं। इन दिनों सोशल मीडिया में एक पोस्टर बड़ी तेजी के साथ वायरल हो रहा हैं, जिसमें श्री नंदादेवी बड़ी जात यात्रा 2026 को भव्य रूप से आयोजित करने के लिए 3 अगस्त को विकास खंड मुख्यालय देवाल में एक बैठक का आयोजन किया गया हैं। बैठक को आयोजित कर रहा है इस संबंध में वायरल पोस्टर में निवेदक केवल समस्त नंदा भक्त देवाल लिखा गया हैं।
12 वर्षों में आयोजित होने वाली श्री नंदादेवी राजजात यात्रा को लेकर नंदा भक्तों के बीच एक बड़ी असमंजस की स्थिति बनी हुई हैं। दरसअल 2014 में सम्पन्न हुई नंदादेवी राजजात यात्रा के अनुसार राजजात को 2026 में ही होना था जिसके लिए नंदादेवी कमेटी नौटी,नंदादेवी समिति कुरूड़, राज्य सरकार एवं समस्त नंदा भक्तों में एक राय थी किंतु समय गुजरने के बाद नंदादेवी राजजात समिति नौटी ने अचानक से राजजात का आयोजन 2026 के बजाय 2027 में करने निर्णय लें लिया गया, उनके इस निर्णय पर नौटी क्षेत्र के एक बड़े हिस्से के साथ ही पैदल यात्रा का एक बड़ा भाग बधाण पट्टी के भी कई लोगों का समर्थन मिला। यही नही यात्रा मार्ग के अंतिम आबादी वाले गांव वांण ( देवाल) के ग्रामीणों ने भी 2026 में छोटी जात एवं 2027 में राजजात यात्रा का आयोजित किए जाने का समर्थन किया।वही दूसरी ओर कुरूड़,दशोली व बंड ने 2026 में ही श्री नंदादेवी बड़ी जात यात्रा की घोषणा करते हुए बकायदा आगामी 5 से 30 सितंबर तक का यात्रा कार्यक्रम जारी कर दिया हैं।नंदादेवी बड़ी जात 2026 को सफल बनाने के लिए क्षेत्र के पंचायत प्रतिनिधियों, पड़ाव अध्यक्षों, महिला मंगल दलों,युवक मंगल दलों व समस्त नंदा भक्तों की एक बैठक 4 अगस्त को विकासखंड सभागार देवाल में आयोजित करने का सोशल मीडिया में एक पोस्टर तेजी के साथ वायरल हो रहा हैं, जिसमें बड़ी जात को सफल बनाने के लिए जरूरी सुझाव आमंत्रित किए गए हैं।इस बैठक का आयोजन किन व्यक्तियों के द्वारा किया गया हैं, पोस्टर में इस का कोई भी उल्लेख नही किया गया हैं। पोस्टर के अंत में निवेदक समस्त नंदा भक्त देवाल लिखा गया हैं। बैठक किसने रखी है यह तों बैठक आयोजन के बाद ही पता चल पाएगा। परंतु राजजात के आयोजन को लेकर नंदा भक्तों के बीच जों असमंजस फैला हुआ हैं,उसे कैसे दूर किया जाएगा किसी की समझ में नही आ रहा है और दोनों ही पक्ष भी अपने आप में अड़े हुए हैं।











