• About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact
Uttarakhand Samachar
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
Uttarakhand Samachar
No Result
View All Result

कोरोना हो रहा फुर्र, कोविड केयर सेंटरों लटकने लगे हैं ताले

08/10/21
in उत्तराखंड
Reading Time: 1min read
174
SHARES
218
VIEWS
Share on FacebookShare on WhatsAppShare on Twitter

डॉ० हरीश चन्द्र अन्डोला:

वर्ष 2020 में जब दून सहित पूरे प्रदेश में कोविड पीक पर था और पेशेंट्स के लिए कोविड केयर सेंटरों की जरूरत पड़ रही थी। तब आनन-फानन में दून में एक के बाद एक-एक करके कई कोविड केयर सेंटर्स बनाए गए। उनमें से रायपुर स्थित राजीव गांधी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम के अलावा सर्वे चौक स्थित तीलू रौतेली वन स्टॉप सेंटर को भी कोविड केयर सेंटर बनाया गया। इसके अलावा गढ़ी कैंट स्थित अस्पताल को भी सेंटर के रूप में यूज किए जाने लगा।

लेकिन, अब दून में कोविड करीब-करीब दम तोड़ते हुए नजर आ रहा है तो कोरोना मरीजों के लिए तैयार किए गए ये सभी कोविड केयर सेंटर्स खाली पड़ गए हैं। कोरोना की फर्स्ट व सेकेंड वेव में राजीव गांधी कोविड केयर सेंटर कोरोना मरीजों के लिए सबसे बड़ा सहारा बनकर सामने आया था। यहां सेकेंड वेव में करीब 350 तक पेशेंट तक एडमिट रहे। इसको तैयार करने में रायपुर विधायक निधि से एक करोड़ तक खर्च किए गए।

बकायदा, संचालन का जिम्मा दून मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल को दिया गया। लेकिन, बीते कई माह से यहां एक भी कोरोना संक्रमित पेशेंट भर्ती नहीं हो पाया। आजकल वह खाली है। सर्वे चौक स्थित तीलू रोतेली वन स्टॉप सेंटर को भी कोरोना मरीजों को देखते हुए कोविड केयर सेंटर के तौर पर तैयार किया गया। जबकि इस सेंटर में डोमैस्टिक वॉयलेंस का शिकार हुई महिलाएं को शेल्टर दिया जाता था।

फिलहाल यहां सेंटर संचालित है, लेकिन इस पर तीन माह से कोई पेशेंट नहीं पहुंचा है और गेट पर ताला लटा हुआ है। गढ़ी कैंट हॉस्पिटल को कोविड अस्पताल के तौर पर तैयार किया गया था। विधायक व सांसद निधि से इसको तैयार करने में चार करोड़ रुपए खर्च किए गए। यहां ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट व ऑक्सीजन बेड तक की सुविधा मरीजों को देने की व्यवस्था की गई थी।

लेकिन, यहां भी चार महीने से कोई कोविड पेशेंट्स चैकअप तक के लिए नहीं पहुंचे हैं।फिलहाल, इन कोविड केयर सेंटर को भविष्य में कोरोना की संभावनाओं को देखते हुए अभी भी चालू हालत में रखा गया है। जिससे जरूरत पड़ने पर इनका यूज किया जा सके। इनकी देखरेख अभी तक हेल्थ डिपार्टमेंट के अधीन है। कोरोना से अब तक राज्य में 7396 मरीजों की मौत भी हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार निजी व सरकारी लैब से 16 हजार 539 सैंपल की जांच रिपोर्ट प्राप्त हुई है।

इनमें 16 हजार 531 की रिपोर्ट निगेटिव आई है। दून में सबसे अधिक चार लोग संक्रमित मिले हैं। इसके अलावा उत्तरकाशी में 2, चमोली व पौड़ी में एक-एक व्यक्ति संक्रमित मिला है। जबकि अल्मोड़ा, बागेश्वर, चंपावत, हरिद्वार, नैनीताल, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, टिहरी व ऊधमसिंह नगर में कोरोना का कोई नया मामला नहीं मिला है।  हेल्थ विभाग के आंकड़ों के अनुसार दून में 18 वर्ष से ज्यादा उम्र के 14,97,625 लोगों का वैक्सीनेशन किया जाना है।

मंडे को जारी आंकड़ों के अनुसार अब तक सभी कैटेगिरी के 14,44,458 लोगों को फर्स्ट डोज दी जा चुकी है। यानी 52,762 लोगों को अब तक फर्स्ट डोज वैक्सीन नहीं दी जा सकी है। 31 दिसंबर वैक्सीनेशन का टारगेट पूरा करने के लिए जरूरी है कि 8 अक्टूबर तक सभी लोगों को फर्स्ट डोज वैक्सीन दे दी जाए। यानी अगले 4 दिन दून में हर रोज 13,191 लोगों को फर्स्ट डोज वैक्सीन देनी जरूरी होगी। अगले चार दिन में यह टारगेट पूरा होने की संभावना इसलिए भी कम है कि हाल के दिनों में दून में वैक्सीनेशन की रफ्तार काफी सुस्त रही है। मंडे को 5,768 लोगों को वैक्सीन की डोज दी गई।

इनमें फर्स्ट डोज के साथ ही सेकेंड डोज वाले भी शामिल हैं। इससे पहले संडे को 3069 और सैटरडे को 4,429 लोगों को वैक्सीन की डोज दी गई थी पिछले 10 दिनों में राज्य में वैक्सीनेशन की रफ्तार में भारी कमी आई है। वैक्सीनेशन मीटर जारी करते हुए फाउंडेशन ने बताया कि 23 सितंबर से 2 अक्टूबर तक 3,97,894 डोज वैक्सीन दी गई। जबकि इससे पहले 13 सितंबर से 22 सितंबर तक 7,87,390 डोज दी गई थी। वैक्सीनेशन मीटर के अनुसार अब बाकी 10 दिनों में हर दिन 61,605 डोज देनी होंगी।

जबकि 10 दिन पहले प्रतिदिन का टारगेट 59,410 डोज था। हेल्थ डिपार्टमेंट की माने तो दून में वैक्सीनेशन की कोई कमी नहीं है। वैक्सीनेशन सेंटर्स के अलावा मोबाइल वैन के जरिये भी वैक्सीनेशन किया जा रहा है। स्लॉट बुक करने और रजिस्ट्रेशन करने की बाध्यता भी अब खत्म हो गई है। अब सेंटर्स पर ही रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है। हेल्थ डिपार्टमेंट की ओर से लोगों को वैक्सीनेशन के लिए अवेयर भी किया जा रहा है।

इसके बावजूद बहुत कम लोग वैक्सीनेशन सेंटर्स पर पहुंच रहे हैं। त्तराखंड राज्य में स्वास्थ्य विभाग द्वारा करवाई जा रही कोरोना टेस्टिंग की व्यवस्था लड़खड़ा गई है. अंतरराज्यीय सीमा पर जहां पहले रोजाना हजारों में टेस्टिंग हुआ करती थी वहीं अब ये संख्या 300 तक सिमट कर रह गई है. ये हाल तब है जब कोरोना की तीसरी संभावित लहर का खतरा बना हुआ है. राज्य में चारधाम यात्रा शुरू हो चुकी है. पड़ोसी राज्य हिमाचल में कोरोना पॉजिटिव मामलों में इजाफा हो रहा है और आने वाले महीने से फेस्टिवल सीजन भी शुरू होने जा रहा है.


गौरतलब है कि उत्तराखंड में कोरोना को दस्तक दिए हुए 79 हफ्ते पूरे हो चुके हैं. कोरोना के मामलों में जब इजाफा हुआ तब राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने 40 हजार टेस्ट प्रतिदिन यानी 2 लाख 80 हजार टेस्ट हर हफ्ते करवाने का लक्ष्य निर्धारित किया था, लेकिन जून 2021 से अब तक लगभग 4 महीनों में कोरोना टेस्टिंग में उत्तराखंड राज्य में भारी गिरावट आई है.

जहां हर हफ्ते 2 लाख 80 हजार टेस्ट होने चाहिये उसकी तुलना में आधे से भी कम कोविड टेस्ट हो रहे हैं.ने कहा कि कोरोना टेस्टिंग में पिछले 4 महीने से लगातार गिरावट है. उन्होंने कहा कि आने वाले त्योहारी सीजन में उत्तराखंड के लाखों लोग जो बाहरी प्रदेशों में कार्यरत हैं वापस लौटते हैं. इसके अलावा बड़ी तादाद में पर्यटक राज्य मे आ रहे हैं. इन सभी दृष्टिकोण से उत्तराखंड कोरोना के मद्देनजर बेहद संवेदनशील राज्य है. उन्होंने कहा कि 99 प्रतिशत लोग सड़क के माध्यम से राज्य में आते हैं इसलिए सीमा पर सड़क मार्ग से आने वालों की टेस्टिंग होना बेहद जरूरी है

उन्होंने आगे कहा कि उत्तराखंड कोरोना टेस्टिंग को लेकर पहले गियर में चल रहा है. उन्होंने कहा कि राज्य के सभी 13 जनपदों में कोरोना टेस्टिंग को चौथे गियर में लाने की आवश्यकता है. वहीं, स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने भारत सरकार की गाइडलाइंस के मुताबिक पूरी तैयारी की है. सभी अस्पतालों में व्यवस्था दुरुस्त कर दी हैं.

राज्य में कोरोना टेस्टिंग में गिरावट के बारे में उन्होंने कहा कि इसके लिए समीक्षा बैठक की है. उन्होंने कहा कि जिन-जिन जनपदों में टेस्टिंग कम की जा रही है उन जिलों के डीएम और सीएमओ को आदेश किये हैं कि भारत सरकार के मानक के मुताबिक सौ फीसदी टेस्टिंग हो ताकि कोई खतरा न हो.

Share70SendTweet44
Previous Post

गढ़वाली फीचर फिल्म कन्यादान बड़े पर्दे पर दिखाई जायेगी

Next Post

श्री केदारनाथ यात्रा संचालन पर चर्चा, जिलाधिकारी ने दिये अफसरों को निर्देश

Related Posts

उत्तराखंड

डोईवाला: लच्छीवाला टोल प्लाजा पर किसानों ने दिया धरना

September 12, 2026
105
उत्तराखंड

बधाण की नंदादेवी राजराजेश्वरी की उत्सव डोली आठवें पड़ाव पहुंची

September 12, 2026
8
उत्तराखंड

डोईवाला: ऑपरेशन प्रहार में दो शराब तस्कर गिरफ्तार

September 12, 2026
32
उत्तराखंड

पिथौरागढ़ में बाढ़ में बहा 170 फीट लंबा बैली ब्रिज, चीन सीमा से संपर्क दुनिया कटा

September 12, 2026
15
उत्तराखंड

कुलदीप सिंह अखिल भारतीय विश्वविद्यालय कर्मचारी महासंघ के उपाध्यक्ष निर्वाचित

September 12, 2026
29
उत्तराखंड

एनएसएस के सर्वश्रेष्ठ स्वयंसेवी सौरभ और भूमिका को मिलेगा साईं सृजन पुरस्कार’

September 12, 2026
17

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Popular Stories

  • चार जिलों के जिलाधिकारी बदले गए

    67734 shares
    Share 27094 Tweet 16934
  • डोईवाला : पुलिस,पीएसी व आईआरबी के जवानों का आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण सम्पन्न

    45794 shares
    Share 18318 Tweet 11449
  • ऑपरेशन कामधेनु को सफल बनाये हेतु जनपद के अन्य विभागों से मांगा गया सहयोग

    38077 shares
    Share 15231 Tweet 9519
  •  ढहते घर, गिरती दीवारें, दिलों में खौफ… जोशीमठ ही नहीं

    37457 shares
    Share 14983 Tweet 9364
  • विकासखंड देवाल क्षेत्र की होनहार छात्रा ज्योति बिष्ट ने किया उत्तराखंड का नाम रोशन

    37382 shares
    Share 14953 Tweet 9346

Stay Connected

संपादक- शंकर सिंह भाटिया

पता- ग्राम एवं पोस्ट आफिस- नागल ज्वालापुर, डोईवाला, जनपद-देहरादून, पिन-248140

फ़ोन- 9837887384

ईमेल- shankar.bhatia25@gmail.com

 

Uttarakhand Samachar

उत्तराखंड समाचार डाॅट काम वेबसाइड 2015 से खासकर हिमालय क्षेत्र के समाचारों, सरोकारों को समर्पित एक समाचार पोर्टल है। इस पोर्टल के माध्यम से हम मध्य हिमालय क्षेत्र के गांवों, गाड़, गधेरों, शहरों, कस्बों और पर्यावरण की खबरों पर फोकस करते हैं। हमारी कोशिश है कि आपको इस वंचित क्षेत्र की छिपी हुई सूचनाएं पहुंचा सकें।
संपादक

Browse by Category

  • Bitcoin News
  • Education
  • अल्मोड़ा
  • अवर्गीकृत
  • उत्तरकाशी
  • उत्तराखंड
  • उधमसिंह नगर
  • ऋषिकेश
  • कालसी
  • केदारनाथ
  • कोटद्वार
  • क्राइम
  • खेल
  • चकराता
  • चमोली
  • चम्पावत
  • जॉब
  • जोशीमठ
  • जौनसार
  • टिहरी
  • डोईवाला
  • दुनिया
  • देहरादून
  • नैनीताल
  • पर्यटन
  • पिथौरागढ़
  • पौड़ी गढ़वाल
  • बद्रीनाथ
  • बागेश्वर
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • रुद्रप्रयाग
  • रुद्रप्रयाग
  • विकासनगर
  • वीडियो
  • संपादकीय
  • संस्कृति
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • साहिया
  • हरिद्वार
  • हेल्थ

Recent News

डोईवाला: लच्छीवाला टोल प्लाजा पर किसानों ने दिया धरना

September 12, 2026

बधाण की नंदादेवी राजराजेश्वरी की उत्सव डोली आठवें पड़ाव पहुंची

September 12, 2026
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.