• About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact
Uttarakhand Samachar
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
Uttarakhand Samachar
No Result
View All Result

लालढांग-चिलरखाल वन मोटर मार्ग!

07/09/26
in उत्तराखंड, देहरादून
Reading Time: 1min read
5
SHARES
6
VIEWS
Share on FacebookShare on WhatsAppShare on Twitter

डॉ० हरीश चन्द्र अन्डोला
वर्ष 1992 में सरकार ने इस सड़क को आम यातायात के लिए खोलने के लिए उत्तर प्रदेश शासनकाल में 92 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। पर्यावरणविदों ने विरोध किया तो कंडी रोड का नया रोडमैप जारी कर दिया गया, जिसके तहत 138 किलोमीटर लंबी इस सड़क का 95 किलोमीटर हिस्सा उत्तर प्रदेश में चला गया। वर्ष 2006 में क्षेत्रीय जनता ने आंदोलन शुरू किया व रामनगर-कालागढ़-कोटद्वार मार्ग संयुक्त संघर्ष समिति अस्तित्व में आई व आंदोलन शुरू कर दिया। इसके बाद केंद्र ने वन क्षेत्र से गुजरने वाले हिस्से में एलीवेटेड रोड बनाने का सुझाव दिया। वर्ष 2009-10 में इस सड़क पर लालढांग-चिलरखाल के मध्य डामरीकरण की कवायद शुरू हुई। दो चरणों में होने वाले इस कार्य के प्रथम चरण में करीब पौने छह करोड़ की धनराशि से सड़क पर मिट्टी-पत्थर का भरान कर सड़क का बेस बना दिया। द्वितीय चरण में लोनिवि सड़क पर डामर बिछाता, वन महकमे ने सड़क हस्तांतरण में यह कहते हुए आपत्ति लगा दी कि भारत सरकार की अनुमति के बगैर डामर नहीं बिछ सकता। वर्तमान में सड़क पूरी तरह बंद पड़ी हुई है। पूर्ववर्ती शासनकाल में इस मार्ग को ऐलीवेटेड बनाने का प्रस्ताव तैयार हुआ, जिसकी डीपीआर तैयार करने के नाम पर एक निजी संस्था को मोटी धनराशि दी गई, लेकिन नतीजा शून्य रहा।यह सड़क कोटद्वार क्षेत्र को सीधे लालढांग से जोड़ती है. जो हरिद्वार व मैदानी इलाकों तक पहुंच को सुगम बनाती है. वर्तमान में लोगों को लंबा और घुमावदार रास्ता तय करना पड़ता है, जिससे समय और ईंधन दोनों की अतिरिक्त खपत होती है. बरसात के मौसम में स्थिति और ज्यादा गंभीर हो जाती है, जब वैकल्पिक मार्गों पर भूस्खलन और जलभराव की समस्या होती है.स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की ओर से लंबे समय से इस सड़क को ऑल वेदर रोड के रूप में विकसित करने की मांग की जा रही थी. ग्रामीणों का कहना था कि सड़क के अभाव में स्वास्थ्य सेवाओं, उच्च शिक्षा और रोजगार के अवसरों तक पहुंच प्रभावित होती है. आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. इस निर्णय से करीब 18 गांवों और 40 हजार से ज्यादा की आबादी को सीधा लाभ मिलेगा. सड़क निर्माण पूरा होने के बाद क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा. कृषि और दुग्ध उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने में आसानी होगी. पर्यटन की संभावनाएं भी मजबूत होंगी. साथ ही छात्रों को स्कूल और कॉलेज तक सुरक्षित व नियमित आवागमन की सुविधा मिलेगी.राजनीतिक दृष्टि से भी यह फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह मामला लंबे समय से जनभावनाओं से जुड़ा रहा है. राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन अब वन स्वीकृतियों से जुड़े बाकी प्रक्रियात्मक पहलुओं को जल्द पूरा कर निर्माण कार्य को गति देने की तैयारी में हैं.सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को क्षेत्र के लिए मील का पत्थर माना जा रहा है. उम्मीद की जा रही है कि निर्धारित मानकों और पर्यावरणीय नियमों का पालन करते हुए सड़क निर्माण कार्य जल्द ही पूरा किया जाएगा, जिससे पहाड़ और मैदान के बीच संपर्क और ज्यादा मजबूत हो सकेगा. लालढांग और चिल्लरखाल क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों को सीधा फायदा मिलेगा। लोगों को लंबा रास्ता तय नहीं करना पड़ेगा, जिससे समय और ईंधन दोनों की बचत होगी। साथ ही आपातकालीन सेवाओं जैसे एम्बुलेंस और राहत कार्यों में भी तेजी आएगी।स्थानीय लोगों का मानना है कि यह सड़क क्षेत्र की आर्थिक और सामाजिक स्थिति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। वर्षों से इस मार्ग की मांग उठती रही है और अब न्यायालय के फैसले के बाद लोगों की उम्मीदें हकीकत में बदलती नजर आ रही हैं।अब सभी की नजरें प्रशासन और संबंधित विभागों पर हैं कि निर्माण कार्य कब शुरू होता है और कितनी तेजी से पूरा किया जाता है। क्षेत्र की जनता को उम्मीद है कि यह मोटर मार्ग जल्द ही जमीन पर दिखाई देगा और आने वाले समय में कोटद्वार के विकास की नई कहानी लिखेगा।उत्तराखंड के बहुप्रतीक्षित लालढांग-चिल्लरखाल मोटर मार्ग निर्माण को लेकर सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. सुप्रीम कोर्ट ने इस सड़क निर्माण पर लगी रोक को हटा दी है. सुनवाई के दौरान गढ़वाल सांसद ने इंटरवेंशन एप्लीकेशन दायर कर पक्ष रखा. जबकि, नई दिल्ली से सांसद ने उनके वकील के रूप में अदालत में प्रभावी पैरवी की. अदालत के सकारात्मक आदेश के बाद अब लंबे समय से अटकी इस परियोजना का रास्ता साफ हो गया है. ऐतिहासिक और पर्यटन दृष्टि से महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह वाइल्ड लाइफ व साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देगा। साथ ही क्षेत्र के सुलताना भांडू, कण्वाश्रम, महाबगढ़ व मालिनी नदी घाटी सभ्यता तक पर्यटकों की आसान पहुँच सुनिश्चित करेगा।सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को क्षेत्र के लिए मील का पत्थर माना जा रहा है. उम्मीद की जा रही है कि निर्धारित मानकों और पर्यावरणीय नियमों का पालन करते हुए सड़क निर्माण कार्य जल्द ही पूरा किया जाएगा, जिससे पहाड़ और मैदान के बीच संपर्क और ज्यादा मजबूत हो सकेगा. सड़क के महत्व की बात करें, तो यह सड़क गढ़वाल-कुमाऊं को प्रदेश की सीमा के भीतर ही आपस में जोड़ने वाली एकमात्र सड़क है। वर्तमान में हरिद्वार से रामनगर तक पहुंचने के लिए यात्रियों को करीब 186 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ता है, लेकिन कंडी रोड निर्माण से यह दूरी घटकर 106 किलोमीटर रह जाएगी। साथ ही वाहन चालकों को उत्तर प्रदेश की विभिन्न चेकपोस्टों पर लिए जाने वाले ‘सेवा कर’ की मार भी नहीं पड़ेगी। इतना ही नहीं, सड़क निर्माण के बाद चार धाम यात्रा को वन-वे करने में इस सड़क की अहम भूमिका हो सकती है।लेखक विज्ञान व तकनीकी विषयों के जानकार दून विश्वविद्यालय में कार्यरत हैं.

Share2SendTweet1
Previous Post

नैनीताल के अस्तित्व पर खतरा भूस्खलन ले लेगा शहर की जान

Next Post

काला पड़ रहा उत्तराखंड का सेब

Related Posts

उत्तराखंड

मुख्यमंत्री ने किया ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ का शुभारंभ

September 7, 2026
5
उत्तराखंड

हर साल आपदा से बड़ा नुकसान होता है. प्रदेश के कई गांव आज भी विस्थापन की बाट जोह रहे हैं.

September 7, 2026
3
उत्तराखंड

काला पड़ रहा उत्तराखंड का सेब

September 7, 2026
3
उत्तराखंड

नैनीताल के अस्तित्व पर खतरा भूस्खलन ले लेगा शहर की जान

September 7, 2026
5
उत्तराखंड

आदिबदरी मंदिर समूह को बीकेटीसी में शामिल करने को लेकर बीकेटीसी की भूसम्पत्ति की उच्चस्तरीय टीम आदि बदरी पहुंची

September 7, 2026
5
उत्तराखंड

यूजेवीएनएल के सहायक अभियंता प्रदीप सिंह कैड़ा ने 67 घंटे में पूरी की 1,000 किमी साइकिलिंग चुनौती

September 7, 2026
3

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Popular Stories

  • चार जिलों के जिलाधिकारी बदले गए

    67734 shares
    Share 27094 Tweet 16934
  • डोईवाला : पुलिस,पीएसी व आईआरबी के जवानों का आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण सम्पन्न

    45791 shares
    Share 18316 Tweet 11448
  • ऑपरेशन कामधेनु को सफल बनाये हेतु जनपद के अन्य विभागों से मांगा गया सहयोग

    38077 shares
    Share 15231 Tweet 9519
  •  ढहते घर, गिरती दीवारें, दिलों में खौफ… जोशीमठ ही नहीं

    37456 shares
    Share 14982 Tweet 9364
  • विकासखंड देवाल क्षेत्र की होनहार छात्रा ज्योति बिष्ट ने किया उत्तराखंड का नाम रोशन

    37377 shares
    Share 14951 Tweet 9344

Stay Connected

संपादक- शंकर सिंह भाटिया

पता- ग्राम एवं पोस्ट आफिस- नागल ज्वालापुर, डोईवाला, जनपद-देहरादून, पिन-248140

फ़ोन- 9837887384

ईमेल- shankar.bhatia25@gmail.com

 

Uttarakhand Samachar

उत्तराखंड समाचार डाॅट काम वेबसाइड 2015 से खासकर हिमालय क्षेत्र के समाचारों, सरोकारों को समर्पित एक समाचार पोर्टल है। इस पोर्टल के माध्यम से हम मध्य हिमालय क्षेत्र के गांवों, गाड़, गधेरों, शहरों, कस्बों और पर्यावरण की खबरों पर फोकस करते हैं। हमारी कोशिश है कि आपको इस वंचित क्षेत्र की छिपी हुई सूचनाएं पहुंचा सकें।
संपादक

Browse by Category

  • Bitcoin News
  • Education
  • अल्मोड़ा
  • अवर्गीकृत
  • उत्तरकाशी
  • उत्तराखंड
  • उधमसिंह नगर
  • ऋषिकेश
  • कालसी
  • केदारनाथ
  • कोटद्वार
  • क्राइम
  • खेल
  • चकराता
  • चमोली
  • चम्पावत
  • जॉब
  • जोशीमठ
  • जौनसार
  • टिहरी
  • डोईवाला
  • दुनिया
  • देहरादून
  • नैनीताल
  • पर्यटन
  • पिथौरागढ़
  • पौड़ी गढ़वाल
  • बद्रीनाथ
  • बागेश्वर
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • रुद्रप्रयाग
  • रुद्रप्रयाग
  • विकासनगर
  • वीडियो
  • संपादकीय
  • संस्कृति
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • साहिया
  • हरिद्वार
  • हेल्थ

Recent News

मुख्यमंत्री ने किया ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ का शुभारंभ

September 7, 2026

हर साल आपदा से बड़ा नुकसान होता है. प्रदेश के कई गांव आज भी विस्थापन की बाट जोह रहे हैं.

September 7, 2026
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.