
*16 सितंबर को तीनों डोलियां व छंतोलियों की वांण में होगी भेट*
हरेंद्र बिष्ट की रिपोर्ट।
थराली/कनोल।
परगना दशोली एवं बण्ड़ की श्री नंदादेवी की डोलियां जों कि नंदा सिद्धपीठ कुरूड़ से बड़ी जात यात्रा पर निकली डोलियां एवं छतोलियां मंगलवार को नंदानगर के कनोल गांव में ही रूकेगी,इसका बड़ा कारण श्री नंदादेवी राजराजेश्वरी समिति बधाण थराली के द्वारा जारी यात्रा कार्यक्रम के बाद दशोली एवं बण्ड़ परगना की डोलियों को कनोल गांव में ही रूकना पड़ रहा हैं।
5 सितंबर को नंदा सिद्धपीठ कुरूड़ से नकली बधाण,दशोली एवं बण्ड़ की नंदा देवियों की डोलियां बड़ी जात एवं लोकजात यात्रा के नाम से कैलाश की ओर रवाना हुई थी। कुरूड़ मंदिर समिति एवं मेला समिति के अध्यक्ष के नरेश गौड़ के नाम से महिनों पहले जारी बड़ी जात यात्रा कार्यक्रम के तहत बधाण की नंदा देवी की यात्रा को 15 सितंबर को वांण गांव पहुंचना था। इसके अलावा दशोली एवं बण्ड़ की डोलियों के साथ ही तमाम क्षेत्रों एवं गांव से चली डोलियों को भी वांण गांव में ही 15 सितंबर को बधाण की नंदा डोली से भेंट करनी थी। किंतु पिछले महीने अगस्त में श्री नंदादेवी राजराजेश्वरी लोकजात समिति समिति बधाण- थराली के द्वारा बधाण की नंदादेवी का यात्रा कार्यक्रम जारी किया गया।जिसके तहत बधाण की नंदा डोली 16 सितंबर को वांण गांव पहुंचेगी, एक दिन बढ़ने का कारण लोकजात समिति के द्वारा इच्छोली (देवाल) को अतरिक्त पड़ाव बढ़ाना रहा है।बधाण की नंदादेवी राजराजेश्वरी की डोली के 16 सितंबर को वांण पहुंचने के मध्य नजर दशोली एवं बण्ड़ परगना की आयोजन समितियों ने भी अपने जारी कार्यक्रम में आंशिक संशोधन किया गया, संशोधन के तहत सोमवार को को दशोली,बण्ड़ की डोलियों के साथ क्षेत्रों से चल रही देवी छतोलियां सोमवार को नंदानगर ब्लाक के अंतर्गत कनोल गांव पहुंचेगी। यहां पर नंदा भगवती की तीन दिवसीय विशेष मेले का आयोजन किया जा रहा है,इस विशेष पूजा के निमित्त डोलियां एवं छतोलियां मंगलवार को कनोल गांव में ही रूकेगी और बुधवार 16 सितंबर को कनोल से यात्रा आगे बढ़ कर वांण गांव पहुंचेगी। यहां पर बधाण के देवा डोली से दोनों डोलियां एवं छतोलियां भेंट करेंगी।
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*वांण के ग्रामीणों से लगातार वार्ता जारी, यात्रा का करेंगे स्वागत*
दशोली एवं बण्ड़ परगना की नंदादेवी की डोलियों एवं छंतोलियों के साथ चल रहे कुरूड़ मंदिर समिति के अध्यक्ष सुखबीर सिंह रौतेला ने बताया कि बधाण की यात्रा के संशोधित कार्यक्रम के चलते उन्हें भी यात्रा कार्यक्रम में आंशिक संशोधन करना पड़ा हैं।अब दशोली एवं बण्ड़ की डोलियां व छतोलियां भी 16 सितंबर को वांण गांव पहुंचेगी। और बधाण की नंदादेवी की डोली के साथ ही भेट करने के अलावा लाटू देवता की पूजा अर्चना की जाएगी। पूछने जाने पर उन्होंने बताया कि समिति वांण गांव के ग्रामीणों से लगातार संपर्क में हैं, संभव है वांण के ग्रामीण यात्रा का स्वागत करेंगे, सहयोग नही करनें की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था पर सोचा जाएगा।











