पिथौरागढ़, दिनांक 07/07/2026
उच्च शिक्षा विभाग, उत्तराखंड सरकार की महत्वाकांक्षी योजना – देवभूमि उद्यमिता योजना के अंतर्गत ईडीआई इंडिया (भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान) अहमदाबाद, द्वारा आयोजित ईटीसी थरकोट, पिथौरागढ़ में तीन दिवसीय (5-7 जुलाई) आवासीय उद्यमिता बूट कैंप का सफलतापूर्वक समापन हुआ। बूट कैंप के तीसरे व अंतिम दिन छात्र छात्राओं ने बूट कैंप में ई डी आई आई के विशेषज्ञों द्वारा बताई गई बिजनेस मॉडल, ब्रांडिंग एवं पैकेजिंग, आई पी आर लाइसेंसिंग, बिजनेस पिचिंग जैसी उद्यमिता की तकनीकों का इस्तेमाल कर अपने उद्यम के नवाचार को पिचिंग के माध्यम से पेश किया। 50 प्रतिभागी भविष्य के उद्यमियों ने बूट कैंप में उद्यमिता से जुड़े विभिन्न विषयों पर जानकारी अर्जित कर डी यू वाई योजना के अन्तर्गत भविष्य में होने वाले 6दिवसीय ई डी पी कार्यक्रम में चयनित होने का प्रयास किया। बूट कैंप के दौरान बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को टी- शर्ट देकर पुरस्कृत किया गया।
कार्यक्रम में उत्तराखंड शासन के राजकीय महाविद्यालय, गंगोलीहाट, बलुआकोट, मुवानी, एस एन एस राजकीय परास्नातक महाविद्यालय, एल एस एम कैंपस पिथौरागढ़, के 50 चयनित छात्र छात्राओं ने प्रतिभाग किया।
तीन दिवसीय आवासीय बूट कैंप का मुख्य उद्देश्य राज्य के युवा विद्यार्थियों में उद्यमशीलता कौशल का विकास करना, उन्हें व्यवसायिक अवसरों की पहचान, स्टार्टअप स्थापना, वित्तीय प्रबंधन, विपणन रणनीति तथा व्यवसाय विस्तार की व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना था। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को विशेषज्ञों द्वारा उद्यमिता की बुद्धिमत्ता, डिजाइन थिंकिंग, बिजनेस आइडिया विकास, मार्केट एनालिसिस, फाइनेंस एंड फंड्स, विभिन्न शासकीय स्कीम, पिचिंग स्किल्स एवं गो-टू-मार्केट रणनीतियों पर विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
कार्यक्रम के दौरान ई डी आई आई के विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को स्थानीय संसाधनों एवं पारंपरिक तकनीकों पर आधारित उद्यम स्थापित करने हेतु प्रोत्साहित किया। प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रति उत्साह व्यक्त करते हुए इसे अपने व्यावसायिक एवं व्यक्तिगत विकास के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।
कार्यक्रम के सफल संचालन में ई डी आई आई के उद्यमिता विशेषज्ञ डॉ रजत शर्मा, एवं प्रोजेक्ट अधिकारी – टिहरी दिग्विजय सिंह, ने मुख्य भूमिका निभाई। ई टी सी – पिथौरागढ़ के ई टी ओ – पंकज पंत एवं सभी कर्मचारियों द्वारा बूट कैंप में ट्रेनिंग के लिए आवश्यक सहयोग प्रदान किया गया।
कार्यक्रम के आयोजकों ने बताया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम युवाओं को रोजगार खोजने के बजाय रोजगार सृजनकर्ता बनने के लिए प्रेरित करते हैं, जिससे राज्य में उद्यमिता पारिस्थितिकी तंत्र को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सकेगा।











