• About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact
Uttarakhand Samachar
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
Uttarakhand Samachar
No Result
View All Result

विकास सुदूर क्षेत्रों से शुरू होकर राजधानी की तरफ आए

नई सरकार के सामने पांच बड़ी चुनौतियां

27/03/22
in उत्तराखंड, देहरादून
Reading Time: 1min read
89
SHARES
111
VIEWS
Share on FacebookShare on WhatsAppShare on Twitter

पांच विशेषज्ञों ने इन पांच चुनौतियों से निपटने के लिए दिये टिप्स
देहरादून। उत्तराखंड की नई सरकार को अगले पांच वर्षों में पांच बड़ी चुनौतियों का सामना करना होगा। राज्य सरकार जन उपयोगी नीतियां बनाकर इन चुनौतियों से निपट सकती है। ये चुनौतियां हैं-शिक्षा, स्वास्थ्य, पलायन व रोजगार, उद्योग और गवर्नेंस। पीएचडी चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स उत्तराखंड और एसडीसी फाउंडेशन द्वारा वाउ कैफे में आयोजित उत्तराखंड एट 25 कार्यक्रम में अलग.अलग विषय विशेषज्ञों ने इन चुनौतियों से निपटने की टिप्स दिये।

250 स्कूलों को पूरी तरह सुधारो
शिक्षाविद् और डीआईटी यूनिवर्सिटी के चांसलर एन रविशंकर ने कहा कि 250 उत्कृष्ट श्रेणी के स्कूल पूरे शिक्षा जगत में आमूलचूल परिवर्तन ला सकते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में 189 स्कूलों को अटल आदर्श विद्यालय के रूप में डेवलप किया जा रहा है। इसके अलावा 13 जवाहर नवोदय विद्यालय और 13 राजीव गांधी नवोदय विद्यालय भी राज्य में हैं। कुछ जीआईसी और जीजीआई इनमें शामिल करके 250 स्कूलों में क्वालिटी एजुकेशन की व्यवस्था कर सरकार को एक बड़ा संदेश देना चाहिए। इन स्कूलों की देखादेखी अन्य स्कूलों में भी स्थिति सुधर जाएगी। उन्होंने कहा कि आईटीआई और पॉलीटेक्निक को सिर्फ सर्टिफिकेट का साधन न बनाया जाए, बल्कि इंडस्ट्री का सहयोग लेकर वहां छात्रों को कौशल विकास किया जाए।

अरबन हेल्थ पर ध्यान दें
उत्तराखंड पब्लिक सर्विस कमीशन के चैयरमैन डॉ राकेश कुमार ने 1947 के आंकड़ों के साथ तुलना करके बताया की हेल्थ संबंधी स्थितियों में कई सुधार हुए हैं, लेकिन अब भी स्थितियां पूरी तरह से संतोषजनक नहीं हैं। उन्होंने अरबन हेल्थ पर ध्यान देने की जरूरत बताते हुए कहा कि बढ़ते शहरीकरण के साथ इस सेक्टर पर ध्यान देने की जरूरत है। डॉ राकेश कुमार का कहना था कि संक्रामक बीमारियों से निपटने के लिए हम अलर्ट मोड पर होते हैं, जो एक अच्छी बात है, लेकिन गैर संक्रामक बीमारियां ज्यादा लोगों की जान ले रही हैं। कैंसर, डायबिटीज, हाईपर टेंशन, कार्डिक अटैक जैसे गैर संक्रामक रोगों से निपटने की वर्तमान की व्यापक नीतियों और योजनाएं को और बेहतर क्रियान्वित करने की जरूरत है। उन्होंने युवाओं को तंबाकू और अल्कोहल से दूर रखने के प्रयास करने की भी जरूरत बताई।

ब्लॉक मुख्यालयों में हो हर सुविधा
दून यूनिवर्सिटी में इकोनॉमिक्स डिपार्टमेंट के हेड डॉ आरपी मममाईं का कहना था कि राज्य के सभी 95 ब्लॉक मुख्यालयों में हर तरह की सुविधा उपलब्ध करवाकर राज्य के हर क्षेत्र का विकास किया जा सकता है। ब्लॉक मुख्यालय पर एजुकेशन, पब्लिक हेल्थ, सरकारी आवास, एग्री बिजनेस और आईटी सर्विस जैसी हर सुविधा उपलब्ध करवाएंगे तो कम से कम 500 लोगों को रोजगार मिलेगा और लोकल प्रोडक्ट की खपत भी बढ़ेगी और विकास की चेन गांवों तक पहुंचेगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के पिछड़ने का सबसे मुख्य कारण पहाड़ केन्द्रित नीतियां न बनाया जाना है। स्वास्थ्य, शिक्षा, विकास और रोजगार संबंधी नीतियां पहाड़ों को ध्यान में रखकर बनाई जानी चाहिए।
आयुष्मान भारत योजना का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि इस योजना में जो भी पैसा आ रहा है वह मैदानों के अस्पतालों को मिल रहा है। डॉ ममगाईं ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में 50 प्रतिशत ग्रेजुएट युवाओं के पास रोजगार नहीं है। पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन करने वालों में 64 प्रतिशत पूरे परिवार के साथ पलायन करते हैं और जो महिलाएं पहाड़ों में रह कर आर्थिकी की धुरी होती हैं वे शहर में आकर इस चेन से बाहर हो जाती हैं।

इंडस्ट्री ग्रोथ का माहौल बने
पीएचडी चैम्बर ऑफ कॉमर्स उत्तराखंड चैप्टर के चैयरमैन हेमंत कोचर का कहना था कि राज्य में परिस्थितियां औद्योगिक विकास के अनुकूल बनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि राज्य में जहां भी इंडस्ट्रियल एरिया विकसित किये गये हैं, वहां स्थितियों को सुधारने की बहुत बड़ी ज़रूरत है । इन जगहों पर सड़कों, ट्रक पार्किंग, पीने का पानी, खाने की व्यवस्था और टॉयलेट जैसी मूलभूत सुविधा की ज़रूरत हैं। इसके अलावा कोई इंडस्ट्री आती है तो कुशल स्टाफ नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि पॉलीटेक्निक और आईटीआई से बेहतर है कि युवाओं को किसी इंडस्ट्री में भेजा जाए, जहां वे ज्यादा सीख सकते हैं। टूरिज्म को उन्होंने राज्य की सबसे बड़ी इंडस्ट्री बताया। कहा कि अच्छी सड़कें बनने से ज्यादा टूरिस्ट आने लगे हैं, लेकिन टूरिस्ट को अपने पसंदीदा डेस्टिनेशन तक पहुंचाने के लिए सार्वजनिक परिवहन की व्यवस्था नहीं है। उन्होंने टूरिज्म बेस्ड ट्रांसपोर्ट व्यवस्था शुरू करने की जरूरत बताई। उन्होंने लेबर पॉलिसी में बदलाव की जरूरत भी बताई। कहा कि 70 प्रतिशत स्टाफ लोकल रखने की शर्त के कारण ठेका प्रथा को बढ़ावा मिला है। उन्होंने इंडस्ट्री के लिए सपोर्ट सेंटर बनाने और फिल्म निर्माण के लिए पैकेज देने की भी सिफारिश की।

दूर.दराज से शुरू हो विकास
पूर्व प्रशासनिक अधिकारी और लाल बहादुर शास्त्री एकेडमी में पूर्व निदेशक संजीव चोपड़ा ने कहा कि अन्य अनेक राज्यों की तुलना में उत्तराखंड में विकास की ज्यादा संभावनाएं हैं और यहां काम भी हुए हैं। उनका कहना था राज्य का सर्वांगीण विकास करना है तो इसके लिए जरूरी है कि विकास सुदूर क्षेत्रों से शुरू करके राजधानी की तरफ आये। फिलहाल पूरा ध्यान राजधानी पर है और दूर.दराज के क्षेत्र उपेक्षित हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार नियमों के साथ और पारदर्शिता अपनाते हुए काम करे तो हर तरह की समस्या का समाधान किया जा सकता है। उन्होंने सरकार को सलाह दी कि राज्य को देश का पहला बीपीएल मुक्त राज्य बनाने की दिशा में काम करे। दुनिया का बेस्ट मॉडल भारत में कहीं न कहीं उपलब्ध हैं, उन्हीं मॉडल के अनुरूप काम किया जाना चाहिए। उन्होंने शहरी क्षेत्रों में आवास को बड़ी चुनौती बताया। कहा कि आवास संबंधी योजना बनाते समय इस बात का ध्यान रखा जाना चाहिए कि जब अफोर्डेबल आवास की बात हो तो उसमें सिर्फ बजट का ही नहीं, इस बात का ध्यान भी रखा जाए कि वह आवास ठीक.ठाक रहने लायक भी हो।

उत्तराखंड एट 25 संवाद का संचालन एसएससी फाऊंडेशन के अनूप नौटियाल ने किया। संवाद में रश्मि चोपड़ा, विशाल काला, विक्रम जीत, सटस लेपचा, संजय भार्गव, डॉ मयंक बडोला, अनिल सती, त्रिलोचन भट्ट, स्नेहा, अमन और अन्य उपस्थित रहे ।

Share36SendTweet22
Previous Post

अवैध देसी शराब के 100 पव्वे संग महिला तस्कर गिरफ्तार

Next Post

आम आदमी पार्टी ने पूर्व कांग्रेसी को बनाया नगर अध्यक्ष

Related Posts

उत्तराखंड

मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन में गूंजा विकसित उत्तराखंड का संकल्प, विद्यार्थियों ने साझा किए अपने सपने और सुझाव

September 13, 2026
5
उत्तराखंड

हिमालय इस भारी भीड़ को झेल पाएगा?

September 13, 2026
7
उत्तराखंड

चारधाम के पर्यावरण पर गंभीर दबाव बढ़ गया है

September 13, 2026
3
उत्तराखंड

खतरे से एक घंटे पहले मिलेगा अलर्ट स्वदेशी तकनीक तैयार!

September 13, 2026
6
उत्तराखंड

डोईवाला: खराब मौसम से चार उड़ानें डायवर्ट, कई विलंब से पहुंची

September 13, 2026
4
उत्तराखंड

बधाण की श्री नंदादेवी राजराजेश्वरी की यात्रा लोकजात यात्रा के तहत अपने 9वें पड़ाव इच्छोली पहुंची

September 13, 2026
4

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Popular Stories

  • चार जिलों के जिलाधिकारी बदले गए

    67734 shares
    Share 27094 Tweet 16934
  • डोईवाला : पुलिस,पीएसी व आईआरबी के जवानों का आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण सम्पन्न

    45794 shares
    Share 18318 Tweet 11449
  • ऑपरेशन कामधेनु को सफल बनाये हेतु जनपद के अन्य विभागों से मांगा गया सहयोग

    38078 shares
    Share 15231 Tweet 9520
  •  ढहते घर, गिरती दीवारें, दिलों में खौफ… जोशीमठ ही नहीं

    37457 shares
    Share 14983 Tweet 9364
  • विकासखंड देवाल क्षेत्र की होनहार छात्रा ज्योति बिष्ट ने किया उत्तराखंड का नाम रोशन

    37382 shares
    Share 14953 Tweet 9346

Stay Connected

संपादक- शंकर सिंह भाटिया

पता- ग्राम एवं पोस्ट आफिस- नागल ज्वालापुर, डोईवाला, जनपद-देहरादून, पिन-248140

फ़ोन- 9837887384

ईमेल- shankar.bhatia25@gmail.com

 

Uttarakhand Samachar

उत्तराखंड समाचार डाॅट काम वेबसाइड 2015 से खासकर हिमालय क्षेत्र के समाचारों, सरोकारों को समर्पित एक समाचार पोर्टल है। इस पोर्टल के माध्यम से हम मध्य हिमालय क्षेत्र के गांवों, गाड़, गधेरों, शहरों, कस्बों और पर्यावरण की खबरों पर फोकस करते हैं। हमारी कोशिश है कि आपको इस वंचित क्षेत्र की छिपी हुई सूचनाएं पहुंचा सकें।
संपादक

Browse by Category

  • Bitcoin News
  • Education
  • अल्मोड़ा
  • अवर्गीकृत
  • उत्तरकाशी
  • उत्तराखंड
  • उधमसिंह नगर
  • ऋषिकेश
  • कालसी
  • केदारनाथ
  • कोटद्वार
  • क्राइम
  • खेल
  • चकराता
  • चमोली
  • चम्पावत
  • जॉब
  • जोशीमठ
  • जौनसार
  • टिहरी
  • डोईवाला
  • दुनिया
  • देहरादून
  • नैनीताल
  • पर्यटन
  • पिथौरागढ़
  • पौड़ी गढ़वाल
  • बद्रीनाथ
  • बागेश्वर
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • रुद्रप्रयाग
  • रुद्रप्रयाग
  • विकासनगर
  • वीडियो
  • संपादकीय
  • संस्कृति
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • साहिया
  • हरिद्वार
  • हेल्थ

Recent News

मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन में गूंजा विकसित उत्तराखंड का संकल्प, विद्यार्थियों ने साझा किए अपने सपने और सुझाव

September 13, 2026

हिमालय इस भारी भीड़ को झेल पाएगा?

September 13, 2026
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.