हरेंद्र बिष्ट की रिपोर्ट।
थराली।
एम्बुलेंस में गर्भवती महिला की मृत्यु के बाद आज तक भी जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई नही होने पर मृतका के पति ने बच्चों व परिजनों ने साथ मिलकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र थराली में करीब तीन घंटों तक धरना दिया, मुख्य चिकित्साधिकारी के द्वारा एक सप्ताह में आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन देने पर धरना समाप्त किया।
विकासखंड थराली के अंतर्गत लेटाल गांव की गर्भवती सरिता देवी की एम्बुलेंस में हुई मृत्यु के मामले की आजतक भी जांच नही होने पर उसके पति नरेन्द्र कुमार अपने दो नाबालिग बच्चों नितिन व नेहा, अपनी माँ और अन्य परिजनों के साथ शुक्रवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र थराली पहुंचे और उन्होंने चिकित्सालय में धरना शुरू कर दिया गया। महिला के पति नरेंद्र कुमार ने आरोप लगाया कि 29 जून को उनकी गर्भवती पत्नी की चिकित्सकों की लापरवाही के कारण एम्बुलेंस में आक्समिक मौत हों गई थी, इसके बाद वें लगातार मामले की जांच करने की मांग करते आ रहे हैं, किंतु लगातार आश्वासन के बावजूद भी जांच शुरू नही की गई। उन्होंने कहा कि जांच नही होने पर मजबूरन उन्हें परिवार सहित उग्र आंदोलन छेड़ने पर मजबूर होना पड़ेगा इसके तहत धरना प्रदर्शन के साथ ही आत्मघाती कदम आमरण अनशन करने पर मजबूर होना पड़ेगा। नरेंद्र कुमार के सपरिवार सीएचसी थराली में धरने की सूचना मिलने पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ अभीषेक गुप्ता ने नरेंद्र से मोबाइल पर वार्ता की जिसके बाद नरेंद्र ने अपना धरना समाप्त कर दिया।इस मौके पर धारपट्टी संघर्ष समिति के अध्यक्ष प्रमोद सिंह, चमेली देवी प्रधान हरीनगर लेटाल, क्षेत्र पंचायत सदस्य कुराड़ दयाकृष्ण देवराडी, रविंद्र सिंह बिष्ट आदि नरेंद्र कुमार को न्याय देने की मांग करते हुए उपजिलाधिकारी थराली को एक ज्ञापन भेजा।











