हरेंद्र बिष्ट की रिपोर्ट।
थराली। पिंडर घाटी की लाइफ लाइन मानें जाने वाली ग्वालदम-सिमली राष्ट्रीय राजमार्ग नारायणबगड़ से आगे आमसोड में एक बड़ी चट्टान टूटने के कारण
पिछले करीब 35 घंटों से अधिक समय से यातायात के लिए बंद पड़ा हुआ हैं।जिस कारण गढ़वाल एवं कुमाऊं के यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा हैं। इसके साथ ही सिमली (कर्णप्रयाग)से नारायणबगड़ आने वाली 33 केवी बिजली लाइन के आमसोड़ में ही बुरी तरह से क्षतिग्रस्त होने के कारण पिंडर घाटी में पिछले 35 घंटों से बिजली सप्लाई पूरी तरह से ठप हो गई हैं। जिससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा हैं।
गुरुवार की तड़के ग्वालदम-सिमली राष्ट्रीय राजमार्ग आमसोड़ के पास एक बड़ी चट्टान के टूटने के कारण यातायात के लिए अवरूद्ध पड़ी हुई हैं। इस स्थान पर करीब 150 से 200 मीटर लंबाई में पूरी पहाड़ी खिसक कर मार्ग में आ गिरी हैं। मार्ग पर बड़े-बड़े बोल्डरों, पेड़ों एवं भारी मात्रा में मलवा आ गया है जिससे यह मार्ग पिछले 35 घंटों से यातायात के लिए बंद पड़ा हुआ हैं। गुरुवार को बीराओ के द्वारा पूरे दिन मार्ग को खोलने का प्रयास किया गया किन्तु बड़े-बड़े बोल्डरों एवं भारी मात्रा में मलवा होने के कारण वह मार्ग खोलने में सफल नही हो पाया हैं। मार्ग के दो दिनों से बंद पड़े होने के कारण यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा हैं। संभावना व्यक्त की जा रही हैं कि अनुकूल प्रस्तितियां रही और मौसम साफ रहा तों शुक्रवार देर सांय तक सड़क यातायात के लिए खुल सकती हैं।आमसोड़ में पहाड़ी के खिसकने से 123 केवी सब स्टेशन सिमली से नारायणबगड़, थराली, देवाल को आने वाली 33 केवी बिजली लाइन को भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं। जिससे पूरी पिंडर घाटी में पिछले 35 घंटों से बिजली आपूर्ति ठप पड़ी हुई हैं, नागरिकों के इनवर्टर बंद हो गए हैं, जबकि अधिकांश लोगों के मोबाइल बंद हो गये हैं, इसके साथ ही बिजली आधारित तमाम मशीनें बंद हो गई है। ऊर्जा निगम के एसडीओ अतुल कुमार ने बताया कि आमसोड़ में 33 केवी के 5 पोल क्षतिग्रस्त हो गए हैं, लाइन को ठीक करने के लिए पोलों एवं अन्य संसाधनों को आमसोड़ पहुंचा दिया गया हैं, किंतु जबतक मार्ग नही खुल जाता हैं लाइन की मरम्मत संभव नही हैं। मार्ग खुलते ही लाइन मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।











