• About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact
Uttarakhand Samachar
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
Uttarakhand Samachar
No Result
View All Result

एक बड़ी मोबाइल कंपनी के अधिकृत डीलर देशव्यापी ई.वेस्ट मैनेजमेंट नियमों की सरेआम उड़ा रहे धज्जियां

12/12/19
in उत्तराखंड, देहरादून
Reading Time: 1min read
55
SHARES
69
VIEWS
Share on FacebookShare on WhatsAppShare on Twitter

देहरादून में ई.वेस्ट मैनेजमेंट पर गति फाउंडेशन ने जारी की रिपोर्ट
अध्ययन में ई.वेस्ट प्रबंधन को लेकर लोगों में जागरूकता का अभाव और ई.कचरे के अवैज्ञानिक विघटप की बात भी आई सामने
पर्यारण एक्शन और परामर्श के क्षेत्र में कार्य करने वाले देहरादून स्थित समूह गति फाउंडेशन ने देहरादून में ई.कचरा प्रबंधन पर एक विस्तृत अध्ययन रिपोर्ट जारी की है। यह रिपोर्ट मुख्य रूप से तीन बिन्दुओं पर आधारित है. देश की टाॅप तीन में शामिल एक मोबाइल डीलरों द्वारा अपनाए जा रहे ई.कचरा प्रबंधन के तरीके, शहर में ई.कचरा प्रबंधन और ई.कचरा प्रबंधन के मामले में आम नागरिकों की जागरूकता।
अध्ययन में मोबाइल कंपनी के 14 अधिकृत केन्द्रों का दौरा किया गया। 130 से अधिक लोगों के साथ ऑनलाइन साक्षात्कार किया गया और शहर में ई.कचरा रिसाइकिल करने वाले लोगों के साथ बातचीत की गई। अध्ययन टीम ने राजपुर रोड, जाखन, दिलाराम, बल्लूपुर और जीएमएस रोड स्थित मोबाइल कंपनी के अधिकृत शो.रूम्स का दौरा किया।
इस अध्ययन में कई चैंकाने वाले तथ्य सामने आये हैं। अध्ययन में पाया गया कि कंपनी के कई अधिकृडीलर भारत सरकार द्वारा अधिसूचित ई.कचरा प्रबंधन नियम.2016 का सरेआम उल्लंघन कर रहे हैं।
94 प्रतिशत मोबाइल डीलरों के पास ई.कचरा निपटान के लिए एक अलग डस्टबिन नहीं है, जैसा कि नियम 7 1 के तहत उल्लिखित है। 88 प्रतिशत मोबाइल डीलरों को ई कचरा प्रबंधन नियम.2016 के बारे में कोई जानकारी ही नहीं है। 63 प्रतिशत मोबाइल डीलर तो ऐसे भी हैं, जिन्हें ई.वेस्ट शब्द की जानकारी तक नहीं है। नियम 5 1 डी के अनुसार, मोबाइल डीलरों और ब्रांड मालिकों को वापस खरीद स्कीम या डिपॉजिट रिफंड योजना चलानी अनिवार्य हैए ताकि खराब हो चुके इलेक्ट्रोनिक उपकरण को उपभोक्ता से वापस लिया जा सके। हैरानी की बात है कि एक भी मोबाइल डीलर को या तो वापस खरीद बाई बैक स्कीम की जानकारी नहीं है या उसके पास डिपॉजिट रिफंड स्कीम चलाने की कोई व्यवस्था ही नहीं है। अधिकांश मोबाइल डीलर अपने ई.कचरे को कबाड़ी को बेच रहे हैं, जो नियम 7 3 का उल्लंघन है। यह नियम ई कचरे को अधिकृत और पंजीकृत रिसाइकिलर्स को सौंपने की बात करता है।
गति फाउंडेशन के संस्थापक अध्यक्ष अनूप नौटियाल कहते हैं कि ई.कचरा प्रबंधन नियम.2016 इस समस्या से निपटने में कारगर साबित हो सकते हैं। लेकिन मोबाइल डीलर इसका पालन नहीं कर रहे हैं। ई.कचरा मिट्टी, पानी और हवा को प्रदूषित कर रहा है और इस तरह से यह पारिस्थितिकी के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रहा है। वे कहते हैं कि कंपनियों को अपने उत्पाद उत्पन्न होने वाले ई.कचरे के प्रबंधन की सुविधा आवश्यक रूप से उपलब्ध करवानी चाहिए।
अध्ययन का दूसरा भाग नागरिक सर्वेक्षण पर आधारित है। 90 प्रतिशत नागरिकों को शहर के किसी पंजीकृत ई.वेस्ट रिसाइकलर के बारे में जानकारी नहीं है। 10 मे से 9 लोगों प्रतिशत ने सहमति व्यक्त की कि कंपनियों को अपने उत्पादों के ई.कचरे के बाद के उपभोक्ता.उपयोग की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। 50 प्रतिशत नागरिक इसे स्थानीय कबाड़ीवाले को बेचकर ई.कचरे का निपटान कर रहे हैं। अध्ययन से स्पष्ट होता है कि शहर के नागरिकों में ई.कचरा प्रबंधन नियम.2016 के बारे में जागरूकता बहुत कम है। मात्र 20 प्रतिशत लोगों को इन नियमों की जानकारी है। मोबाइल फोन और संबंधित सामान ई.कचरे के उत्पादन के लिए सबसे अधिक जिम्मेदार हैं। ज्यादातर लोग अपने खराब हो चुके इलेक्ट्रोनिक उपकरणों को कूड़ेदान में फेंक देते हैं।
गति फाउंडेशन के पब्लिक पॉलिसी एंड कम्युनिकेशंस हेड ऋषभ श्रीवास्तव के अनुसार शहर में ई.कचरे के निपटान के लिए कोई बुनियादी ढांचा तक नहीं है। ऐसे में कंपनियों की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। कंपनी ई.कचरे के प्रति लोगों को जागरूक करने के साथ ही इसका संग्रह और निपटान करने में राज्य की एजेंसियां की मदद कर सकती हैं। अध्ययन में यह भी पता चला है कि शहर में बड़ी संख्या में अवैध इकाइयां ई.कचरे के अवैज्ञानिक तरीके से निराकरण या पुनर्चक्रण में लगी हुई हैंए जो इस क्षेत्र की मिट्टी और जल निकायों को दूषित कर रही हैं। इन अवैध इकाइयों से अधिकांश ई.कचरा उत्तर प्रदेश के पड़ोसी शहरों सहारनपुर और मुरादाबाद में ले जाकर डंप किया जा रहा है। अध्ययन के निष्कर्षों के आधार परए फाउंडेशन ने एक मोबाइल कंपनी को एक लीगल नोटिस भेजा है।
ऋषभ श्रीवास्तव के अनुसार शहर में अवैध व असुरक्षित तरीके से ई.कचरे का निष्तारण करने वालों के खिलाफ एकजुट होने की आवश्यकता है। वे कहते हैं कि गति फाउंडेशन देहरादून में ई.कचरे की समस्या से निपटने के लिए लगातार कार्य कर रहा है।

Share22SendTweet14
Previous Post

दिवाकर भट्ट ने किया उक्रांद की केंद्रीय कार्यकारिणी का विस्तार

Next Post

उत्तराखंड के जैविक उत्पादों की अपार संभावनाएं

Related Posts

अल्मोड़ा

निवेश के नाम पर जमीन की लूट बर्दाश्त नहीं: 7,000 बीघा भूमि की लीज योजना रद्द करे सरकार”: पी सी तिवारी

September 8, 2026
4
उत्तराखंड

नेपाल त्रासदी ने हिमालयी क्षेत्र की बढ़ती जलवायु संवेदनशीलता को पूरी दुनिया के सामने ला दिया

September 8, 2026
4
उत्तराखंड

भारत-चीन व्यापार: उत्तराखंड के लिपुलेख से व्यापारियों का दल चाइना में दाखिल

September 8, 2026
5
उत्तराखंड

1000 किमी साइकिलिंग चुनौती पूरी कर लौटे प्रदीप सिंह कैड़ा ने प्रबंध निदेशक से की भेंट

September 8, 2026
5
उत्तराखंड

मुख्यमंत्री ने ‘ज्ञान गंगा सम्मान समारोह’ में शिक्षकों को किया सम्मानित, मेधावी विद्यार्थियों को प्रदान की छात्रवृत्ति

September 8, 2026
4
उत्तराखंड

मुवानी घाटी में बटर फ्रृट की संभावना तलाश रहे बच्चे, वैज्ञानिक दे रहे निर्देशन

September 8, 2026
6

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Popular Stories

  • चार जिलों के जिलाधिकारी बदले गए

    67734 shares
    Share 27094 Tweet 16934
  • डोईवाला : पुलिस,पीएसी व आईआरबी के जवानों का आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण सम्पन्न

    45793 shares
    Share 18317 Tweet 11448
  • ऑपरेशन कामधेनु को सफल बनाये हेतु जनपद के अन्य विभागों से मांगा गया सहयोग

    38077 shares
    Share 15231 Tweet 9519
  •  ढहते घर, गिरती दीवारें, दिलों में खौफ… जोशीमठ ही नहीं

    37456 shares
    Share 14982 Tweet 9364
  • विकासखंड देवाल क्षेत्र की होनहार छात्रा ज्योति बिष्ट ने किया उत्तराखंड का नाम रोशन

    37378 shares
    Share 14951 Tweet 9345

Stay Connected

संपादक- शंकर सिंह भाटिया

पता- ग्राम एवं पोस्ट आफिस- नागल ज्वालापुर, डोईवाला, जनपद-देहरादून, पिन-248140

फ़ोन- 9837887384

ईमेल- shankar.bhatia25@gmail.com

 

Uttarakhand Samachar

उत्तराखंड समाचार डाॅट काम वेबसाइड 2015 से खासकर हिमालय क्षेत्र के समाचारों, सरोकारों को समर्पित एक समाचार पोर्टल है। इस पोर्टल के माध्यम से हम मध्य हिमालय क्षेत्र के गांवों, गाड़, गधेरों, शहरों, कस्बों और पर्यावरण की खबरों पर फोकस करते हैं। हमारी कोशिश है कि आपको इस वंचित क्षेत्र की छिपी हुई सूचनाएं पहुंचा सकें।
संपादक

Browse by Category

  • Bitcoin News
  • Education
  • अल्मोड़ा
  • अवर्गीकृत
  • उत्तरकाशी
  • उत्तराखंड
  • उधमसिंह नगर
  • ऋषिकेश
  • कालसी
  • केदारनाथ
  • कोटद्वार
  • क्राइम
  • खेल
  • चकराता
  • चमोली
  • चम्पावत
  • जॉब
  • जोशीमठ
  • जौनसार
  • टिहरी
  • डोईवाला
  • दुनिया
  • देहरादून
  • नैनीताल
  • पर्यटन
  • पिथौरागढ़
  • पौड़ी गढ़वाल
  • बद्रीनाथ
  • बागेश्वर
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • रुद्रप्रयाग
  • रुद्रप्रयाग
  • विकासनगर
  • वीडियो
  • संपादकीय
  • संस्कृति
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • साहिया
  • हरिद्वार
  • हेल्थ

Recent News

निवेश के नाम पर जमीन की लूट बर्दाश्त नहीं: 7,000 बीघा भूमि की लीज योजना रद्द करे सरकार”: पी सी तिवारी

September 8, 2026

नेपाल त्रासदी ने हिमालयी क्षेत्र की बढ़ती जलवायु संवेदनशीलता को पूरी दुनिया के सामने ला दिया

September 8, 2026
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.