डोईवाला, (प्रियांशु सक्सेना)। तहसील डोईवाला क्षेत्र में कथित रूप से कूट रचित दस्तावेजों एवं मिथ्या साक्ष्यों के आधार पर जाति और स्थायी निवास प्रमाण पत्र बनवाने का मामला सामने आया है। मामले में राजस्व उप निरीक्षक माजरी ग्रांट की ओर से थाना डोईवाला में तहरीर देकर दो आरोपितों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की मांग की गई है। तहरीर के अनुसार, अभिनव शर्मा और हर्षित शर्मा निवासी फतेहपुर टांडा ने कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जाति एवं स्थायी निवास प्रमाण पत्र प्राप्त किए। आरोप है कि इन प्रमाण पत्रों का उपयोग कर अभिनव शर्मा ने देहरादून स्थित श्री गुरु राम राय इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एंड हेल्थ साइंसेज में आरक्षित वर्ग के तहत सीट आवंटन का लाभ भी लिया। मामले के सत्यापन के दौरान तत्कालीन राजस्व उप निरीक्षक माजरीग्रांट द्वारा की गई जांच में प्रमाण पत्रों को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जारी होना पाया गया। जांच रिपोर्ट में प्रमाण पत्र निरस्त करने की संस्तुति की गई है। तहरीर में बताया गया कि ग्राम प्रधान जीवनवाला ने संबंधित व्यक्तियों को गांव का निवासी मानने से इनकार किया, जबकि विद्यालय और विद्युत विभाग की जांच में भी प्रस्तुत दस्तावेजों में कथित हेरफेर सामने आई। नगर निगम देहरादून ने भी संबंधित प्रमाण पत्रों और हस्ताक्षरों को फर्जी बताया है। राजस्व उप निरीक्षक दिनेश चन्द्र की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर कोतवाली पुलिस ने दोनों आरोपितों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।











