ज्योतिर्मठ। जोशीमठ भू धसाव त्रासदी के तीन वर्ष बाद ट्रीटमेंट कार्य तो शुरू हुए 
लेकिन कार्य प्रणाली को लेकर विरोध भी शुरू हो गया है। स्थानीय जन प्रतिनिधियों ने एक स्वर मे प्रभावित वार्डों मे प्राथमिकता के आधार पर ट्रीटमेंट कार्य शुरू करने की मांग की। शुक्रवार को तहसील सभागार मे एसडीएम जोशीमठ की अध्यक्षता मे हुई बैठक मे जोशीमठ के भविष्य को लेकर मुखर विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों के अलावा पालिकाध्यक्ष देवेश्वरी साह, नगर के विभिन्न वार्डों के सभासदगण व राजनैतिक दलों एवं ब्यापार संघ के पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक मे स्लोप स्थरीकरण कार्यों के कार्यदायी विभाग लोनिवि के अधिकारियों ने प्रजेटेंशन के जरिए प्रभावित वार्डों मे किए जाने वाले कार्यों का ब्यौरा दिया। उपस्थित जन प्रतिनिधियों ने जिम्मेदार विभाग से यह भी समझने का प्रयास किया कि जो स्थान भू धसाव के दौरान प्रभावित श्रेणी मे चिन्हित भी नहीं थे वहाँ ट्रीटमेंट करने से प्रभावित वार्ड कैसे सुरक्षित होंगें..?। इस पर कार्यदायी विभाग ने स्पष्ट किया कि प्रभावित वार्डों मे द्वितीय चरण मे ट्रीटमेंट कार्य किए जाने प्रस्तावित हैं। बैठक मे उपस्थित प्रतिनिधियों ने कहा कि भू धसाव आपदा से जो वार्ड सबसे ज्यादा प्रभावित हुए वहाँ ट्रीटमेंट कार्य यथाशीघ्र शुरू किए जायँ अन्यथा वर्तमान मे किए जा रहे कार्यों का पुरजोर विरोध किया जाएगा। एसडीएम चंद्रशेखर बशिष्ठ ने कार्यदायी विभाग को प्रभावित वार्डों मनोहर बाग, सिंहधार मे भी ट्रीटमेंट कार्य प्रारंभ करने की प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए। इधर शुक्रवार को ही राज्य सभा सांसद महेन्द्र भट्ट ने जोशीमठ मे चल रहे स्थरीकरण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कर आवश्यक जानकारी ली। उन्होंने कार्यदायी विभाग को कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान रखे जाने के निर्देश दिए, इस दौरान बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल बर्त्वाल, महामंत्री विनोद कनवासी आदि भी मौजूद रहे।











