डोईवाला, (प्रियांशु सक्सेना)। रासायनिक खाद की खरीद सीमित किए जाने से काश्तकारों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मुख्य कृषि अधिकारी के आदेशों के क्रम में किसानों को प्रति हेक्टेयर केवल 07 बैग यूरिया तथा 03 बैग डीएपी/एनपीके ही उपलब्ध कराए जा रहे हैं। किसानों का कहना है कि यह मात्रा उनकी खेती और फसलों के लिए पर्याप्त नहीं है। डोईवाला ब्लॉक में बड़े पैमाने पर गन्ने की खेती की जाती है। स्थानीय किसान चतर सिंह और उमेद बोरा ने बताया कि सब्सिडी वाली खाद लेने के लिए भी किसानों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। उनका कहना है कि कृषि विभाग द्वारा यूरिया और डीएपी आदि खाद को लेकर बनाए गए नए नियमों से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। किसानों के अनुसार, प्रति हेक्टेयर 07 बैग यूरिया और 03 बैग डीएपी/एनपीके की सीमा नाकाफी है। इससे खेती प्रभावित होने के साथ-साथ फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका भी बढ़ गई है। किसानों ने कहा कि नई व्यवस्था के कारण उन्हें अतिरिक्त दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। समिति के सचिव रिजवान अली का कहना है कि खाद की कालाबाजारी और अनियंत्रित वितरण पर रोक लगाने के उद्देश्य से कृषि विभाग ने यह व्यवस्था लागू की है, जिसके तहत किसानों को सीमित मात्रा में खाद उपलब्ध कराई जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि प्रेमनगर बाजार स्थित सहकारी समिति में लगभग तीन हजार किसान पंजीकृत हैं।











