• About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact
Uttarakhand Samachar
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
Uttarakhand Samachar
No Result
View All Result

देश भर में गुरु नानक देव जयंती

16/11/24
in उत्तराखंड, दुनिया
Reading Time: 1min read
38
SHARES
47
VIEWS
Share on FacebookShare on WhatsAppShare on Twitter

डॉ. हरीश चन्द्र अन्डोला
देवभूमि उत्तराखंड अपने अद्धितीय सौंदर्य के अलावा प्रमुख धार्मिक स्थलों के लिए भी जाना जाता है. उत्तराखंड में सुप्रसिद्ध चार धामों के के साथ ही अन्य धर्मों के भी प्रसिद्ध धार्मिक स्थल मौजूद हैं. इनमें सिख धर्म का नानकमत्ता गुरुद्वारा साहिब अपना अलग ही स्थान रखता है. श्री गुरुद्वारा नानकमत्ता साहिब की धार्मिक मान्यताओं के चलते हर साल इस धर्म स्थल पर देश विदेश से लाखों श्रद्धालुओं का जमावड़ा लगता है.उत्तराखंड के उधमसिंह नगर जिले की नानकमत्ता उप तहसील में सिख धर्म का प्रसिद्ध गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब स्थित है. ये उत्तराखंड का सबसे बड़ा गुरुद्वारा है. देवभूमि के पर्वतीय इलाकों में स्थित हेमकुंड साहिब व रीठा साहिब गुरुद्वारों के अलावा तराई में स्थित एशिया के सबसे बड़े गुरुद्वारों में शुमार श्री नानकमत्ता साहिब सिख धर्म की आस्था का केंद्र है. हर वर्ष लाखों श्रद्धालु देश विदेश से इस दरबार में शीश नवाने पहुंचते हैं. सिख धर्म के प्रथम गुरु श्री गुरुनानक देव जी तीसरी उदासी (यात्रा) के समय हिमालय यात्रा के दौरान इस स्थान में पहुंचने के उपरांत यह प्रसिद्ध गुरुद्वारा अस्तित्व में आया था. आज यह सिख धर्म के के साथ ही सभी धर्मो की आस्था का केंद्र है. उत्तराखंड में सिखों के पवित्र धर्म स्थल के रूप में गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब लाखों लोगों की धार्मिक आस्था का केंद्र है. हालांकि उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में गुरुद्वारा हेमकुंड साहिब और रीठा साहिब दो सुप्रसिद्ध गुरुद्वारे भी मौजूद हैं. लेकिन उधमसिंह नगर जिले में स्थित गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब देश से लेकर विदेश तक लाखों लोगों की सैकड़ों सालों से धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है. नानकमत्ता साहिब गुरुद्वारे के इतिहास की बात करें, तो आज से लगभग 516 साल पहले सिखों के प्रथम गुरु श्री गुरुनानक देव जी अपनी तीसरी उदासी के समय हिमालय यात्रा पर नानकमत्ता पहुंचे थे. उस समय यह स्थान गोरखमत्ता के रूप में जाना जाता था. क्योंकि इस स्थान पर उस दौर में सिद्धों का प्रमुख वास था. उस समय गुरु नानक देव जी ने इस स्थान पर मौजूद पीपल के पेड़ के नीचे अपना आसन जमाया था. कहा जाता है कि गुरु नानक देव जी के पेड़ के नीचे आसन जमाते ही सूखा पीपल का पेड़ हरा भरा हो गया. आज भी उस चमत्कारी पीपल के पेड़ की जड़ें जमीन से पांच से छह फीट ऊपर हैं. यह पेड़ करीब 516 साल से हरा भरा है. तभी से यह स्थान जहां लोगों की आस्था का केंद्र बना, वहीं बाद में गुरुद्वारा नानकमत्ता साहिब का इसी पवित्र स्थान पर 1935 में भव्य निर्माण हुआ. नानकमत्ता गुरुद्वारा साहिब में लोगों की आस्था की बात की जाए, तो सिख धर्म ही नहीं, वरन अन्य सभी धर्म के लोगों की भी इस धर्मिक स्थल पर अपनी आस्था है. हर साल लाखों तीर्थ यात्री गुरुद्वारा नानकमत्ता साहिब में मत्था टेक अपनी मनोकामनाओं को पूरी करने की प्रार्थना करते हैं. इस खूबसूरत धर्मिक स्थल में जहां लोगों को सुकून और शांति मिलती है, वहीं चमत्कारी पीपल के पेड़ के दर्शन कर इसमें नमक व झाड़ू चढ़ाने की भी मान्यता है. कहा जाता है कि ऐसा करने से चर्म रोग ठीक हो जाते हैं. गुरुद्वारा नानकमत्ता साहिब करीब सवा पांच सौ साल के गौरवशाली इतिहास को अपने में समेटे है. गुरुनानक देव जी के चमत्कार से प्रभावित होकर बाद में नवाब मेंहदी अली खां जिनकी यहां पर रियासत हुआ करती थी, उन्होंने गुरुद्वारा नानकमत्ता साहिब के नाम लगभग 4,500 एकड़ भूमि दान की थी. इसमें से लगभग 3,900 एकड़ भूमि नानक सागर डैम में चली गई. बची हुई 600 एकड़ भूमि में नानकमत्ता गुरुद्वारे का विशाल परिसर है. नानकमत्ता श्री गुरुद्वारा साहिब में हर वर्ष लाखों श्रद्धालु मत्था टेक उत्तराखंड के धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा देते हैं. कार्तिक मास की अमावस्या पर हर वर्ष इस गुरुद्वारे में 15 दिवसीय विशाल दीपावली मेला लगता है. इसमें देश विदेश से हर धर्म सम्प्रदाय के लोग नानकमत्ता गुरुद्वारा में पहुंच अपनी धार्मिक आस्था व्यक्त कर अपनी मनोकामनाओं को पाते हैं. गुरुद्वारा नानकमत्ता साहिब करीब सवा पांच सौ साल के गौरवशाली इतिहास को अपने में समेटे है. गुरुनानक देव जी के चमत्कार से प्रभावित होकर बाद में नवाब मेंहदी अली खां जिनकी यहां पर रियासत हुआ करती थी, उन्होंने गुरुद्वारा नानकमत्ता साहिब के नाम लगभग 4,500 एकड़ भूमि दान की थी. इसमें से लगभग 3,900 एकड़ भूमि नानक सागर डैम में चली गई. बची हुई 600 एकड़ भूमि में नानकमत्ता गुरुद्वारे का विशाल परिसर है. नानकमत्ता श्री गुरुद्वारा साहिब में हर वर्ष लाखों श्रद्धालु मत्था टेक उत्तराखंड के धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा देते हैं. कार्तिक मास की अमावस्या पर हर वर्ष इस गुरुद्वारे में 15 दिवसीय विशाल दीपावली मेला लगता है. इसमें देश विदेश से हर धर्म सम्प्रदाय के लोग नानकमत्ता गुरुद्वारा में पहुंच अपनी धार्मिक आस्था व्यक्त कर अपनी मनोकामनाओं को पाते हैं. नानकमत्ता ऐतिहासिक तीर्थ धाम गुरु का स्थान है जो आम जन को नई राह और नई दिशा दिखाता है। गुरु नानक देव जी महाराज मानवता की मिसाल हैं। उन्होंने नानकमत्ता में अनेक दीन-दुखियों और जरूरतमंदों की स्वयं मदद करके उन्हें समाज सेवा का सच्चा रास्ता दिखाया। ऊंच-नीच, जात-पात का भेदभाव न कर उन्होंने सभी को दीन-दुखियों की सेवा करने का उपदेश दिया।
नानकमत्ता गुरु नानक देव जी की साधना, चमत्कारों तथा समाज सेवा का प्रतीक स्थल है जो सर्वधर्म समभाव की सीख देता है। यहां उन्होंने अपने शिष्यों को मानव कल्याण के लिए साम्प्रदायिक सौहार्द की ज्योति जगाने का आदेश दिया था। लेखक ने अपने निजी विचार व्यक्त किए हैं।लेखक वर्तमान में दून विश्वविद्यालय में कार्यरत हैं।

Share15SendTweet10
Previous Post

राजकीय महाविद्यालय तलवाड़ी में मतदान के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया गया

Next Post

नगर निकाय सामान्य निर्वाचन की तैयारियां शुरू

Related Posts

उत्तराखंड

उद्योगों के लिए नियामक नहीं, सहयोगी और सहभागी की भूमिका निभा रही राज्य सरकार : मुख्यमंत्री

October 8, 2026
6
उत्तराखंड

उत्तराखंड में पर्यटन ही नहीं पर्यावरण और पारिस्थितिकी तंत्र का संरक्षण भी ज़रूरी

October 8, 2026
4
उत्तराखंड

केदारनाथ धाम में कथित वसूली के आरोपों पर यात्रियों का हंगामा

October 8, 2026
6
उत्तराखंड

पहाड़ की कृषि आर्थिकी को संवार सकता है ओगल

October 8, 2026
4
उत्तराखंड

प्रसिद्ध फिल्म अभिनेत्री रानी मुखर्जी ने गुरुवार को श्री बदरीनाथ धाम पहुंचकर भगवान बदरीविशाल के दर्शन एवं पूजा-अर्चना की

October 8, 2026
6
उत्तराखंड

देहरादून: मालदेवता के शिव जूनियर हाई स्कूल में ‘सिविक सेंस’ पर जागरूकता सत्र

October 8, 2026
27

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Popular Stories

  • चार जिलों के जिलाधिकारी बदले गए

    67751 shares
    Share 27100 Tweet 16938
  • डोईवाला : पुलिस,पीएसी व आईआरबी के जवानों का आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण सम्पन्न

    45794 shares
    Share 18318 Tweet 11449
  • ऑपरेशन कामधेनु को सफल बनाये हेतु जनपद के अन्य विभागों से मांगा गया सहयोग

    38079 shares
    Share 15232 Tweet 9520
  •  ढहते घर, गिरती दीवारें, दिलों में खौफ… जोशीमठ ही नहीं

    37459 shares
    Share 14984 Tweet 9365
  • विकासखंड देवाल क्षेत्र की होनहार छात्रा ज्योति बिष्ट ने किया उत्तराखंड का नाम रोशन

    37382 shares
    Share 14953 Tweet 9346

Stay Connected

संपादक- शंकर सिंह भाटिया

पता- ग्राम एवं पोस्ट आफिस- नागल ज्वालापुर, डोईवाला, जनपद-देहरादून, पिन-248140

फ़ोन- 9837887384

ईमेल- shankar.bhatia25@gmail.com

 

Uttarakhand Samachar

उत्तराखंड समाचार डाॅट काम वेबसाइड 2015 से खासकर हिमालय क्षेत्र के समाचारों, सरोकारों को समर्पित एक समाचार पोर्टल है। इस पोर्टल के माध्यम से हम मध्य हिमालय क्षेत्र के गांवों, गाड़, गधेरों, शहरों, कस्बों और पर्यावरण की खबरों पर फोकस करते हैं। हमारी कोशिश है कि आपको इस वंचित क्षेत्र की छिपी हुई सूचनाएं पहुंचा सकें।
संपादक

Browse by Category

  • Bitcoin News
  • Education
  • अल्मोड़ा
  • अवर्गीकृत
  • उत्तरकाशी
  • उत्तराखंड
  • उधमसिंह नगर
  • ऋषिकेश
  • कालसी
  • केदारनाथ
  • कोटद्वार
  • क्राइम
  • खेल
  • चकराता
  • चमोली
  • चम्पावत
  • जॉब
  • जोशीमठ
  • जौनसार
  • टिहरी
  • डोईवाला
  • दुनिया
  • देहरादून
  • नैनीताल
  • पर्यटन
  • पिथौरागढ़
  • पौड़ी गढ़वाल
  • बद्रीनाथ
  • बागेश्वर
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • रुद्रप्रयाग
  • रुद्रप्रयाग
  • विकासनगर
  • वीडियो
  • संपादकीय
  • संस्कृति
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • साहिया
  • हरिद्वार
  • हेल्थ

Recent News

उद्योगों के लिए नियामक नहीं, सहयोगी और सहभागी की भूमिका निभा रही राज्य सरकार : मुख्यमंत्री

October 8, 2026

उत्तराखंड में पर्यटन ही नहीं पर्यावरण और पारिस्थितिकी तंत्र का संरक्षण भी ज़रूरी

October 8, 2026
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.