हरेंद्र बिष्ट की रिपोर्ट।
थराली। पिंडर घाटी की लाइफ लाइन मानें जाने वाली ग्वालदम-सिमली राष्ट्रीय राजमार्ग नारायणबगड़ से आगे आमसोड में शुक्रवार को करीब 38 घंटों के बाद यातायात के लिए खुल गई हैं जिससे पिंडर घाटी के लोगों ने राहत की सांस ली हैं। इसके साथ ही इसके साथ ही सिमली (कर्णप्रयाग) से नारायणबगड़ आने वाली 33 केवी बिजली लाइन को भी विद्युत ऊर्जा निगम ने ठीक कर करीब 40 घंटों के बाद बिजली आपूर्ति बहाल कर दी है।
गुरुवार की तड़के ग्वालदम-सिमली राष्ट्रीय राजमार्ग आमसोड़ के पास एक बड़ी चट्टान के टूटने के कारण यातायात के लिए अवरूद्ध पड़ी हुई हैं। इस स्थान पर करीब 150 से 200 मीटर लंबाई में पूरी पहाड़ी खिसक कर मार्ग में आ गिरी हैं। मार्ग पर बड़े-बड़े बोल्डरों, पेड़ों एवं भारी मात्रा में मलवा आ गया है जिससे यह मार्ग करीब 38 घंटों तक यातायात के लिए बाधित रही। गुरुवार एवं शुक्रवार को बीराओ ने मशीनों की मदद से पिंडर घाटी की लाइफ लाइन मानें जाने वाली इस सड़क को शुक्रवार देर सांय करीब 7 बजें यातायात के लिए खोलने में सफलता हासिल कर ली है, मार्ग के खुल जाने पर पिंडर घाटी के लोगों ने राहत की सांस ली हैं।आमसोड़ में पहाड़ी के खिसकने से 123 केवी सब स्टेशन सिमली से नारायणबगड़, थराली, देवाल को आने वाली 33 केवी बिजली लाइन भी क्षतिग्रस्त हो गई थी। जिससे पिंडर घाटी के तीनों ब्लाकों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई थी।ऊर्जा निगम के एसडीओ अतुल कुमार ने बताया कि सड़क खुलने के बाद गए पोलों को गाड़ने के साथ ही नई लाइन को खीच कर शुक्रवार की देर रात करीब 9 बजें क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बहाल करने में निगम ने सफलता हासिल कर ली है।











