• About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact
Uttarakhand Samachar
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
Uttarakhand Samachar
No Result
View All Result

विलुप्ति की कगार पर पेट के कीड़ों का दुश्मन जामिर

02/12/24
in अल्मोड़ा, उत्तराखंड, चमोली, देहरादून, हेल्थ
Reading Time: 1min read
50
SHARES
63
VIEWS
Share on FacebookShare on WhatsAppShare on Twitter
https://uttarakhandsamachar.com/wp-content/uploads/2025/11/Video-60-sec-UKRajat-jayanti.mp4

डॉ. हरीश चन्द्र अन्डोला
भारत में उगाए जाने वाले तमाम फलों में नीबू प्रजाति के फलों की खास जगह है. इन में विटामिन ए, बी, सी व खनिज काफी मात्रा में पाए जाते हैं. नीबू वर्गीय फलों में मौसमी, जामिर माल्टा, संतरा व नीबू वगैरह खास हैं. नीबू प्रजाति के फल तमाम तरह की जलवायु में उगाए जाते हैं. जामिर व मौसमी के उत्पादन के लिए गरमी के मौसम में अच्छी गरमी व सर्दी के मौसम में अच्छी सर्दी सही रहती है. इन के लिए शुष्क जलवायु जहां पर बारिश 50-60 सेंटीमीटर होती है, सही रहती है. संतरा व नीबू के लिए गरम, पाला रहित व नम जलवायु जहां बारिश 100-150 सेंटीमीटर होती है, सही रहती है. नीबू हर जगह उगाया जा सकता है. वैज्ञानिक नाम साइट्रस  आशा मेनसिस है। विटामिन-सी से भरपूर जामिर का अपने पहाड़ पर सदियों से दवा के रूप में उपयोग होता रहा है। जामिर के रस को पकाकर उससे तैयार काढ़े का चटनी में प्रयोग किया जाता है। काढ़ा लंबे समय तक सुरक्षित रहता है। जामिर के काढ़े की दो-चार बूंदे पेट के कीड़ों को मारने में सक्षम हैं। पहले कूटा, जमतड़ी, अस्कोट, बगड़ीहाट में जामिर बहुतायत में होता था। अब इलाके में जामिर के 8-10 ही पेड़ रह गए हैं। बुजुर्ग कहते हैं कि पहले पहाड़ पर जामिर बहुत ज्यादा होता था। सर्दियों में नमक, चीनी, शहद डालकर लोग जामिर खाते थे। पहले अस्पताल नहीं हुआ करते थे तो उस समय पेट के कीड़ों को मारने के लिए जामिर का ही सहारा था। आजकल की पीढ़ी इसका उपयोग नहीं जानती है। कहते हैं जामिर को संरक्षित करने की जरूरत है। उद्यान सचल दल प्रभारी कहते हैं कि नीबू और बड़ा नीबू (चूख) के पौधे उपलब्ध हैं, लेकिन जामिर के पौधे उपलब्ध नहीं हैं।जामिर पेट के कीड़े मारने में कारगर है। यह मानव और जानवरों पर एक सा असर करता है। इसका कास्मेटिक इंडस्ट्रीज में भी उपयोग होता है। पकाया रस सालों तक काम आता है नीबू प्रजाति का जामिर विलुप्ति की कगार पर पहुंच गया है। संरक्षण का अभाव जामिर के अस्तित्व के लिए खतरा बन गया है। जामिर फल औषधीय गुणों से युक्त है। इसके लिए प्रख्यात डीडीहाट विकासखंड का जामिर गांव में जामिर फल के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है। 30 साल पहले गांव में बहुतायत में जामिर का उत्पादन होता था। यहां की मिट्टी से जामिर की खुशबू की महक आती थी, लेकिन पिछले 10 साल से जामिर का फल ढूंढने से भी मिलना मुश्किल हो गया है।जमतड़ी गांव का जामिर तोक तीस साल पहले जामिर फल के नाम से जाना जाता था। क्षेत्र में बहुतायत में जामिर फल होने के कारण लोगों ने इस क्षेत्र का नाम जामिर रख दिया। गांव के लोग जामिर फल बेचकर जीवनयापन करते थे। औषधीय गुणों से भरपूर होने के कारण अधिकतर परिवार इसका रस निकालने के बाद इसका काढ़ा बनाकर बेचते थे, लेकिन पिछले दस सालों में ग्रामीणों के इस फल को नजर लग गई है। संरक्षण के अभाव और पेड़ों को रोग लगने के कारण जामिर फल अपनी अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है। अब क्षेत्र में मात्र दस पेड़ ही बचे हैं। खूटा, जमतड़ी, अस्कोट, बगड़ीहाट में जामिर फल होता था। जामिर का रस पेट के कीड़े मारने में कारगर साबित होता है। जामिर का रस मनुष्य और जानवरों पर समान असर करता है। सौंदर्य प्रसाधन के उत्पादों में भी इसका उपयोग होता है। इसका संरक्षण करना जरूरी है। पहले क्षेत्र में बहुतायत में जामिर का उत्पादन होता था। चटनी, आचार में इसका बहुतायत उपयोग होता है। पहले पेट में कीड़े होने पर लोग इसी के काढ़े का प्रयोग करते थे। सर्दियों में भी इसका प्रयोग फायदेमंद है। एक दौर था जब सोरघाटी और उसके आस-पास के इलाकों में सिट्रस फलों का जमकर पैदावार होता था. लेकिन पिछले एक दशक में जहां सिट्रस फलों की पैदावार कम हुई है, वहीं इन फलों की गुणवत्ता में भी कमी आई है. उच्च हिमालयी इलाकों में सिट्रस फलों की पैदावार आज भी अच्छी है. इन इलाकों में पैदा होने वाले नींबू प्रजाति के फलों में उच्च क्वालिटी का विटामिन “सी” होता है, लेकिन निचले इलाकों में अब ये पूरी तरह खत्म होने की कगार पर है. बदलते मौसम का असर पर्वतीय इलाकों की बागवानी पर भी देखने को मिल रहा है। खासकर सोरघाटी पिथौरागढ़ में सिट्रस फलों की पैदावार में। एक दौर था जब सोरघाटी और उसके आस-पास के इलाकों में सिट्रस फलों जमकर पैदावार होती थी। लेकिन पिछले एक दशक में जहां सिट्रस फलों की पैदावार कम हुई है, वहीं इन फलों की गुणवत्ता में भी कमी आई है। उच्च हिमालयी इलाकों में सिट्रस फलों की पैदावार आज भी अच्छी है। इन इलाकों में पैदा होने वाले नींबू प्रजाति के फलों में उच्च क्वालिटी का विटामिन “सी” होता है। लेकिन निचले इलाकों में अब ये पूरी तरह खत्म होने की कगार पर है। साथ ही इन फलों की गुणवत्ता भी काफी कमी आयी है। सिट्रस फलों कम हो रही पैदावार ने कास्तकारों की रोजी-रोटी को संकट में डाल दिया है। जानकार इसके लिए बढ़ते तापमान को वजह बता रहे हैं। साथ ही बागवानी की नई तकनीक की कमी भी सिट्रस फलों की कम पैदावार के लिए जिम्मेदार है।इसके लिए अभी से ही प्रकृति संरक्षण की दिशा में काम करने की जरूरत है.लेखक ने अपने निजी विचार व्यक्त किए हैं।लेखक वर्तमान में दून विश्वविद्यालय में कार्यरत हैं।

Share20SendTweet13
Previous Post

सोल डुंग्री – रतगांव मोटर सड़क 6 माह बाद भी यातायात के लिए नहीं खुल पाया

Next Post

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को डाट काली मंदिर देहरादून में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस वे के निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया

Related Posts

उत्तराखंड

ग्राम पंचायत तलवाड़ी में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन

April 18, 2026
6
उत्तराखंड

संगीत विभाग क़े तत्वाधान में प्रतियोगिताओं का आयोजन

April 18, 2026
21
उत्तराखंड

खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की टीमों द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में चलाया सघन निरीक्षण अभियान

April 18, 2026
19
उत्तराखंड

एंट्रीड्रग सेल एवं स्वीप क्लब के संयुक्त तत्वाधान में भाषण प्रतियोगिता का आयोजन

April 18, 2026
12
उत्तराखंड

डोईवाला: क्षेत्र पंचायत की बैठक में गूंजे जनसमस्याओं के मुद्दे

April 17, 2026
83
उत्तराखंड

उत्तराखंड में हजारों हेक्टेयर रिजर्व फॉरेस्ट पर अवैध कब्जा

April 17, 2026
20

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Popular Stories

  • चार जिलों के जिलाधिकारी बदले गए

    67671 shares
    Share 27068 Tweet 16918
  • डोईवाला : पुलिस,पीएसी व आईआरबी के जवानों का आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण सम्पन्न

    45776 shares
    Share 18310 Tweet 11444
  • ऑपरेशन कामधेनु को सफल बनाये हेतु जनपद के अन्य विभागों से मांगा गया सहयोग

    38050 shares
    Share 15220 Tweet 9513
  •  ढहते घर, गिरती दीवारें, दिलों में खौफ… जोशीमठ ही नहीं

    37438 shares
    Share 14975 Tweet 9360
  • विकासखंड देवाल क्षेत्र की होनहार छात्रा ज्योति बिष्ट ने किया उत्तराखंड का नाम रोशन

    37329 shares
    Share 14932 Tweet 9332

Stay Connected

संपादक- शंकर सिंह भाटिया

पता- ग्राम एवं पोस्ट आफिस- नागल ज्वालापुर, डोईवाला, जनपद-देहरादून, पिन-248140

फ़ोन- 9837887384

ईमेल- shankar.bhatia25@gmail.com

 

Uttarakhand Samachar

उत्तराखंड समाचार डाॅट काम वेबसाइड 2015 से खासकर हिमालय क्षेत्र के समाचारों, सरोकारों को समर्पित एक समाचार पोर्टल है। इस पोर्टल के माध्यम से हम मध्य हिमालय क्षेत्र के गांवों, गाड़, गधेरों, शहरों, कस्बों और पर्यावरण की खबरों पर फोकस करते हैं। हमारी कोशिश है कि आपको इस वंचित क्षेत्र की छिपी हुई सूचनाएं पहुंचा सकें।
संपादक

Browse by Category

  • Bitcoin News
  • Education
  • अल्मोड़ा
  • अवर्गीकृत
  • उत्तरकाशी
  • उत्तराखंड
  • उधमसिंह नगर
  • ऋषिकेश
  • कालसी
  • केदारनाथ
  • कोटद्वार
  • क्राइम
  • खेल
  • चकराता
  • चमोली
  • चम्पावत
  • जॉब
  • जोशीमठ
  • जौनसार
  • टिहरी
  • डोईवाला
  • दुनिया
  • देहरादून
  • नैनीताल
  • पर्यटन
  • पिथौरागढ़
  • पौड़ी गढ़वाल
  • बद्रीनाथ
  • बागेश्वर
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • रुद्रप्रयाग
  • रुद्रप्रयाग
  • विकासनगर
  • वीडियो
  • संपादकीय
  • संस्कृति
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • साहिया
  • हरिद्वार
  • हेल्थ

Recent News

ग्राम पंचायत तलवाड़ी में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन

April 18, 2026

संगीत विभाग क़े तत्वाधान में प्रतियोगिताओं का आयोजन

April 18, 2026
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.