• About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact
Uttarakhand Samachar
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
Uttarakhand Samachar
No Result
View All Result

ज्योतिर्मठ में भीषण लैंडस्लाइड, फसलें बर्बाद

01/08/26
in उत्तराखंड, चमोली
Reading Time: 1min read
10
SHARES
12
VIEWS
Share on FacebookShare on WhatsAppShare on Twitter

 

डॉ० हरीश चन्द्र अन्डोला
उत्तराखंड के सीमांत चमोली जनपद में लगातार हो रही बारिश के चलते पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाएं बढ़ने लगी हैं. ज्योतिर्मठ विकासखंड के किमाना गांव में गुरुवार को एक बार फिर पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर आने से कई आवासीय भवन खतरे की जद में आ गए. भूस्खलन के बाद ग्रामीणों में दहशत फैल गई. कई परिवारों को अपने घर छोड़कर विद्यालय तथा अन्य सुरक्षित स्थानों में शरण लेनी पड़ी. ग्रामीणों के अनुसार पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही वर्षा के कारण पहाड़ी की मिट्टी पूरी तरह गीली हो चुकी है. इसके चलते पहाड़ी का हिस्सा बार-बार दरक रहा है और मलबे के साथ बड़े-बड़े पत्थर गांव की ओर आ रहे हैं. कई मकानों में मलबा घुसने से लोगों को भारी नुकसान पहुंचा है. हालांकि फिलहाल किसी जनहानि की सूचना नहीं है.  भूस्खलन की चपेट में आकर गांव के मंदिर की भोग मंडी तथा उसकी सुरक्षा दीवार भी क्षतिग्रस्त हो गई है. ग्रामीणों का कहना है कि पहाड़ी से अभी भी रुक-रुक कर मलबा और बोल्डर गिर रहे हैं, जिससे पूरे गांव में भय का माहौल बना हुआ है. लोगों ने पूरी रात दहशत के बीच बिताई और प्रशासन से प्रभावित परिवारों के लिए सुरक्षित आवास, राहत सामग्री तथा स्थायी सुरक्षा उपाय किए जाने की मांग की है. प्रशासन को घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं. प्रभावित क्षेत्र का आकलन किया जा रहा है और हालात सामान्य होने तक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है. उधर, लगातार बारिश का असर जिले के सड़क नेटवर्क पर भी दिखाई दे रहा है. नंदप्रयाग–नंदानगर मोटर मार्ग मंगरोली के समीप पहाड़ी से भारी बोल्डर गिरने के कारण अवरुद्ध हो गया. इससे दोनों ओर वाहनों की आवाजाही ठप हो गई. वहीं पोखरी–गोपेश्वर मोटर मार्ग विशाल तिराहे से पहले हुए भारी भूस्खलन के कारण बंद हो गया है. सड़कें बंद होने से स्थानीय लोगों और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम साफ होने तक संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है. सड़कों को खोलने के लिए संबंधित विभागों की मशीनें मौके पर भेजी गई हैं, जबकि किमाना गांव में हालात पर लगातार निगरानी रखी जा रही है. स्थानीय लोगों के अनुसार, गांव में अभी भी भूस्खलन का सिलसिला जारी है। लगातार गिर रहे मलबे और चट्टानों के कारण ग्रामीणों में भय का माहौल है। लोग प्रशासन से जल्द राहत और सुरक्षा उपायों की मांग कर रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों और ढलानों के पास जाने से बचें तथा केवल सुरक्षित स्थानों पर ही रहें।प्रशासन ने लोगों से मौसम सामान्य होने तक अनावश्यक यात्रा से बचने और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। बंद मार्गों को खोलने के लिए संबंधित विभागों की मशीनें मौके पर तैनात कर दी गई हैं, जबकि किमाना गांव में राहत एवं निगरानी कार्य लगातार जारी है।चमोली में हो रही लगातार बारिश के चलते जनजीवन प्रभावित हो चुका है. बदरीनाथ हाईवे पर अलग-अलग स्थान पर भूस्खलन जैसी समस्याएं निरंतर बनी हुई हैं. ऐसे में आवाजाही करना किसी मुसीबत से काम नहीं है. प्राकृतिक रूप से भूस्खलन के प्रति संवेदनशील क्षेत्र होने के कारण अनधिकृत इमारतों के बढ़ते निर्माण से प्रभावित हुए हैं। ज्योतिर्मठ में भूस्खलन के लगभग तीन साल बाद भी सरकार के साथ हुए 11 सूत्री समझौते पर उचित कार्रवाई न होने पर जेएसएस ने निराशा व्यक्त की।अधिकारियों को सौंपे गए ज्ञापन में समिति ने आरोप लगाया कि केंद्र द्वारा स्थिरीकरण कार्य के लिए 1,640 करोड़ रुपये स्वीकृत किए जाने के बाद शुरू किए गए कार्यों में गंभीर अनियमितताएं हैं। शहर में प्रभावित 55 इमारतों को गिराए जाने का विरोध करते हुए समिति ने आरोप लगाया कि वैज्ञानिक इंजीनियरिंग दृष्टिकोण अपनाने के बजाय, अधिकारी आपदा प्रभावित परिवारों को बर्बाद करने की कोशिश कर रहे हैं।समिति के समन्वयक ने कहा कि आपदा प्रभावित परिवारों को वैकल्पिक आवास उपलब्ध कराए जाने तक उनके घरों को नहीं गिराया जाना चाहिए। उन्होंने प्रभावित परिवारों की जमीन और पुश्तैनी घरों के मुआवजे सहित कई मांगें भी रखीं। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे विरोध प्रदर्शन को और तेज करेंगे।लेखक विज्ञान व तकनीकी विषयों के जानकार दून विश्वविद्यालय में कार्यरत हैं.

Share4SendTweet3
Previous Post

दून पुस्तकालय में प्रख्यात कार्टूनिस्ट ई. पी. उन्नी ने ‘असहमति की कला’ पर दिया प्रेरक व्याख्यान

Next Post

पहाड़ की नियति आज भी कंधों पर ‘जिंदगी’

Related Posts

उत्तराखंड

यूकास्ट के महानिदेशक प्रो० दुर्गेश पंत ने विज्ञान और अनुसंधान की कई पद्धतियों को आसान बना दिया

November 8, 2026
13
उत्तराखंड

नारायणबगड़ के सनेड गांव में 28 वर्षीय युवती की करंट लगने के कारण मौत

November 8, 2026
95
उत्तराखंड

तलवाडी के ग्राम लोड़ा में दुकानों एवं गोदाम में भीषण आग से लाखों का सामान स्वाहा

November 8, 2026
253
उत्तराखंड

गृह मंत्री अमित शाह एवं मुख्यमंत्री धामी ने लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी और अभिनेता हेमंत पांडे को लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार से किया सम्मानित

November 8, 2026
11
उत्तराखंड

मुख्यमंत्री ने तृतीय प्रवासी उत्तराखण्डी सम्मेलन की तैयारियों की समीक्षा की

November 7, 2026
12
उत्तराखंड

खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा दीपावली पर्व पर चलाया विशेष अभियान, खाद्य सामग्री के लिए 92 नमूने

November 7, 2026
23

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Popular Stories

  • चार जिलों के जिलाधिकारी बदले गए

    67760 shares
    Share 27104 Tweet 16940
  • डोईवाला : पुलिस,पीएसी व आईआरबी के जवानों का आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण सम्पन्न

    45795 shares
    Share 18318 Tweet 11449
  • ऑपरेशन कामधेनु को सफल बनाये हेतु जनपद के अन्य विभागों से मांगा गया सहयोग

    38084 shares
    Share 15234 Tweet 9521
  •  ढहते घर, गिरती दीवारें, दिलों में खौफ… जोशीमठ ही नहीं

    37463 shares
    Share 14985 Tweet 9366
  • विकासखंड देवाल क्षेत्र की होनहार छात्रा ज्योति बिष्ट ने किया उत्तराखंड का नाम रोशन

    37389 shares
    Share 14956 Tweet 9347

Stay Connected

संपादक- शंकर सिंह भाटिया

पता- ग्राम एवं पोस्ट आफिस- नागल ज्वालापुर, डोईवाला, जनपद-देहरादून, पिन-248140

फ़ोन- 9837887384

ईमेल- shankar.bhatia25@gmail.com

 

Uttarakhand Samachar

उत्तराखंड समाचार डाॅट काम वेबसाइड 2015 से खासकर हिमालय क्षेत्र के समाचारों, सरोकारों को समर्पित एक समाचार पोर्टल है। इस पोर्टल के माध्यम से हम मध्य हिमालय क्षेत्र के गांवों, गाड़, गधेरों, शहरों, कस्बों और पर्यावरण की खबरों पर फोकस करते हैं। हमारी कोशिश है कि आपको इस वंचित क्षेत्र की छिपी हुई सूचनाएं पहुंचा सकें।
संपादक

Browse by Category

  • Bitcoin News
  • Education
  • अल्मोड़ा
  • अवर्गीकृत
  • उत्तरकाशी
  • उत्तराखंड
  • उधमसिंह नगर
  • ऋषिकेश
  • कालसी
  • केदारनाथ
  • कोटद्वार
  • क्राइम
  • खेल
  • चकराता
  • चमोली
  • चम्पावत
  • जॉब
  • जोशीमठ
  • जौनसार
  • टिहरी
  • डोईवाला
  • दुनिया
  • देहरादून
  • नैनीताल
  • पर्यटन
  • पिथौरागढ़
  • पौड़ी गढ़वाल
  • बद्रीनाथ
  • बागेश्वर
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • रुद्रप्रयाग
  • रुद्रप्रयाग
  • विकासनगर
  • वीडियो
  • संपादकीय
  • संस्कृति
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • साहिया
  • हरिद्वार
  • हेल्थ

Recent News

यूकास्ट के महानिदेशक प्रो० दुर्गेश पंत ने विज्ञान और अनुसंधान की कई पद्धतियों को आसान बना दिया

November 8, 2026

नारायणबगड़ के सनेड गांव में 28 वर्षीय युवती की करंट लगने के कारण मौत

November 8, 2026
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.