हरेंद्र बिष्ट की रिपोर्ट।
थराली।
कल शनिवार से नंदा सिद्धपीठ कुरूड़ (नंदानगर) से भव्य रूप से नंदा देवी लोक जात यात्रा का शुभारंभ होगा, यात्रा की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। यात्रा रूट पर लोकजात यात्रा का भव्य रूप से स्वागत किया जाएगा।
केंद्रीय समिति मां नंदादेवी राजराजेश्वरी बधाण थराली के अध्यक्ष सुशील रावत एवं सचिव पृथ्वी सिंह बुटोला ने बताया कि 3 से 5 सितंबर तक नंदा सिद्धपीठ कुरूड़ नंदानगर में नंदा मेले के आयोजन के बाद शनिवार कल को लोकजात यात्रा का नंदा सिद्धपीठ कुरूड़ से से शुरू होगी यात्रा सांयकाल 3 बजें सिद्धपीठ कुरूड़ से प्रस्थान कर अपने पहले पड़ाव चरबंग गांव पहुंचेगी जहां पर देवी जागरण किया जाएगा। इसके बाद यात्रा अपने 13 पड़ावों अर्थात 13 दिनों की यात्रा पूरी करने के बाद 14 वें दिन नंदा सप्तमी के पर्व पर 18 सितंबर को निर्जन पड़ाव गैरोली पातल से प्रातः वेदनी बुग्याल पहुंचेगी जहां पर वेदनी कुंड में स्नान कर देवी भगवती की विधिवत जात (देवी की विशेष पूजा) के बाद लोकजात यात्रा उसी दिन आली बुग्याल होते वापस लौट पड़ेगी और वापसी के पहले पड़ाव बांक गांव पहुंचेगी। इसके बाद यात्रा 25 सितंबर को ढुगाखोली गांव से भेटा गांव होते हुए नंदा सिद्धपीठ देवराड़ा (थराली) पहुंचेगी जहां पर विधि-विधान से देवी पूजन के साथ बधाण की नंदादेवी की उत्सव डोली 6 माह के प्रवास पर देवराड़ा मंदिर के गर्भगृह में विराजमान हो जाएगी।रावत एवं बुटोला ने बताया कि इस मौके पर देवराड़ा में 25 सितंबर को एक नंदा देवी मेले का भी आयोजन किया जाएगा। बताया कि नंदा लोकजात यात्रा को भव्य रूप से आयोजित किया जाएगा, यात्रा मार्ग एवं पड़ावों में यात्रा का भव्य रूप से स्वागत करने के लिए समिति के द्वारा लगातार ग्रामीणों एवं पड़ाव समितियों से संपर्क बनाए हुए हैं। बताया कि समिति 2027 में प्रस्तावित श्री नंदादेवी राजजात यात्रा की तैयारियों के लिए भी पूरी तरह से सक्रिय हैं। यात्रा रूट में अवस्थापना विकास के लिए लगातार राजजात समिति के माध्यम से प्रस्ताव सरकार को भेज रही हैं।











