हरेंद्र बिष्ट की रिपोर्ट।
थराली।
आवासीय मकान के करीब शव दफनाने के लिए कब्र खोदने को लेकर विवाद हों गया था, राजस्व विभाग के हस्तक्षेप एवं पूराने कब्रिस्तान में कब्र खोद कर शव दफनाने के बाद मामला शांत हुआ, हालांकि समुदाय विशेष ने जिस स्थान पर कब्र खोदी जा रही थी उसे कब्रस्तान की भूमि होने का दावा किया हैं।जिस पर राजस्व विभाग ने परीक्षण करने की बात कही हैं।
थराली नगर पंचायत के अंतर्गत अपर बाजार वार्ड में आमना बेगम पत्नी शफात नसीम का गत दिवस इंतकाल हो गया था।जिसे दफनाने के लिए एक आवासीय मकान के पास गुरुवार को कब्र खोदना शुरू ही किया था कि खुदान को लेकर विवाद शुरू हो गया। कब्रिस्तान के रास्ते के नीचे गधेरे के पास जिस स्थान पर कब्र खोदी जा रही थी उसके पास ही जयकिशन का आवासीय मकान हैं, मकान के नीचे कब्र खोदे जाने का जयकिशन और उनके परिजनों ने विरोध करना शुरू कर दिया,उनका कहना था कि आवासीय मकान के समीप कब्र बनाने के बजाय पुराने कब्रिस्तान में ही कब्र खोद कर मृतक को दफनाया जाएं,इसे लेकर काफी देर तक वाद विवाद होता रहा। सूचना मिलने पर राजस्व उपनिरीक्षक मनीष गुसाईं राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचे, उन्होंने दोनो पक्षों की बातें सुनने के बाद मृतका के शव को दफनाने के लिये पुराने कब्रिस्तान में ही कब्र खोदने के निर्देश दिए, जिसके बाद पुराने कब्रस्तान में कब्र खोद कर शव को दफनाया गया।मुस्लिम समुदाय का दावा है कि जिस स्थान पर वें कब्र खोद रहे थे वह जमीन कब्रस्तान के नाम पर दर्ज हैं, मुस्लिम समुदाय के इस दावे पर और समुदाय के प्रार्थना पत्र पर राजस्व उपनिरीक्षक ने कब्रिस्तान का सीमांकन करने का आश्वासन दिया। राजस्व विभाग की सूझबूझ के चलते फिलहाल मामला शांत हो गया हैं। जांच एवं परीक्षण के बाद ही दावों की हकीकत सामने आ सकती हैं।











